Saturday, September 21, 2019
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उफ्फ, ये अच्छे दिन ! पत्नी की इलाज के लिए बच्चे को बेच दिया …… फिर भी ……..पढिये पूरी खबर

Munaadi News

सच की मुनादी ।।

गरीबी की इन्तेहाँ क्या होती है ये कोई चरवा उराँव से पूछे जो खुद और पत्नि की इलाज के लिए 3 दिन के बच्चे को बेच दिया लेकिन बच्चे की कीमत भी उसकी पत्नी की जान नही बचा पायी और वह 7 बेटा बेटियों के साथ पैसे के अभाव में गम्भीर बीमारी से जूझ रहा है ।

जशपुर के पड़ोसी राज्य झारखंड के गुमला से दिल दहला देने वाली खबर आई है ।जहाँ एक बीमार बाप ने मौत से कुझ रही पत्नि को जिंदा बचाने के लिए 3 दिन की बच्ची को 10 हजार में बेच दिया लेकिन फिर भी बीमार पत्नि की जान नही बच पायी और वह खुद भी बीमारी हालत में दुआओं का इंतज़ार कर रहा है ।

खबरों के मुताबिक चरवा उराँव गुमला से सटे ग्राम पंचायत पुग्गु का रहने वाला है ।उसकी पत्नि झबेला उराँव गर्भवती थी और डिलेवरी के बाद उसकी तबियत बिगड़ गयी और उसे सदर अस्पताल गुमला लाया गया ।चरवा पहले से ही बीमार है गरीबी के कारण ईलाज नही करा पा रहा है लेकिन डिलेवरी के बाद जब उसकी पत्नी झबेला की तबियत एकदम ख़राब हो गयी तो उसने 23 अगस्त को 3 दिन के बच्चे का 10 हजार में सौदा कर दिया लेकिन तबतक उसकी पत्नि झबेला की मौत हो गयी .बताते हैं कि चरवा के 4 बेटियां और 3 बेटे पहले से ही हैं । लेकिन 8वीं संतान को उसने पत्नि के इलाज के लिए बेच दिए।

ग्राम पंचायत पुग्गु के सरपंच बुधु टोपो का कहना है कि चरवा रिक्शा चलाकर अपने परिवार का खर्च चलाता है लेकिन कुछ दिनों से उसका रिक्शा खराब हो गया जिसके चलते वह रिक्शें की कमाई से भी मरहूम हो गया इसी बीच उसकी तबियत भी खराब हो गयी लेकिन जब तक वह अपने ईलाज के लिए पैसे का इंतज़ाम करता तबतक उसकी गर्भवती पत्नी की हालत और गम्भीर हो गयी।

बताया जाता है कि चरवा के पास राशन कार्ड तक नही है जिसके चलते उसका गोल्डन कार्ड भी नही बन पाया ऐसे में पूरा परिवार फांके की जिंदगी जी रहा है और ईलाज के लिए उसे इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा ।

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