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जब गुस्से में आ गये जशपुर विधायक और अधिकारी को कह डाला कि काम करना है तो करो नही तो बोरिया बिस्तर…जानिए और क्या थी नाराजगी की वजह …पढ़िये पूरी खबर

जशपुर मुनादी।

बुधवार को जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत की बैठक खनिज न्यास को लेकर बग़ीचा में थी, खबर थी कि जिले के तीनों विधायक के साथ प्रशासन का भी आला अमला उपस्थित रहेगा, प्रशासन का आला अमला तो उपस्थित रहा, पर विधायकों के मामले में ऐसा कुछ होता नहीं देखा गया! जिले के क्या छत्तीसगढ़ के सबसे वरिष्ठ विधायक रामपुकार सिंह जहाँ स्वास्थ्यगत कारणों से अनुपस्थित रहे, वहीं कुनकुरी विधायक यू डी मिंज भी बैठक में अनुपस्थित दिखे! खैर उनके नहीं आने के अपने-अपने कारण गिनाए जा रहे हैं ! वहीं चूंकि जशपुर विधायक अपने गृह विधानसभा में बैठक थी तो वो उपस्थित रहे। पर हुआ कुछ ऐसा था कि जशपुर विधायक विनय भगत भी दिन भर खिन्न खिन्न रहे, मगर शाम होते होते इस खिन्नता का कारण बंद कमरे से ही सही पर कार्यकताओं की ओर से उठते सवालों पर शाम ढलते तक सार्वजनिक हो ही गई।

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दरअसल पूरा वाक्या यह है कि बग़ीचा के एक अधिकारी के खिलाफ जनता और कार्यकर्ताओं के द्वारा विधायक को लगातार शिकायतें मिल रही थी, और वो शिकायतें थी मुख्यालय में नहीं रहना, मनरेगा जैसे कार्यों में भी तकनीकी स्वीकृति के नाम पर जम कर वसूली, वहीं कार्यकर्ताओं ने एक कथित ऑडियो तक विद्यायक विनय भगत को सौंप दिया, और बग़ीचा पहुंचे तो बग़ीचा आर ई एस के इस एसडीओ के खिलाफ जैसे शिकायतों की एक बाढ़ से ही विद्यायक का सामना हुआ ! जाहिर था विद्यायक विनय भगत को जिस जनता, और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का प्रतिनिधि जशपुर के लिए बनाया है, उस पर ही आक्षेप था, और विद्यायक दिन भर बिल्कुल खफा खफा से रहे, हुआ कुछ ऐसा कि जब मंत्री कार्यक्रम खत्म हुआ तो बगीचा के रेस्टहाउस में अधिकारी को बुलाकर बंद कमरे में विधायक द्वारा जमकर क्लास लेने की खबर है, अगर कार्यकर्ताओ की माने तो विधायक इस अधिकारी की करतूत से इतना खफा थे कि यहां तक कह डाला कि बहुत हुआ जब से आप आये हैं, तब से ही इतना सब कुछ, काम करना हो तो जनता के लिए कीजिये, और सबका कीजिये, नही तो बोरिया बिस्तर बांधिए, और घर जाइये! यहां लॉक डाउन के दौरान रोजगार की कोई कमी न हो सरकार के साथ हम भी लोगों के साथ मिलकर लगातार प्रयासरत है, और आप रोजगार उपलब्ध कराने वाली इस योजना को ही चारागाह बना दिये हैं।

खैर इन सब के बीच एक बात यह भी देखी गई कि विधायक विनय भगत जैसे कुपित और खिन्न कल दिखे, वैसा पहले नही देखा गया है। अब देखना यह होगा कि विधायक की क्लास के बाद भी अधिकारी का रवैया सुधरता है, विद्यायक सुधार पाते हैं, या कदम विद्यायक आगे बढ़ाएंगे, ये बातें आने वाले समय के गर्भ में है।

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