Saturday, September 21, 2019
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तेंदू पत्ता तोड़ने जाना नव दम्पप्ति को पड़ा महंगा … पति के सामने ही पत्नी को मिली दर्दनाक मौत

रायगढ़/कूडेकेला मुनादी।

रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल  रेंज के चुहकीमार के जंगल मे तेंदू पत्ता तोड़ने गई महिला हाथी के हमले की शिकार हो गई। मृतिका कंचन यादव का दो माह पूर्व ही कोरबा जिले के लबेद गांव से चुहकीमार निवासी अनिल यादव के साथ ब्याह कर आई थी। घटना के समय पति पत्नी दोनों तेंदू पत्ता तोड़ रहे थे। इसी दौरान अचानक हाथी ने मृतिका कंचन यादव पर हमला कर दिया और मौके पर पटक पटक कर मार दिया। घटना के बाद मौके पर वन महकमा पहुंच कर विवेचना में लिया तात्कालिक सहायता राशि 25 हजार दिया। चुहकीमार के जंगल में वर्तमान में 9 हाथियो का दल विचरण कर रहा है।

नव दंपत्ति को तेंदूपत्ता तोड़ने जाना उस वक्त महंगा पड़ गया जब एक हाथी के द्वारा उसकी पत्नी को उसके सामने ही दर्दनाक मौत मिली घटना के बाद से जहां पति सदमे में आ गया वहीं ग्रामीणों ने एक बार फिर से वन विभाग की कार्यशैली को लेकर आक्रोश व्याप्त हो गया दरअसल विभाग के द्वारा जंगल में हाथी होने की सूचना तो दी जाती है लेकिन हाथी किधर है कहां है इसकी सूचना नहीं मिल पाती और ना ही इसके लिए अलर्ट होता है और ना ही तेंदूपत्ता संग्ग्राहको को हाथी से सुरक्षा प्रदान करने में वन विभाग सक्षम हो पा रहा है। वही वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों की तेंदू पत्ता तोड़ना मजबूरी है जो सीधे तौर पर उनकी आजीविका से जुड़ा हुवा है।

घटना रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज के ग्राम चुहक़ीमर में कुटेलीनाला के पास घटित हुई जब महिला और उसका पति तेंदू पत्ता तोड़ रहे थे इसी दौरान हाथी कब महिला के करीब आ गया उसे पता ही नही चला। हादसे के वक्त मृतिका का पति अनिल यादव वही था और आस पास में दूसरे ग्रामीण भी तेंदू पत्ता तोड़ रहे थे। घटना अकस्मात होने की वजह से कोई कुछ नही कर सका। हाथी ने महिला को पटक पटक कर मार दिया। इस दौरान ग्रामीण हो हल्ला कर किसी तरह से हाथी को खदेड़ा लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
फिलहाल वन विभाग की ओर से मृतिका कंचन यादव की मौत पर तात्कालिक सहायता राशि 25 हजार प्रदान कर शीघ्र मुआवजा प्रदान किये जाने का आश्वासन दिया। घटना के बाद एक बार से ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए हाथी के उत्पात को लेकर वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। वही इस मामले में डीएफओ प्रणय मिश्रा का कहना है कि ग्रामीणों को हाथी होने की जानकारी दी जा रही है इसके बाद भी ग्रामीण तेंदू पत्ता तोड़ने जा रहे हैं। दरअसल वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों की आय का एक बड़ा साधन वनोपज आधारित आय होती है। यही वजह है कि ग्रामीण तेंदू पत्ता संग्रहण करने जान जोखिम में डालकर तेंदू पत्ता तोड़ाई करने जाते हैं। क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बना हुआ है वही ग्रामीणों का कहना है कि तेंदू पत्ता तोड़ाई करने जंगल जाना उनकी मजबूरी है लेकिन वन विभाग उनकी हाथियो से सुरक्षा नही कर पा रहा है।  इसे लेकर घटना स्थल पर वन कर्मचारियो व ग्रामीणों के बीच एक बार फिर से जमकर विवाद हुआ।

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