Thursday, June 27, 2019
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पीएचई एसडीओ के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का अपराध हुवा पंजीबद्ध ….जिले के … पदस्थ ..जानिए इनकी करतूत ..

पीएचई एसडीओ पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज

धरमजयगढ़ मुनादी।

मेडिकल कालेज अस्पताल में पदस्थ महिला चिकित्सक को दहेज के लिए प्रताड़ित कर गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी देते हुए 80 हजार रुपये छिनकर ले जाने के मामले में पुलिस ने महिला चिकित्सक के पति धरमजयगढ़ में एसडीओ पीएचई के पद पर पदस्थ विनोद भगत के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। महिला चिकित्सक का आरोप है कि उनके पति का एक स्टाफ नर्स से अवैध संबंध है और वह उन्हीं के साथ धरमजयगढ़ में निवास कर रहा है।

मेडिकल कालेज अंबिकापुर में मेडिकल आफिसर के पद पर पदस्थ महिला चिकित्सक ने महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनके पति धरमजयगढ़ में एसडीओ पीएचई के पद पर पदस्थ विनोद भगत का वर्ष 2003 से एक स्टाफ नर्स से प्रेम संबंध था और वह उसी के साथ रहता था। इस बात को छिपाते हुए उसने डाक्टर की नौकरी देखते हुए 6 मई 2013 को सामाजिक रीति-रिवाज के तहत उससे विवाह किया। शादी के एक माह बाद महिला चिकित्सक पीजी कोर्स करने कर्नाटक चली गई थी, उस दौरान भी आरोपित पति द्वारा अंबिकापुर के किराए के मकान में स्टाफ नर्स को लाकर रखा गया था। महिला चिकित्सक के शिकायत के मुताबिक मई 2014 में वह गर्भवती थी, लेकिन अचानक गर्भपात हो गया। फरवरी 2015 में पुनः गर्भपात हो जाने पर पता चला कि दवा के असर से ऐसा हुआ है। पति पर संदेह होने पर आरोपित पति ने इस बात को स्वीकार किया कि स्टाफ नर्स के साथ वह लंबे समय से रह रहा है और दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से उनके खाने में गर्भपात की दवा मिला दी थी। महिला चिकित्सक का कहना है कि उस दौरान पति ने माफी मांगते हुए स्टाफ नर्स से सारा संबंध समाप्त करने का वादा कर उन्हें विश्वास में लिया और सामान्य जीवन जीना शुरू कर दिया था। मई 2014 के बाद अलग घर गृहस्थी के नाम पर महिला चिकित्सक के वेतन व निजी क्लीनिक से होने वाली आय को वह अपने पास रखने लगा। रुपये नहंी देने पर गाली गलौज व मारपीट कर सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार करने लगा था कि सिर्फ पैसों के लिए ही उसने महिला चिकित्सक से विवाह किया है। महिला चिकित्सक से साढ़े छह लाख रुपये लेकर जुलाई 2015 में बगीचा में जमीन भी खरीदा था। 17 फरवरी 2016 को बेटी के जन्म के बाद आरोपित पति ने 10 लाख रुपये पिता के नाम पर जुलाई 2016 में जमीन खरीदने के लिए लिया। 13 लाख रुपये का कार भी खरीदवाया, जिसका उपयोग आरोपित पति कर रहा है। लगभग एक साल पहले आरोपित पति ने बलरामपुर से तबादला धरमजयगढ़ करा लिया और उसके बाद से आनाजाना भी कम कर दिया था। महिला चिकित्सक की शिकायत के मुताबिक बीते 10 मई को आरोपित पति पुनः उनके पास आया था और पांच लाख रुपये की मांग करने लगा। रकम देने से इंकार करने पर 80 हजार रुपये छिनकर ले गया और यह भी बोला कि जब पांच लाख रुपये महिला चिकित्सक देगी और सौतन के रूप में स्टाफ नर्स को स्वीकार करेगी तभी उनके बीच संबंध रहेगा, नहीं तो मां-बेटी को जहर खिलाकर मार डालेगा। महिला चिकित्सक व मायके पक्ष के लोगों द्वारा समझाइश दिए जाने के बावजूद वह कुछ सुनने को तैयार ही नहीं था। ऐसी परिस्थिति में महिला चिकित्सक ने महिला थाने में जाकर प्रकरण की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने वर्तमान में सिंचाई कालोनी धरमजयगढ़ में रहने वाले पीएचई के एसडीओ मूलतः ग्राम कुडुमकेला बगीचा निवासी विनोद भगत पिता जेआर भगत 41 वर्ष के खिलाफ धारा 498ए, 323 आइपीसी के तहत अपराध पंजीबद्घ किया है। मामले की विवेचना की जा रही है।

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