जशपुर मुनादी।। अभी कुछ दिनों से देश और दुनिया मे मंकी पॉक्स नाम की बीमारी को लेकर त्राहीमाम मचा हुआ है।मंकी पॉक्स के लक्षण चेचक की बीमारी जैसी होती है ।लक्षण काफी मिलते जुलते है। आज हम एक ऐसी ही बीमारी के बारे में आपको बताने जा रहे है जो किसी सजीव को नहीं बल्कि निर्जीव को हो गया है। आपको हम उस निर्जीव की सीधी तस्वीर भी दिखाएंगे ताकि आपको भी समझ आ जाये कि यह बीमारी है क्या चिकेन पॉक्स है या मंकी पॉक्स या फिर कुपोषण की बीमारी है।
भूमिका बनाने के बजाय आपको सीधा सीधा यह बता रहे है कि कुनकुरी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत नारायणपुर में जिस छठ घाट को लेकर कुछ दिनों से हो हल्ला हो रहा है उस छठ घाट की बोलती हुई एक और तस्वीर हमारे पास आई है ।तस्वीर बनाने वाले ने पूरे छठ घाट का मुआयना किया और यहाँ के फर्श पर पड़े सैंकड़ो गड्ढों को एक एक करके दिखाया । कहीं छोटे कहीं बड़े तो कही बहुत बड़े गड्ढों से पटे इस फर्श को देखकर आपको यकीन नहीं होगा कि बीते माह ही छठ घाट बनकर कम्प्लीट हुआ है।विभिन्न विभिन्न आकृतियों में एक साथ दिख रहे कई गड्ढों की तस्वीरें दुनिया से विलुप्त हो चुके चेचक के दाग की याद दिलाती है।हांलाकि गाँव के पढ़े लिखे युवा इन गड्ढों की तुलना मंकीपॉक्स के लक्षणों से कर रहे हैं ।युवाओं ने मजाकिया लहजे में कहा चेचक का जमाना गया अभी दुनिया मंकी पॉक्स के दौर से गुजर रही है इसलिए इस दाग को मंकी पॉक्स के दाग से तुलना करें तो बेहतर होगा।
यह बीमारी ठीक कैसे होगी यह तो छठ घाट बनाने वाले ही जाने ।यह बीमारी आम लोगो के समझ से बाहर हो गई है ।आमलोग केबल इस अनोखे दाग वाले छठ घाट की चर्चा भर कर रहे हैं । लेकिन अब इस पर भी राजनीति शुरू हो गयी है । फरसाबहार की तरह भाजपा के लोग इस छठ घाट को भी मुद्दा बना रहे है ।भाजयुमो के स्थानीय युवा नेता (ग्रामीण मंडल अध्यक्ष )विकास नाग ने जाकर पूरे छठ घाट का वीडियो बनाया और यह वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
आपको बता दें कि धार्मिक आयोजनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले कुनकुरी विधायक यु डी मिंज ने धार्मिक आस्था को देखते हुए नारायणपुर में छठ घाट के लिए सरकार से 5 लाख दिलवाए थे ।लेकिन इस छठ घाट के साइज और रूप रंग देखकर कोई यकीन नहीं कर पा रहा है कि इसमें 5 लाख लग गए होंगे लेकिन लग गए तो लग गए ।कौन क्या बोलेगा और क्यों बोलेगा ? यह बात सामने आ चुकी है कि इसका निर्माण स्थानीय कांग्रेस नेता व कांग्रेस समर्थित जनपद सदस्य की ठेकेदारी में बना है और इसकी इंजीनियरिंग किसी दूसरे पंचायत के सचिव ने की है।
खैर जो भी हुआ लेकिन सवाल यह है कि अब क्या होगा ?कार्रवाई किस पर होगी?या नहीं होगी? जांच कब होगी?कौन करेगा ?और सबसे बड़ी बात ये कि अबतक जांच शुरू क्यों नहीं हुई ?
इस मामले में जनपद सीईओ लोकहित भगत का कहना है कि इसमें कार्रवाई शुरू हो गयी है। पंचायत के निर्माण एजेंसी सरपँच सचिव को नोटिस तो जारी किया ही गया है साथ ही साथ सम्बंधित सब इंजनीयर को भी नोटिस जारी किया गया है ।जाँच के लिए आरईएस के ई को पत्र लिखा गया है ।