Thursday, October 1, 2020
Home > Jashpur > इन छः धर्मबहनों ने लिया आजीवन व्रत !एशिया के दूसरे बड़े गिरजाघर में हुआ ……पढ़िये क्या है आजीवन संकल्प का मतलब

इन छः धर्मबहनों ने लिया आजीवन व्रत !एशिया के दूसरे बड़े गिरजाघर में हुआ ……पढ़िये क्या है आजीवन संकल्प का मतलब

जशपुर मुनादी।।

संत अन्ना की पुत्रियां धर्मसंघ के छः धर्मबहनों ने आजीवन व्रतधारण किया

संत अन्ना की पुत्रीयां धर्मसंघ, मलध्यप्रदेश- छत्तीसगढ़ प्रोविंश के छः धर्मबहनें सिस्टर सुमन शोभा एक्का, सिस्टर सुनिता कुजूर, सिस्टर मंजू तिग्गा, सिस्टर उषा रजनी केरकेट्टा, सिस्टर जयंती कुजूर एवं अनिरो एक्का ने रोजरी की महारानी महागिरजा कुनकुरीमें शुद्धता- ब्रह्मचर्य, निर्धनता एवं आज्ञापालन का आजीवन व्रतधारण लिया। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न कराया गया। इस समारोह में संत अन्ना की पुत्रियाँ धर्मसंघ की मदर जेनरल सिस्टर लिंडा मेरी वान, उनकी सलाहकार सिस्टर जुली खाखा, प्रशिक्षण निदेशक सिस्टर सलोमी खेस, गुमला प्रोविंस की प्रोविंशियल सिस्टर एमेल्डा सोरेंग, स्थानीय प्रोविंश के प्रोविंशियल सिस्टर फ्लोरेंसिया मिंज, संत अन्ना समाज के धर्मबहनें, व्रतधारी सिस्टर्स के परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, पुरोहितगण, अन्य धर्मबहनें, एवं अतिथिगण काफी संख्या में शामिल हुए। मिस्सा पूजा के मुख्य अनुष्ठाता जशपुर धर्मप्रांत के चरवाहे बिशप एम्मानुएल केरकेट्टा डी डी थे, सहनुष्ठाता जशपुर धर्मप्रान्त के विकर जेनरल फादर सिकन्दर किस्पोट्टा एवं फादर इलियस एक्का थे। बिशप ने अपने प्रवचन में सन्त पौलुस के जीवन का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा वह उत्साही प्रेरित था उनका सम्पूर्ण जीवन ईश्वर के लिए समर्पित था। सभी चुने लोगों को ईश्वर एवं लोगों की सेवा के लिए उत्साही होना है। केवल ईसाई समुदाय के लोगों को ही नहीं वरन सभी प्रकार के जाति, मजहब, जरूरतमंद और हर तबके लोगों की सेवा करना चाहिए। वर्तमान में सेवा कार्य भी चुनौतियों भरा है। लेकिन अपने चुने हुए लोगों को ईश्वर नहीं छोड़ता है। ईश्वर से आप जुड़े रहें। मदर जेनरल ने अपने सम्बोधन में व्रतधारी के प्रियेजनों के प्रति कृतज्ञ प्रकट करते हुए कहा आपके प्यार भरे त्याग की वजह से ये बहने समाज सेवा के लिये आगे बढ़ सके हैं। आप इसी तरह हमें प्रोत्साहित करते रहें।

मिस्सा पूजा का शुभारम्भ सिस्टर राजेशी खलखो के प्रारंभिक सम्बोधन से हुआ। निर्मला स्कूल नवाटोली के छात्रों ने प्रवेश नृत्य एवं बाईबल जुलूस नृत्य किया। बाईबल से प्रथम पाठ व्रतधारी सिस्टर उषा रजनी केरकेट्टा, दूसरा पाठ व्रतधारी सिस्टर जयंती कुजूर तथा सुसमाचार का पठन फादर इलियस एक्का ने किया। धार्मिक गीतों का संचालन सिस्टर क्लारा तिर्की की अगवाई में संत अन्ना के नवशिष्य बहने एवं धर्मबहनों ने किया। मिस्सा के अंत में व्रतधारी सिस्टर अनिरो एक्का एंव सिस्टर सुनिता कुजूर ने सयुक्त रूप से आभार प्रदशर्न किया।

गिरिजाघर में पवित्र बहने

कार्यक्रम के दूसरे चरण में बधाई कार्यक्रम सम्पन्न कराये गए जहाँ इन व्रतधारी धर्मबहनों को अपने समाज के धर्मबहनें, परिवार तथा रिश्तेदार एवं अतिथियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दिया । कार्यक्रम के अंत में प्रोविंशियल ने आभार प्रकट किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संत अन्ना के पुत्रियां धर्मसंघ के धर्म बहनों का विशेष योगदान रहा । सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन सिस्टर दीपिका टोप्पो एवं बहन अर्चना एक्का ने किया।

छः पवित्र बहनें

संत अन्ना की पुत्रियाँ धर्मसंघ की संछिप्त जानकारी :
संत अन्ना की पुत्रियाँ धर्मसंघ संथापिका माता बेरनादेत किस्पोट्टा है। इसकी स्थापना सन 1897 राँची झारखंड हुआ। वर्तमान में चार प्रोविंश राँची, गुमला, जलपाईगुड़ी एवं मध्यप्रदेश प्रोविंश है। इनका मुख्यालय रांची है। इनका कार्य छेत्र भारत के अलावा विदेशों में भी है। वर्तमान मदर जेनरल सिस्टर लिंडा मेरी वान है। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ प्रोविंश में कुल 32 कान्वेंट और 250 से अधिक धर्मबहनें जो विभिन्न स्तर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

Munaadi Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

//graizoah.com/afu.php?zoneid=3585386