Saturday, July 20, 2019
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कुछ कर गुजरने तत्पर है युवा अधिकारियों की ये टोली, सोशल पोलिसिंग से सोशल एडमिनिस्ट्रेशन तक साथ-साथ, पढिये पूरी खबर

कोटा(बिलासपुर)से जावेद खान की मुनादी।।

कोटा नगर सहित कोटा-अनुविभाग में ऐसा बहुत ही कम देखने को मिला है जहा पर तेज-तर्रार युवा प्रशासनिक अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा प्रशासनिक कार्यो के अलावा सामाजिक-जनहित के कार्यो में रुचि लेते हैं,कुछ विरले-प्रशासनिक अधिकारी होते हैं,जिनके नाम की चर्चा आम आदमी के जुबान पर आ जाती है, ऐसे ही कुछ प्रशासनिक नामो की चर्चा इस समय कोटा-अनुभाग में युवा व तेजतर्रार अनुविभागीय-अधिकारी राजस्व-कोटा “आशुतोष चतुर्वेदी” व अनुविभागीय-अधिकारी-पुलिस “अभिषेक नारायण-सिंह”की जोड़ी कोटा अनुभाग में पदस्थापना के बाद से ही पूरे कोटा-नगर सहित पूरे कोटा-अनुभाग में चर्चित प्रशासनिक-अधिकारी नाम हो गया है, कोटा नगर सहित पूरे अनुभाग की फिजाएं दोनो युवा-तेजतर्रार अधिकारियों ने बदल कर रख दी है।

2013-बेच के डीएसपी ट्रेनिंग में साथ-रहे दोनो अनुविभागीय-अधिकारी

2013-बेच के डीएसपी ट्रेनिंग के दौरान दोनों वर्तमान अनुविभागीय-अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी व अभिषेक नारायण सिंह साथ-साथ रहे, ट्रेनिंग पूरी होने के बाद 2014 में आशुतोष-चतुर्वेदी डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ हुए और अभिषेक-नारायण सिंह पुलिस अनुविभागीय-अधिकारी के पद पर पदस्थ हुए, अगस्त 2018 में कोटा-अनुविभागीय-अधिकारी पुलिस के पद पर अभिषेक नारायण-सिंह ने कार्यभार संभाला पूरे विधानसभा चुनाव के दौरान बेहतर पुलिसिंग, बेहतर मैनेजमेंट के तहत अति-संवेदनशील कोटा विधानसभा क्षेत्र-2018 के चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, ठीक विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता-परिवर्तन होते ही आशुतोष चतुर्वेदी को अनुविभागीय-अधिकारी राजस्व-कोटा के पद पर आसीन हुए।

पबंधवा-तालाब के सफाई व गहरीकरण के पहल से चर्चा में आए एसडीएम कोटा डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी

गर्मी के महीनों में बढ़ते हुए तापमान नगर से लेकर गांव तक पानी की किल्लत और बेहतर पर्यावरण सहित जल-संरक्षण के लिए डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी ने कोटा नगर के सबसे पुराने तालाब जो की प्रदूषित हो चुकी थी, जलकुंभी से पाटोंपाट बंधवा-तालाब को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया स्वयं पहलकर आगे आकर प्रदूषित-तालाब की साफ-सफाई और तालाब के गहरीकरण के लिए कोटा नगर के आमजनों बुद्धिजीवियों, गणमान्य-नागरिकों राजनीतिक दलों,और मीडिया के लोगों का जनसमर्थन लेते हुए प्रदूषित बंधवा-तालाब की साफ- सफाई और गहरीकरण करने की एक प्रशासनिक पहल की जिसका असर यह हुआ, की एसडीएम कोटा डॉ. चतुर्वेदी की इस पहल से प्रदूषित हो चुकी बंधवा-तालाब फिर से जी उठी नगर के लोगों का अपार-जनसमर्थन और सहयोग प्राप्त हुआ, एक कप्तान की भूमिका निभाते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने तालाब की सफाई के साथ गहरीकरण के कार्य को संपन्न कराया कार्यालय के कार्यों को निपटाकर बंधवा तालाब की सतत-मॉनिटरिंग करते रहे, पूरा प्रशासनिक अमला लगा रहा, प्रशासनिक-कार्यों में कसावट के साथ जनहित के कार्यों में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक-अधिकारी अपनी भूमिका कैसे निभा सकते हैं, कैसे बुनियादी-सुविधाओं के लिए आमजनों को जोड़कर एक जनांदोलन का रूप देकर आमजनों को शामिल कर लोगों को जोड़ने की कोशिश की जाती है, यह संदेश देने की कोशिश एसडीएम कोटा द्वारा दी गई कि अगर नीति और नियत स्पष्ट हो तो प्रशासनिक पहल से प्रशासनिक कार्यों के अलावा जनता से जुड़ी बुनियादी चीजों जनहित के मामलों में आमजनों को जोड़कर भी बेहतर सामाजिक कार्यों में भी उनकी भूमिका सुनिश्चित कर प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किया जा सकता है, प्रशासनिक कार्यों के अलावा डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी के द्वारा जल-संरक्षण के लिए तालाबों के उन्नयन और गहरीकरण के लिए पहल का असर यह हुआ की कोटा विकासखंड के अलावा बिलासपुर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में इस कार्य प्रशंसा की हुई, जिसके बाद छत्तीसगढ़ शासन के ऑफिशियल टि्वटर हैंडल पर छत्तीसगढ़ राज्य के मुखिया मुख्यमंत्री महोदय द्वारा शुभकामनाएं प्रेषित की गई, जिसके बाद से बिलासपुर जिले के अलावा अन्य जिलों में भी जल-संरक्षण के कार्य के लिए तालाबों की साफ-सफाई गहरीकरण, बेहतर पर्यावरण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों सहित आमजनों सामाजिक-संगठनों, और राजनीतिक दलों के लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में इस कार्य को शुरू किया, एसडीएम कोटा की इस पहल ने एक जनहित-कार्यो को जनांदोलन का रूप दे दिया जल-संरक्षण के लिए।

