Monday, October 14, 2019
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कुपोषण से सुपोषण ….ये क्या बच्ची को ब्रेक फ़ास्ट में पिला दिया ऐसा दूध की होने लगी …आनन-फानन में फिर अस्पताल ……पढें पूरी खबर

पौष्टिक ब्रेकफास्ट में बच्ची को मिला खराब दूध…घर आते ही उल्टी..अस्पताल में किया भर्ती..

कोरिया से अनूप बड़ेरिया की मुनादी।


कोरिया जिले के खड़गवां में अभी 3 दिन पहले ही प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री बच्चों को कुपोषण से बचाने मध्यान भोजन के साथ ही साथ सोया दूध और पौष्टिक ब्रेकफास्ट उपलब्ध कराने की योजना का शुभारंभ करके अभी रायपुर भी नहीं पहुंच पाए होंगे कि कोरिया जिले में इस योजना की खामियां सामने आने लगी।
जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखंड में लालपुर में संचालित शासकीय स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा बीती रात अपने घर पहुंची यहां घर पहुंचने के साथ ही उसे उल्टी दस्त शुरू हो गया। बालिका की तबीयत बिगड़ती देख परिजनों ने उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया ।जब हमने बालिका के परिजनों से इस बारे में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उनकी बेटी घर से खाना खाकर स्कूल पढ़ने गई थी और जब से स्कूल से लौट कर आई है तब से उसके मुंह से झाग निकलने लगा और दूध की उल्टी करने लगी ,तो जब हमने पूछा तो उन्होंने बताया कि स्कूल में उसे पीने के लिए खराब दूध दिया गया जिसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ने लगी ।

इस बात की जानकारी मिलने पर जब हमने संबंधित स्कूल में जाकर पड़ताल की तो पता चला कि जिस संस्थान से दूध की आपूर्ति होती है उसके प्रत्येक डिब्बे में 12 पैकेट होते हैं। जिनमें से प्रत्येक डब्बे में से लगभग 3 से 4 पैकेट दूध पूरी तरह खराब रहता है ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि जब सप्लाई वाला दूध गुणवत्ताहीन है तो उन्हें पीने से बच्चों का पोषण कैसे ठीक होगा। इस बारे में जब हमने स्कूल में मौजूद शिक्षकों से चर्चा करनी चाही तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इस दौरान जब स्कूल में मौजूद दूध के पैकेट की जांच की तो जिस पैकेट में दूध होना चाहिए उनमें दूध की जगह जमा हुआ दही जैसा निकलता दिखाई दे रहा था। जाहिर सी बात है पैकेट का दूध पूरी तरह खराब हो चुका था। ऐसे में जिले में यह योजना किस तरीके से संचालित होगी और बच्चों को इसका कितना लाभ मिलेगा यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन इतना जरूर है कि पैकेट बंद और गुणवत्ताहीन दूध पीकर बच्चों की तबीयत जरूर खराब होगी।
इस बारे में जब हमने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व चर्चा की तो उनका कहना था कि उन्हें इस बारे में जानकारी दी गई है आप लोगों की जानकारी के मुताबिक स्कूलों में जाकर दूध की जांच करेंगे और जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

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