Saturday, February 23, 2019
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स्कूलों में शिक्षक नही हैं तो क्या हुआ ,”हम” हैं न !

मयंक शर्मा की मुनादी

 

एक तरफ जहां शिक्षाकर्मियों की हड़ताल के चलते पूरे जिले के सरकारी स्कूलों में सन्नाटा पसरा है वही जिले के कुछ स्वसहायता समूह की महिलाएं स्कूल के बच्चों को पढ़ाने ओर उनके खुशियाँ बांटने के काम मे लग गई है। जिले के कोतबा में स्वसहायता समूह की महिलाओं ने आज विशेष रूप से संरक्षित जनजाति बिरहोर पारा में बिरहोर बच्चों के स्कूल में जाकर उन्हें पढ़ाया ओर शिक्षा का महत्व  समझाते हुए उन्हें पाठन सामग्री ओर गर्म कपड़े भेंट किये  ..….

 

 

मंगलम स्वसहायता समूह की पहल ——

 

 

कोतबा के मंगलम स्वसहायता समूह के महिलाओं ने शिक्षाकर्मियों के हड़ताल में जाने से क्षेत्र के दुरुस्त ग्राम बुलड़ेगा पहुचकर वहाँ के आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक शाला के अध्यनरत कोरवा विरहोर परिवार के बच्चों को कॉपी पेंसिल दिए और ग्रामीण कोरवा विरहोर महिलाओं को गर्म कपड़े वितरित किये,।इस दौरान मंगलम स्वसहायता समूह के अध्यक्ष प्राची सवितनंदन निखाड़े प्रीति अग्रवाल राखी शर्मा,मीना सिदार सहित अन्य महिलाओं के साथ सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप अग्रवाल पंकज शर्मा सहित अन्य लोग शामिल हुये।समूह के महिलाओं ने शिक्षाकर्मियों के हड़ताल में जाने से पढ़ाई व्यवस्था चौपट न हो इस लिहाज से बिरहोर पारा स्कूल के बच्चों को पढ़ाया  ओर  बारी बारी से सभी कक्षाओं में जाकर बच्चों को बौद्धिक क्षमता की जानकारी ली। हर वर्ष समूह कुछ ऐसा ही करता है अलग अलग क्षेत्रो के स्कुलो में जाकर स्वेटर बाटे है। बच्चों को और कॉपी पेन सहित पढ़ाई की सामग्री हर वर्ष दुरुस्त क्षेत्रो में जाकर समाज सेवा में बेहतर कार्य करने का प्रयासरत है ।

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