जशपुर में सूखे पर शुरू हुई सियासत ! सांसद के निशाने पर विधायक ! सांसद ने कहा-विधायक का मुंह क्यों नहीं खुलता...क्ष्रेत्र के कांग्रेस समर्थित जनप्रतिनिधि ने भी विधायक को ......पढिये पूरी रिपोर्ट जानिए आखिर क्यों...

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August 03, 2022



जशपुर में सूखे पर शुरू हुई सियासत ! सांसद के निशाने पर विधायक ! सांसद ने कहा-विधायक का मुंह क्यों नहीं खुलता...क्ष्रेत्र के कांग्रेस समर्थित जनप्रतिनिधि ने भी विधायक को ......पढिये पूरी रिपोर्ट जानिए आखिर क्यों...

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जशपुर मुनादी।। जिले में सुखा को लेकर सियासत गरमाई हुई है। ज़िले के विधायक युडी मिंज के द्वारा जिले को सूखा प्रभावित किये जाने की मांग के बाद मुख्यमन्त्री ने जिले के कलेक्टर को पत्र लिखकर सूखा प्रभावित क्षेत्रो का आंकलन करने के आदेश तो दे दिए लेकिन इस बीच बात ये हो गई कि जिले के ही फरसाबहार ,बागबहार और मनोरा को छोड़ दिया गया।शासन द्वारा कलेक्टर को सुखा प्रभावित क्षेत्रों के भौतिक आंकलन हेतु दिये गए निर्देश पत्र में बागबहार,फरसाबहार, बगीचा और मनोरा का नाम नहीं है। 

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तीन इलाको को सुखा से अलग रखने की बात पर अब राजनीति शुरू हो गयी है। सरकार की आड़ में क्षेत्रीय भाजपा सांसद गोमती साय ने कुनकुरी विधायक को घेरते हुए कहा है कि आखिर जिले के ही कुछ इलाकों के साथ भेद भाव क्यों ?




रायगढ़ सांसद श्रीमती गोमती साय ने छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इस कांग्रेस सरकार ने एक ही जिले के किसानों के साथ भेदभावपूर्ण आदेश जारी करते हुए जशपुर जिले में आधे गांव दिवाली, आधे गांव होली की कहावत को चरितार्थ कर दिया। जशपुर जिले के बगीचा, फरसाबहार एवं मनोरा तहसील के किसानों की भी वही स्तिथि है जो जिले के बाकी तहसीलों के किसानों की है। बगीचा, फरसाबहार एवं मनोरा में बारिश नही हुई है। यहाँ के किसानों की भी फसल सूख गई है। किंतु एक ही जिले के किसानों के साथ यह भूपेश बघेल की कांग्रेसी सरकार भेदभाव करते हुए बगीचा, फरसाबहार एवं मनोरा में सूखे का सर्वे नही करा रही है। बगीचा, मनोरा एवं फरसाबहार के क्षेत्रीय विधायक यंहा के किसानों के लिए आवाज क्यो नही उठा रहे है। इनके मुह पर अब ताला क्यों लगा हुआ है। बगीचा, मनोरा एवं फरसाबहार तहसील क्षेत्र के किसानों के साथ ये सौतेला व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भूपेश सरकार अगर शीघ्र ही बगीचा, मनोरा एवं फरसाबहार तहसील में सूखे का सर्वे कराने का आदेश जारी नही करती तो मैं सांसद गोमती साय किसानों के सड़क पर उतर कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करूंगी।


आपको बता दे कि फरसाबहार सांसद गोमती साय का गृह क्षेत्र है  और फरसाबहार के स्थानीय कांग्रेस नेताओं का भी मानना है कि फरसाबहार में भी बारिश नहीं हुई है और यहाँ के किसानों का भी बुरा हाल है।फरसाबहार जनपद के सबसे कम उम्र के जनपद सदस्य व युवक कांग्रेस के फरसाबहार ब्लॉक अध्यक्ष राहुल चौहान का कहना है कि फरसाबहार में भी बारिश न के बराबर है और सूखे की स्थिति निर्मित हो गई है। उन्होंने विधायक युडी मिंज से माँग की है कि फरसाबहार को भी  सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाय ।




यह बताना जरूरी है कि विधायकों की माँग पर मुख्यमंत्री ने सरगुजा संभाग में अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए आंकलन के दिए निर्देश दिए है।विधायको के पत्र को गम्भीरता से लेते हुए अल्प वृष्टि और किसानों के समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री  ने  तत्काल क्षेत्रो के  आंकलन करने के निर्देश दिए हैं।सरगुजा संभाग में कम बारिश के चलते  विधायकों ने मुख्यमंत्री से सरगुजा संभाग की कुछ तहसीलों को सूखा ग्रस्त घोषित करने की मांग की थी ।





सरगुजा सम्भाग केक  विधायक बृहस्पत सिंह, चिंतामणि महाराज,यू डी मिंज, गुलाब कामरो ने इस संबंध में पत्र लिख कर किसानों को राहत देने एवं .सूखा प्रभावित घोषित कर फसलों का मुआवजा देने की मांग की थी।  गांवों में रोजगार पैदा करने वाले और राहत पहुंचाने वाले काम की भी माँग की गयी थी।




  *छग में अब तक बारिश की स्थिति*


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जानकारी के मुताबिक एक जून 2022 से अब तक राज्य में 559.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है । राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून से आज 31 जुलाई तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1427.7 मिमी और बलरामपुर जिले में सबसे कम 209.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है । सरगुजा में 224.0 मिमी , में सूरजपुर में 294.1 मिमी , जशपुर में 281.8 मिमी,कोरिया में 325.8 मिमी , रायपुर में 370.5 मिमी , बलौदाबाजार में 542.9 मिमी , गरियाबंद में 640.4 मिमी , महासमुंद में 564.5 मिमी , धमतरी में 667.2 मिमी , बिलासपुर में 605.0 मिमी , मुंगेली में 619.1 मिमी , रायगढ़ में 524.5 मिमी , जांजगीर - चांपा में 664.4 मिमी , कोरबा में 434.0 मिमी , गौरेला - पेण्ड्रा - मरवाही में 536.1 मिमी , दुर्ग में 508.8 मिमी , कबीरधाम में 547.5 मिमी , राजनांदगांव में 596.1 मिमी , बालोद में 683.7 मिमी , बेमेतरा में 385.5 मिमी , बस्तर में 707.8 मिमी , कोण्डागांव में 642.0 मिमी , कांकेर में 770.6 मिमी , नारायणपुर में 590.1 मिमी , दंतेवाड़ा में 744.0 मिमी और सुकमा में 544.8 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई ।


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