जशपुर मुनादी।। एक महीने के भीतर कुनकुरी वन परिक्षेत्र में हाथियों से हुई 4 लोगो की मौत के बाद वनांचल इलाके के रहवासियों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण इलाकों में यह अफवाह जोरो से फैल गया है कि लोगो को सिरियली मौत के घाट उतारने वाले दंतैल पागल हो गए हैं ।इस अफवाह के बाद जंगली क्षेत्र और खाशकर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि हाथी पागल नहीं हुए है बल्कि बरसात के आरंभिक दौर में हाथी के अंदर एक ऐसी क्रिया होती है जिसके बाद हाथी तनाव में आ जाते है और उनके सामने जो भी आता है उसे तहस नहस कर देते हैं । चाहे घर हो पेंड हो या इंसान हो ।
भाजयुमो के युवा नेता विकास नाग के द्वारा इसको लेकर एक वीडियो जारी किया गया है ।वीडियो में यह बताने की कोशिश की गई है कि आखिर क्यों और किस वजह से हाथी इन दिनों तनाव में रहते है। उन्होंने बताया कि मानसून के आरंभिक दौर याने जून का महीना इनके लिए मीटिंग टाईम होता है ।इस दौरान नर और मादा हाथी के कान के पिछले हिस्से से एक तरल का स्राव होता है और तरल हाथियों के मुँह में चला जाता है ।तरल काफी कड़वा होता है और इसके मुँह में जाते ही हाथी उन्मादी हो जाते है ।इस काल को मस्त काल काल कहा जाता है याने इस दौर में हाथी मस्त की मुद्रा में रहते हैं ।विकास के मुताबिक नर और मादा दोनो में यह पाया जाता है कि नर हाथियों पर इसका ज्यादा असर होता है ।
आपको बता दें कि वन परिक्षेत्र कुनकुरी में एक माह के भीतर अबतक 4 लोग दंतैल हाथी की जद में आकर जान गंवा चुके है । मंगलवार को दन्तेलो ने एक महिला और एक पुरुष को दो अलग अलग गावो में कुचलकर मार डाला जबकि इससे पहले भी दो लोग हाथी की चपेट में आकर जान गंवा चुके है।
इन परिस्थितयो में वन विभाग लोगो को हाथियों से बचने का उपाय बताने में जुटा हुआ है।ग्रामीणों को जंगल जाने से मना किया जा रहा है। वन विभाग के कुनकुरी एसडीओ नवीन निराला ने भी बताया कि इन दिनों हाथी मस्त मुद्रा में होते है और यह काफी खतरनाक दौर होता है ऐसे में लोगो को हाथियों के आस पास जाने से बचने की जरूरत है ।
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