03-May-2022


Breaking Jashpur इस महिला सरपँच को कर दिया सस्पेंड , महिला सरपँच आई मीडिया के सामने ,कैमरे के सामने खोल दी पोल ,कहा-इसलिए इनको बचा लिया और मुझे ,Watch Video, पढ़िये पूरी रिपोर्ट



जशपुर मुनादी।। जिले के कुनकुरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम जोकरी के सरपँच को निलंबित कर दिया गया है।सरपँच के विरुद्ध एक पुलिया निर्माण में भारी गड़बड़ी के आरोप लगे थे ।शिकायत के बाद कुनकुरी एसडीएम के द्वारा धारा 39-40 के तहत एसडीएम के द्वारा उंक्त कार्रवाई की गई है ।लेकिन इस कार्रवाई के बाद सरपँच का जो बयान सामने आया है उस बयान के बाद कार्रवाई पर कई सारे सवाल खड़े हो गए है।

दरअसल पूरे विवाद का जड़ ग्राम जोकरी के गोठांसे लगा एक आरसीसी पुलिया है । इस पुलिया का निर्माण पूरा होकर जब मेजरमेंट होगा और फाइनल चेक भी कट गया तब इस पुलिया को लेकर नया बखेड़ा खड़ा हो गया । बताया जा रहा है कि जब बीते मार्च महीने में 3 लाख 60 हजार का फाईनल चेक कटने के अगले दिन ही जनपद ने चेक वापस लेने का फरमान जारी कर दिया गया और अगले दिन सरपँच सुमित्रा भगत ने चेक वापस भी कर दिए ।

मिली जानकारी के मूताबिक 6 माह पहले जब पुलिया का निर्माण शुरू हुआ तो इस पंचायत के उपशरपंच ने शिकायत की कि पुलिया का निर्माण गलत जगह पर हो रहा है।उपशरपंच की शिकायत पर जब जनपद के तात्कालीन एसडीओ और सब इंजीनीयर ने जाँच की तो जाँच में पाया गया कि पुलिया वही बन रहा है जहाँ प्रस्तावित है और जहां का नक्शा खसरा है ।जाँच रिपोर्ट पेश होने के बाद यहाँ काम फिर से शुरू हो गया इस बीच पुलिया के जगह को लेकर शिकायत भी होती रही ।इसी बीच कलेक्टर ने इसी पुलिया निर्माण में विलंब के चलते अदिकारियों को नोटिस जारी कर दिया।कलेक्टर के नोटिस जारी होने के बाद जनपद के एसडीओ और इंजीनीयर भी रेस हो गया और तत्काल कुछ ही दिन बाद पुलिया बनकर कम्प्लीट हो गई ।कम्प्लीट पुलिया का फाईनल मूल्यांकन होकर सीसी जारी हो गया और बीते मार्च महीने में 3 लाख हजार का फाइनल चेक भी कट गया ।


इस कहानी में ट्विस्ट ये है कि इतना सब कुछ हो जाने के बाद सरपँच सुमित्रा भगत के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई हो गयी और सुमित्रा भगत के जगह किसी और को कार्यवाहक सरपँच चुन लिया गया । कुनकुरी एसडीएम रवि राही ने बताया कि सरपँच के विरुद्ध आरसीसी पुलिया निर्माण को लेकर भारी गड़बड़ी की शिकायत थी ।उपरपंच के द्वारा शिकायत की गयो थी कि जहाँ बनना चाहिए वहाँ पुलिया न बनाकर पुलिया कहीं और बना दिया गया और बगैर वार्ड पंचों के प्रस्ताव के राशि आहरण कर ली ली गयी थी ।इस प्रकरण की सुनवाई के बाद सरपँच को निलंबित कर दिया गया है ।

इस मामले में जब हमने सरपँच सुमित्रा भगत से बात की तो उनका कहना है कि वार्ड पंचों की से ही पैसे आहरण किये गए थे जिसका दस्तावेजी प्रमाण उनके पास मौजूद है दूसरी बात ये कि पुलिया उसी जगह बनाया गया है जहाँ पस्तवित था ।इसकी जांच भी कई बार हूई और जाँच में अन्यत्र पुलिया बनाने की शिकायत झूठी साबित हो चुकी है। अगर पुलिया के स्थल गलत होता तो स्थल निरीक्षण करने गए अदिकारियों ने आपत्ति क्यों नहीं की ?जाँच रिपोर्ट में यह क्यों नहीं बताया कि पुलिया का निर्माण स्थल गलत है । जब पुलिया गलत जगह बन रहा था फिर इसका मूल्यांकन कैसे हुआ?सीसी जारी कैसे हुआ और फिर फाइनल चेक कैसे कट गया और सबसे बड़ा सवाल यह कि अगर शिकायत सही है फिर वह अकेले दोषी कैसे हो गयो ?राशि आहरण में केवल सरपँच ही नहीं सचिब के भी हस्ताक्षर होते हैं फिर सचिब के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई ?गलत मूल्यांकन ,गलत स्थल निरीक्षण और गलत तरीके से सीसी जारी कर चेक काटने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई सिर्फ उंसके विरुद्ध कार्रवाई कैसे हुई ?सरपँच ने यह भी बताया कि किसी के इशारे में पर उसे बेवजह परेशान किया जा रहा है ।यहां तक कि एसडीएम कार्यालयसे उसे कार्रवाई का नकल तक नहीं दिया जा रहा है ।

Watch video ,सुनिये सरपँच का पूरा बयान

https://youtu.be/a8i0LEbGeI0

इस मामले में जब जनपद के सब इंजीनीयर एस ठाकुर से बात चीत की गई तो उन्होंने बताया कि मेजरमेंट उनके द्वारा किया गया था ।हांलाकि उन्होंने यह भी बताया कि उंक्त पुलिया का ले आउट और शिकायतों की जाँच उनके द्वारा नहीं गयी है । बहरहाल कहानी को पढ़ने के बाद कहानी का लब्बो लुआब क्या है इसे पाठक समझ ही गए होंगे ।








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