Saturday, May 30, 2020
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आचार संहिता हटते ही होगी एल्डरमैनों की नियुक्ति, इस नपा में 5 होंगे नियुक्त, नाम लगभग तय

कोरिया से अनूप बड़ेरिया की मुनादी

23 मई को लोकसभा चुनाव परिणाम के आने और नई सरकार के गठन के ऐलान के साथ ही आचार संहिता हटने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार भी नगरी निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति करेगी। पिछले 3 पंचवर्षीय में छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार होने की वजह से नगर पंचायत, नगरपालिका व नगर निगम में एल्डरमैन केे पद पर भाजपाइयों का ही मनोनयन होता रहा है। लेकिन दिसंबर 2018 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनते ही 24 दिसंबर को सरकार ने एक पत्र जारी कर भाजपा सरकार के द्वारा मनोनीत सारे एल्डरमैनों के मनोनयन

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को निरस्त कर दिया। जिसके बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की बांछें खिल गई थी। उन्हें लगा कि अब नगरपालिका में एल्डरमैन के पद पर मौका मिल सकेगा। बैकुंठपुर की शहर विधायक के निर्देश पर एल्डरमैनों की
सूची बनाकर नगरी प्रशासन विभाग रायपुर को प्रेषित कर भी दी गई थी। लेकिन इसी बीच लोकसभा चुनाव का बिगुल बच गया और आचार संहिता लगने की वजह से मनोनयन की प्रक्रिया भी रुक गई। अब जबकि लगभग 10 दिनों के भीतर आचार संहिता हटने को है । नई सरकार सभी 168 नगरी निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति करेगी।

बैकुंठपुर व शिवपुर चरचा में 16 माह व अन्य जगह महज 6 माह का कार्यकाल रहेगा:-

अधिकांश नगरी निकाय में वर्ष 2019 के दिसंबर माह में चुनाव होने हैं ऐसे में एल्डरमैन का कार्यकाल महज 6 माह ही रहेगा। बैकुंठपुर शिवपुर चर्चा जैसे नगरपालिका क्षेत्रों में चुनाव देर से हुआ था , इसलिए यहां 2020 दिसंबर में नगरी निकाय के चुनाव प्रस्तावित है अतः इन निकायों में एल्डरमैन का कार्यकाल 16 माह का रहेगा।

संभवत इनका नाम गया है एल्डरमैन के लिए :-

मुनादी डॉट कॉम को मिली जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर नगरपालिका के लिए कांग्रेस
की ओर से युसफ इराकी, प्रवीर भट्टाचार्य, मनजिन्दर कौर, मनोज दुबे, असगरी बेगम, विमल सिंह, बाबूराम शिवहरे, अर्पित गुप्ता, राजीव गुप्ता में से किसी पांच लोगों के
एल्डरमैन बनने की संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि सरकार ने दिव्यांगों के लिए आरक्षण की घोषणा भी की है इस वजह से बैकुंठपुर नगरपालिका में भी एक एल्डरमैन
दिव्यांग कोटे में जा सकता है।

निधि 3 लाख और मानदेय 75 सौ:-

एल्डरमैन को विकास कार्यों के लिए वार्षिक निधि 3 लाख रुपए एवं मानदेय पार्षदों के बराबर 75 सौ रुपए दिए जाने का प्रावधान है।

जिन को नहीं मिलेगा मौका वो हो सकते हैं नाराज:-

एल्डरमैन की घोषणा होने के बाद जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम किया है यदि उन्हें मौका नहीं मिलेगा तो वह नाराज भी हो सकते हैं चर्चा कांग्रेस के एक नेता ने विधानसभा चुनाव के बाद एक समीक्षा बैठक में कहा भी था कि विषम परिस्थितियों में भी पार्टी के लिए दिन रात एक करने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर चापलूस लोगों को एल्डरमैन की नियुक्ति में प्राथमिकता दी जा रही है।

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