Monday, December 9, 2019
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यह स्कूल आज भी शिक्षक विहीन …..बाजू के शिक्षक देते हैं समय ……शिक्षा व्यवस्था सुधारने विधायक की बैठक भी नही आई काम

भगवान भरोसे संचालित हो रहा विजय नगर पूर्व माध्यमिक शाला

शिक्षा व्यवस्था सूधारने विधायक ने ली थी बैठक, एमएलए की बातें अधिकारीयों पर बेअसर

धरमजयगढ़ मुनादी। असलम खान

धरमजयगढ़ के पूर्व माध्यमिक शाला विजयनगर में पिछले दो साल से एक भी शिक्षक नहीं हैं जबकि यहाँ अध्ययनरत एक सौ से अधिक स्कूली बच्चों का भविष्य अंधकार में हैं ।मगर विडंबना देखिए की अधिकारीयों के कानो में जूं तक नहीं रेंग रहा हैं. यही बगल में प्राथमिक शाला के शिक्षक अपने स्कूल से समय निकाल कर माध्यमिक शाला के छात्रों को समय देते हैं। अधिकारी भी ऐसे गम्भीर मामले में व्यव्यस्था में लगा देने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। फिर शिक्षा गुणवत्ता की बात कैसे स्वीकार किया जा सकता है।

रायगढ़ जिले के सुदूर आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्र के नाम से मशहूर विकास खण्ड धरमजयगढ़ के ग्राम विजयनगर स्थित पूर्व माध्यमिक शाला में पिछले दो वर्ष से एक भी शिक्षक नहीं हैं। जबकी उस माध्यमिक शाला में स्कूली बच्चों की संख्या एक सौ से भी अधिक है। जहाँ पर पढ़ाने वाले एक भी पूर्णकालिक शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में आप समझ सकते हैं, कि उस विद्यालय का और वहाँ  पढ़ने वाले बच्चों का क्या हाल होगा। यह स्कूल बिन चरवाहे के गाय जैसी स्थिति बनी हुई है। बगल के शिक्षक एक शिक्षक होने के नाते अपनी नैतिक जवाबदेही को देखते हुए 3 कक्षा के 100 से अधिक छात्रों को उनका जीवन गढने में मदद कर रहे है लेकिन व्यव्यस्था है कि बदलने का नाम नही ले रही है।

जब किसी विद्यालय के एक क्लास रूम से यदी कोई शिक्षक दो मिनट के लिए बाहर चला जाता है, तो उस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे शोर गुल करना आपस में लड़ना झगड़ना ,उधम मचाना प्रारंभ कर देते हैं, पर यहाँ पर तो पिछले दो सालों से स्कूल में पढाने वाले एक भी शिक्षक नहीं हैं। ऐसी स्थिति में पूर्व माध्यमिक शाला विजयनगर के बच्चों का भविष्य क्या होगा इस बात को समझना शायद ज़्यादा कठिन नहीं हैं.इस सम्बन्ध में बात करने पर विकासखंड शिक्षाधिकारी कार्यालय से हमेशा की तरह देखते हैं करेंगे ,ऐसा हैं वैसा हैं ,मगर पानी में रहता हैं आदि नाना प्रकार से गोलमोल जवाब ही आते हैं.

विदित हो कि अभी हाल ही में चंद दिनो पहले क्षेत्रीय विधायक लालजीत सिंह ने स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सम्बंधित अधिकारीयों की बैठक ली थी जिसमे स्कूलों की सभी कमियों को जल्द से जल्द सुधार करने अधिकारीयों को सख्त निर्देश दिया था लेकिन विजयनगर नगर मिडिल स्कूल की हालत देखकर तो यही लगता हैं की विधायक की बातों का उन पर कोई असर नहीं हुआ।

बहरहाल स्कूल पिछले दो साल से बिना शिक्षक के भगवान भरोसे चल रहा है । विजय नगर मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले सैकड़ों गरीब आदिवासी बच्चों का भविष्य अंधकारमय है। वहीं दूसरी तरफ सरकार विकास के ये ढोल पीटने में लगी है, कि शिक्षा के बेहतर इंतजामात किए गये हैं, जबकी यथार्थ के धरातल पर हकीकत कुछ और ही नज़र आता है। जहां सौ -सौ बच्चे विद्यालय में पढ़ने आते हैं और शिक्षक एक भी नहीं मौजूद हैं.कुल मिलाकर यहाँ पे वही “ढाक के तीन पात” वाली कहावत चरितार्थ हो रही है.

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