Sunday, July 21, 2019
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निरंकुश हैं अफसर, मनमर्जी से खुल रहे दफ्तर, दूरस्थ क्षेत्रों में दिन में भी लटके रहते हैं ऑफिस में ताले

मंत्री कमरों ने कहा सभी पर कसी जाएगी नकेल

कोरिया से अनूप बड़ेरिया की मुनादी

सरकार ने शासकीय कार्यालयों के खुलने और बंद होने का निश्चित समय तय कर रखा है। साथ ही कार्यालय में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए लंच करने का समय भी निर्धारित है । परन्तु कोरिया जिले में शासकीय कार्यालयों में बड़े गजब के नजारे दिखाई दे रहे है। कही पूरे दिन सरकारी कार्यालय बन्द है , तो कही लंच की आड़ लेकर कार्यालय के सभी कमरो में ताला लगा हुआ है तो किसी के पास चुनाव ड्यूटी का बहाना है। जिला मुख्यालय के कई कार्यालय में तो सबसे बड़े अधिकारी ही निरंतर लापता रहते हैं। कुछ अधिकारी केवल देर शाम को ही आते है और फाइल निपटाते हैं।

जिले के सबसे दूरस्थ भरतपुर ब्लाक मुख्यालय में वन विभाग के चार अलग-अलग कार्यालयों की ताला बन्दी की कहानी भी कुछ और ही बयाँ कर रही है। कोरिया जिला मुख्यालय से एक सौ पचास किलोमीटर दूर स्थित भरतपुर ब्लाक मुख्यालय में शासकीय कार्यालयों का क्या हाल है इसे यहाँ कभी भी अचानक पहुँचकर आसानी से देखा जा सकता है। कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को इस बात का जरा भी डर नही है कि इतनी दूर से उनके विभाग के बड़े साहब यहाँ आ सकते है और जिन्हें आना होता है उनके आने की खबर पहले से रहती है। ऐसे में सब अपनी मर्जी के मालिक है। बीते दिवस जब जनकपुर स्थित वन विभाग के चार कार्यालयों में मीडियाकर्मी गए तो यह देखकर हैरत में रह गए कि आफिस टाइम में ताला लटक रहा है और वहाँ कोई मौजूद नही है। कही आफिस खुला है तो अंदर सन्नाटा पसरा हुआ है । वनपरिक्षेत्राधिकारी कार्यालय बहरासी के मुख्य द्वार पर ताला लटक रहा था और परिसर में एक पेड के नीचे दो लोग खड़े थे । जब इनसे पूछा गया तो पता चला कि दोनो इसी कार्यालय में पदस्थ है। इनमे से एक वीरबहादुर चपरासी है और दूसरा राजेन्द्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी। ऐसे में बड़ा सवाल यह था कि कार्यालय के दो कर्मचारी होने के बाद कार्यालय क्यो बन्द है। कर्मचारियों ने बताया कि एक कर्मचारी से रेंजर शिवानंद द्विवेदी नाराज हो गए थे । जिसके पास चाभी नही थी तो दूसरे कर्मचारी को रेंजर साहब ने कार्यालय बन्द कर देने के लिए कहा था ।इसलिये कार्यालय सुबह से नही खुला। बात अगर कुंवारपुर रेंज के कार्यालय की करें तो इस कार्यालय का मेन गेट खुला हुआ था पर अंदर के तीनों दरवाजों पर ताला लटक रहा था। रेंजर कार्यालय, लिपिक कक्ष और कम्प्यूटर कक्ष में ताला लगा हुआ था। जनकपुर रेंज कार्यालय के तो मुख्य द्वार पर चैनल गेट बिना ताले के बन्द दिखाई दे रहा था। वही एसडीओ कार्यालय जाने पर वहां चपरासी बाहर मौजूद था पर लंच टाइम नही होने के बाद भी कर्मचारी मौजूद नही थे। जब इन कार्यालयो के हाल को लेकर कार्यालय के पास ही रहने वाले एसडीओ पीएस कंवर से बात की गई तो उन्होंनेे बताया कि सब लोग मुख्यालय में ही है लंच का समय है इसलिये गए होंगे । उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालय से सभी को एक साथ नही जाना चाहिए ।

सच तो यह है कि लंच के बहाने अधिकारी कर्मचारी घण्टो नदारद रहते है । वही दूरस्थ इलाको के कार्यालय अपनी मर्जी से खुलते और बन्द होते है। ऐसे में प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए जिससे इन कार्यालयों में आने वाले लोग भी यहा वहाँ इंतजार में न भटकते रहे।

सभी पर कसेंगे नकेल:-
भरतपुर-सोनहत विधायक व राज्य मंत्री गुलाब कमरों ने इसकी जानकारी मिलने पर कहा कि अफसर-कमर्चारी जनता के सेवक है। कार्यालय में समय पर कार्यालय में उपस्थित रहना उनका दायित्व है अब यह सब गैर जिम्मेदाराना हरकत नहीं चलेगी आचार संहिता हटने के बाद ब्लॉक मुख्यालय में अधिकारी कर्मचारियों की बैठक लेकर सभी पर नकेल कसी जाएगी।

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