Friday, June 5, 2020
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जिला कांग्रेस के अध्यक्ष जयंत ने जिला प्रशासन को लिया आड़े हाथ, पढ़िए क्या है पूरा मामला

Munaadi News

रायगढ़ मुनादी।
पिछले कुछ दिनों से जिले के बरमकेला ब्लॉक का ग्राम पंचायत बार का मामला चर्चा का विसय बना हुवा है। साथ कांग्रेस समर्थित सरपंचों पर बीजेपी के दबाव में द्वेष पूर्ण कार्रवाई करना या फिर बीजेपी में प्रवेश करा कर भाजपा के लिए काम करने व पार्टी में शामिल कराने की कार्रवाई को लेकर और अधिकारियो पर दबाव बना कर पार्टी में शामिल नहीं होने पर कार्रवाई कराने का मामला सामने आ चुका है और सुर्ख़ियो में भी है। इस मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी कलेक्ट्रेट का घेराव कर इस मुद्दे पर जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौपा था।
अब इस मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जयंत ठेठवार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि ग्राम पंचायत बार की पंचायत सचिव का निलम्बन व टॉयलेट घोटाले की जांच एक सिक्के के ही दो पहलू हैं। दोनो मामलों में जिला प्रशासन द्वारा की गयी कार्यवाही भारतीय जनता पार्टी को राजनैतिक नुकसान से बचाने की दृष्टि से की गयी है। ग्राम बार के सरपंच के विरूद्ध ग्रामवासियों की कई शिकायतें थी जिसकी जांच भी चल रही थी उसी समय सरपंच को अभयदान का प्रलोभन देकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल करवा दिया गया। इसकी प्रतिक्रिया में ग्रामवासियों ने आक्रोशित होकर जब गाँव के मुहाने पर बाकायदा बैनर लगाकर भाजपा के दो बड़े जनप्रतिनिधियों का गाँव में प्रवेश निषिद्ध कर दिया तो डैमेज कंट्रोल हेतु आनन-फानन में दबावपूर्वक सचिव को निलंबित करा दिया गया ताकि ग्रामवासियों के आक्रोश को थामा जा सके।
इसी प्रकार टॉयलेट घोटाला की जांच में जिला प्रशासन विलम्ब कर टॉयलेट निर्माण में खामिया को दूर करके ठेकेदारों व निगम आयुक्त को आवश्यक सुधार करके बचने का समय दिया जा रहा है। निगम आयुक्त भी कमी को पूरा करने के कार्य को युद्व स्तर पर भिड़े हुये हैं । आयुक्त जितना भी प्रयास कर ले किंतु शिकायतकर्ता के पास घोटाले के पर्याप्त साक्ष्य रखे हुये हैं। वस्तु स्थिति तो जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा किन्तु जिला प्रशासन की इन दोनों कार्यवाहियों से स्पष्ट होता है जिला प्रशासन राजनैतिक दुर्भावना के तहत काम कर रहा है। इन परिस्थितियों में अगला विधानसभा चुनाव निष्पक्ष ढंग से संचालित हो पायेगा इसको लेकर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है। अतः संदेहास्पद कार्यप्रणाली वाले अधिकारियों को जिले से अन्यत्र भेजा जाये तथा दोनों मामलों की निष्पक्ष जाँच करके दोषियों पर तत्काल कार्यवाही की जावे।

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