Tuesday, September 29, 2020
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स्‍कूल और कॉलेजों के 100 गज की दूरी तक तंबाकू मुक्‍त करने जागरुकता के लिए होगा येल्लो जोन लाइन …….इस तरह ..


रायपुर मुुनादी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने नई पीढ़ी में तम्बाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरुकता लाने के लिए शैक्षणिक संस्‍थानों  सहित सार्वजनिक स्‍थानों को चिंन्‍हांकित कर येलो लाइन जोन अभियान शुरू किया है| स्‍कूल व कालेजों के आसपास लगभग 100 गज के दायरे में तंबाकू युक्‍त पान मसाला, बीडी, सिगरेट सहित अन्‍य नशीला पदार्थ बेचने पर सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (विज्ञापन,व्यापार और वाणिज्य,उत्पादन,आपूर्ति और वितरण का विनियमन)—2003 के तहत जुर्माना और सजा का प्रावधान है| इस अधिनियम को कोटपा -2003 भी कहा जाता है|
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कोटपा एक्‍ट-2003 को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने कार्रवाई के साथ ही जागरुकता अभियान शुरु कर दिया गया है|


कोटपा एक्‍ट के तहत अव्‍यस्‍क को किसी भी प्रकार से तंबाकू की क्रय विक्रय और व्‍यापार पर प्रतिबंध है| यानी  येलो लाइन जोन पर तंबाकू के उत्‍पाद का बिक्री करने पर पहली बार समझाईश देकर छोड दिया जाएगा| इसके बाद गलती दोहराने पर 200 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक जुर्माने के साथ एक साल की सजा का भी कानून में प्रावधान है|
रायपुर जिले में अप्रैल से लेकर जुलाई तक 176 लोगों पर चालानी कार्रवाई करते हुए  लगभग 28000 रुपए तक का जुमाना वसूल किया गया है| जागरुकता अभियान के तहत दुकानदारों व ठेले वालों को गुलाब फूल भेंटकर तंबाकू युक्‍त पदार्थ नहीं बेचने की अपील की जा रही है|
 

राजधानी से लगे शासकीय हायर सेकंडरी स्‍कूल जोरा रायपुर में  मुख्‍य चिकित्‍सा एवम स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ केआर सोनवानी और राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम जिला नोडल अधिकारी डॉ संजीव मेश्राम के सहयोग से एनटीसीपी कंसल्‍टेंट डॉ सृष्टि यदु व काउंसलर अजय कुमार बैस के नेतत्‍व में स्‍कूली छात्रों को तंबाकू के दुष्‍प्रभावों की जानकारी दी गई. जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी बताते हैं  गुटखे का बढ़ता चलन युवाओं को ज्यादा प्रभावित कर रहा है| यह गाल गला देता है जीभ में कैंसर कर देने के कारण आदमी खाना नहीं खा पाता है श्वास नली में कैंसर भी इसी की देन है। इसके कारण मनुष्य का जीवन भी खतरे में पड़ जाता है। इसलिए लोगों को जागरूक करके अभियान चलाया जाता है कि वे इसे छोड़ें।
वहीं स्‍कूल के बाहर से 100 गज की दूरी पर धुम्रपान निषेध बोर्ड लगाने के लिए भी प्राचार्य को निर्देशित किया गया है|

एनटीसीपी के राज्‍य सलाहकार डॉ आनंद वर्मा ने बतायाशहर के चार बडे शैक्षिणक संस्‍थानों पं. जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज, सालेम इंगलिश मीडियम स्‍कूल मोतीबा्ग, शासकीय दानी गर्ल्‍स स्‍कूल कालीबाडी,माधव राव सप्रे शासकीय हायर सेकंडरी स्‍कूल बुढापारा के बाहर येल्लो  लाइन जोन के लिए पट़टी खिंची गई.इसके अलावा स्‍कूलों में निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है| आम लोगों को तंबाकू के बुरे प्रभाव के प्रति जागरुक करने रेडियो जिंगल और ई-रिक्‍शा के माध्‍यम से शहर के प्रमुख चौ‍क-चौराहों में प्रचार प्रसार किया जा रहा है।

जिले के 150 स्‍कूल और कॉलेजों में ऐलो लाइन जोन कैम्‍पेन चलाया जाना है|
डॉ वर्मा ने बताया कि मुंह, गाल, जीभ, श्वास नलियों के कैंसर का प्रमुख कारण तंबाकू है। इतना ही नहीं तंबाकू श्वसन तंत्र को भी प्रभावित करती है। युवाओं में इसका प्रभाव ज्यादा है।
ग्लोबल एडल्ट टोबाको सर्वे – 2016-17 के अनुसार,छत्तीसगढ़ में 39.1 प्रतिशत लोग किसी प्रकार के तम्बाकू का सेवन करते हैं| यह देश की औसत 28.4 % से अधिक है| इन में से 7.3% तम्बाकू का सेवन करने वालों ने 15 वर्ष की उम्र से पहले सेवन शुरू किया था,29%  ने 15-17 वर्ष की उम्र से और 35.4% ने 18-19 वर्ष में सेवन शुरू किया था यानि औसतन 18.5 वर्ष की आयु में तम्बाकू का सेवन शुरू किया गया था|  

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