बहिष्कार का दंश झेल रहे आदिवासी-परिवार के शव को कंधा दिया,,समाज में वापसी कराने के बाद चर्चा में आए एसडीओपी अभिषेक नारायण सिंह

विधानसभा चुनाव 2018 के पहले कोटा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के पद में पदस्थ हुए अभिषेक-नारायण सिंह तब चर्चा में आए जब शिवतरई के एक आदिवासी परिवार जो की सामाजिक बहिष्कार का दंश सालों से जेल रहा था, समाज से बहिष्कृत था, जिसकी वजह से आदिवासी-परिवार के एक महिला-सदस्य की मृत्यु हो गई थी, जिसकी अंत्येष्टि में समाज के लोग ना ही शामिल हुए थे ना ही उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए कांधा दे रहे थे सामाजिक-संगठन और मीडिया के द्वारा जानकारी देने पर स्वयं एसडीओपी कोटा अभिषेक-नारायण सिंह द्वारा स्वयं उस समय के तत्कालीन थाना प्रभारी कृष्णा पाटले सहित पूरे दलबल के साथ शिवतरई जाकर आदिवासी परिवार के प्रति संवेदना रखते हुए अपने सामाजिक-दायित्व का फर्ज निभाते हुए उस आदिवासी-महिला के शव को कांधा दिया, साथ ही पूरे सामाजिक नियमानुसार उसके अंतिम संस्कार होने तक डटे रहे, यह पुलिस-विभाग के कार्यों में यह ऐसा मामला था जिसमें पुलिस ने अपनी सामाजिक-भूमिका निभाते हुए उस आदिवासी महिला की अंत्येष्टि में शामिल होकर उस मृत-महिला के शव को कांधा दिया, जिसे समाज ने सालों से बहिष्कृत कर दिया था, समाज के इस रूढ़ीवादी परंपरा को नकारते हुए पुलिस विभाग का एक नया मानवीय चेहरा प्रस्तुत हुआ, साथ ही बहिष्कृत परिवार को समाज के मुखियाओं के बीच समाज की बैठक में बहिष्कार का दंश झेल रहे परिवार को समाज में पुनःवापसी करने में अपनी भूमिका निभाई और अन्य समाज को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की देश के संविधान और देश के कानून ने सभी को समान रूप से जीने का अधिकार दिया है, इसके अलावा कड़कड़ाती ठंड के महीनों में रेलवे स्टेशन फुटपाथ में सोए हुए गरीब तबके के लोगों को कंबल बांटने का कार्य किया, साथ ही कोटा-सामुदायिक-स्वास्थ्य केंद्र के गर्भवती-महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों को कंबल देने का कार्य एसडीओपी कोटा अभिषेक नारायण द्वारा किया गया साथ ही सरकार के बेटी-पढ़ाओ बेटी-बचाओ अभियान में अपनी हिस्सेदारी निभाते हुए बेटी को दो कंबल देने का कार्य भी किया, इसके अलावा समय-समय पर अपने फर्ज के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करते रहे।

