Sunday, August 18, 2019
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एक स्कूल ऐसा जहां बारिश में जब छत से टपकता है तो दिखता है ऐसा नजारा, जन प्रतिनिधियों के हिदायत का नही असर, अफसर बेपरवाह …विधायक की मीटिंग नही आई काम

पानी रिसते छत के नीचे जान जोखिम में डालकर पढऩे को मजबूर मासूम बच्चे

शासन-प्रशासन कर रहा बड़ी दुघर्टना का इन्तिज़ार*

जन प्रतिनिधियों के सुस्त रवैया से शिक्षा विभाग हुआ बेपरवाह

धरमजयगढ़ मुनादी। असलम खान

विकासखण्ड धरमजयगढ़ में शिक्षा व्यवस्था का खस्ता हाल देखने को मिल रहा है और शिक्षा विभाग के अधिकारी- कर्मचारी मौनी बाबा बनकर बैठे तमाशा देख रहे हैं। आज हम बात करेंगे धरमजयगढ़ विकास खण्ड के विजयनगर प्राथमिक शाला की, इस स्कूल में 112 स्टूडेंट्स पढ़ाई करते हैं ,और इनको जर्जर स्कूल भवन में पानी रिसते छत के नीचे बैठ अपनी जान को जोखिम में डाल कर पढऩा पड़ रहा है। ऐसा नही है कि इसकी जानकारी स्थानीय और जिले के अधिकारियों को नही है बावजूद इसके कोई उपाय नही किये जाता है।

स्कूल की इस दुर्दशा पर किसी भी अधिकारी या जनप्र्रतिनिधियों ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है। जबकि स्कूल की जर्जर हालात के बारे में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को जानकारी होने के बाद भी उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया अलबत्ता जब विजय नगर स्कूल के शिक्षक ने स्कूल से पानी टपकने की शिकायत किया तो अधिकारी का रुखा जवाब मिला की पूरे विकासखण्ड में 101 स्कूलों की हालत इसी तरह हैं। ऐसे आलम में सोचने वाली बात है कि विकासखण्ड में 101 स्कूल जर्जर हालत में है और शिक्षा विभाग हाथ पे हाथ धरे बैंठे हैं।बहरहाल अधिकारी का क्या? इनके बच्चे इन स्कूलों में पढ़ाई थोड़े ही करते हैं ,अगर कोई दुघर्टना घट भी जाता है तो इनका क्या जायेगा?ऐसे कई सवाल हैं जो अधिकारीयों की लापरवाही बताने काफी हैं।

गंभीर बात है कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों को कई सारोकार नहीं है। जिसका नतीजा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी से लेकर शिक्षक तक बेलगाम हो गये हैं। जिसका ताजा उदाहरण देखने को मिल रहा है विजयनगर में जहाँ छातरी ओढ़कर बच्चे स्कूल में पढ़ाने पढाई करने मजबूर हैं। बारिश होने पर स्कूल के हालात इसी तरीके से दिखाई देता है लेकिन पानी तो आखिर गिरता जिसकी नमी छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

विजयनगर प्राथमिक शाला के छत से पानी टपकने के कारण पूरे स्कूली बच्चों को छाता ओढ़कर पढ़ाई करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को स्कूल में ठीक से बैठने भी नहीं बन रहा है ,बच्चे पढ़ाई करे या अपना कापी-पुस्तक को संभाले, क्योंकि स्कूल में इतना अधिक पानी टपकता है कि बच्चों को अपनी कापी-पुस्तक का चिंता लगा रहता है फिर पढाई में मन कहाँ लगेगा।

 स्कूल भवन में नमी से स्कूली बच्चे हो रहे बीमार*

प्राथमिक शाला विजयनगर के शिक्षकों ने बताया कि स्कूल भवन के छत से पानी टपकने के कारण बच्चों को भारी परेशानी हो रही है , क्योंकि पानी बहुत अधिक मात्रा में गिरता हैं,इसलिए बच्चे अपने बस्ता को संंभालने के चक्कर में पूरी तरह भींंग जाते हैं।
जिसके कारण बच्चे बहुत अधिक बीमार पड़ते हैं, भींगने के कारण बच्चों को शर्दी, खासी व बुखार जैसी समस्या हो जाती हैं ओर बीमार पडऩे के कारण स्कूल नहीं आ पाते हैं। परेशानी सिर्फ बच्चों को ही नहीं है स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी है, जिस तरह बच्चों को अपने कॉपी ,किताब, बस्ता की चिंता रहती है उसी प्रकार शिक्षकों को भी विद्यालय में रखे सरकारी रिकार्ड का भी चिंता रहता है ,शिक्षकों का कहना है कि पानी के कारण स्कूल के रिकार्ड भी खराब हो रहे हैं।

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