2018 के विधानसभा-चुनाव 2019-के लोकसभा-चुनाव में अपराधिक-छवि वाले अपराधिक-तत्वों पर त्वरित कार्रवाई की कोटा-अनुभाग में सबसे ज्यादा जुआ-सट्टे पर कार्रवाई करने का श्रेय भी एसडीओपी कोटा को जाता है, कई बार कार्रवाई के दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप के बावजूद एसडीओपी कोटा अभिषेक नारायण सिंह हतोत्साहित नहीं होते गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के लिए जाने जाते है, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख और अभिषेक मीणा के समय से शुरू किए गए मिशन सिक्योर सिटी के नाम से व्यापारियों और आमजनों से सीधा संवाद बैठक कर आमजनों के सहयोग से अपने अनुभाग के थाना अंतर्गत चौक चौराहों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य किया बाकी अपराध और अपराधिक तत्वों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई और अपराधिक घटना पर अंकुश लगाया जा सके जो कि वर्तमान पुलिस-अधीक्षक के निर्देशन में वर्तमान में भी सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य जारी है,अनुभाग के थानों के अंतर्गत।

युवा-एसडीएम-एसडीओपी के मिलनसार-छवि नगर के आमजनों को भाया

संदीप शुक्ला:-पूर्व जनपद अध्यक्ष कोटा व वर्तमान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने वर्तमान एसडीएम कोटा एसडीओपी कोटा के द्वारा जनहित सामाजिक मुद्दों पर सीधे तौर पर जनता से जुड़ने का सराहनीय पहल किया है ऐसे प्रशासनिक-अधिकारियों का कोटा अनुभाग में रहना काफी गर्व की बात है, ऐसे अधिकारियों को आम जनों के साथ-साथ शासन को भी सम्मानित करना चाहिए।

कुलवंत-सिंह:-प्रदेश-कांग्रेस किसान-उपाध्यक्ष व युवा नेता ने एसडीएम कोटा व एसडीओपी कोटा के प्रशासनिक कार्यो के साथ जनहित-सामाजिक कार्यो में पहल की प्रशंसा की साथ ही एसडीएम कोटा डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी के द्वारा प्रदूषित बंधवा-तालाब के उन्नयन व जल संरक्षण के लिए किए गए गहरीकरण के लिए आभार व्यक्त किया।

अजय-अग्रवाल:-वर्तमान नगर पंचायत उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल भी ने जनहित व सामाजिक कार्यो में दोनो प्रशासनिक-अधिकारियो की भूमिका का सम्मान किया, और आगे भी ऐसे अधिकारियो के द्वारा जनहित के कार्यो में पहल करने की बात कही।

विकास-सिंह ठाकुर:-जोगी कांग्रेस के कोटा विधानसभा के बड़े नेताओं में शामिल विकास सिंह ठाकुर ने भी जनता से जुड़ी हुई बुनियादी मुद्दों पर प्रशासनिक अधिकारियों की पहल का स्वागत किया, अधिकारियों की पहल से आमजन सीधे जुड़ते हैं, जनता से सीधा सवांद होता है,खासकर बंधवा तालाब इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।

वैंकट-अग्रवाल:-भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व पर्यटन सलाहकार वैंकट अग्रवाल ने भी प्रशासनिक-अधिकारियों का आमजनों के बुनियादी-सामाजिक कार्यो में पहल का स्वागत किया आमजनों से सीधा-संवाद अधिकारी और आम जनता को जोड़ता है,आगे भी प्रशासनिक अधिकारियों अपना योगदान देते रहे।

आनंद अग्रवाल:-वनोपज ब्यापारी व कांग्रेस नेता आनंद अग्रवाल ने भी निर्जीव पड़ी बंधवा तालाब के साफ-सफाई और जल संरक्षण के लिए किए गए पहल की सराहना की है, आम आदमी और अधिकारियों के बीच सवांद स्थापित कर जोड़ने की पहल की है।

माया मिश्रा:-ब्लॉक कांग्रेस महिला अध्यक्ष माया मिश्रा ने भी प्रशासनिक-अधिकारियों के जनहित के कार्यों में आमजनों के सहयोग से लोगो को जोड़ने का कार्य सराहनीय कदम है, इस तरह के कार्यों में जनता सीधे अधिकारियों से जुड़ती है,बेहतर संवाद स्थापित होता है,दोनों प्रशासनिक-अधिकारियों का आभार।

देवेन्द्र कश्यप:-नगर कांग्रेस कमेटी के युवा अध्यक्ष व पूर्व पार्षद देवेन्द्र कश्यप(कमलू)ने कहा की इतने सालों बाद कोई कोटा में प्रशासनिक-अधिकारी द्वारा आमजनों की बुनियादी सामाजिक-कार्यो में पहल की शुरुआत पहली बार हुई है, जो कि स्वागतेय है,आगे भी जनहित से जुड़ी हुई कार्यो के लिए अधिकारियों की पहल होते रहे।

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