Wednesday, June 3, 2020
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मुनादी ब्रेकिंग- मेरा नही कोई कसूर साहब….गुहार लगाकर थक चुका और फिर परिवार के साथ बैठ गया अनशन पर …….

Munaadi News

रायगढ़ मुनादी।

स्वराज स्वरोजगार के लिए गए ऋण के अनुदान राशि जमा करने में संबंधित जिम्मेदार विभाग की लापरवाही से एक परिवार लिए गए ऋण का अतिरिक्त ब्याज साढ़े 7 लाख का बोझ पिछले कुछ समय से लिए दर-दर भटकता रहा लेकिन अब वह कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गया है।

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मामला यह है कि स्वरोजगार के लिए जिले के लेलूंगा का रहने वाला अनिरुद्ध गुप्ता स्वरोजगार योजना से लोन प्राप्त किया था। इसके तहत हल्दी मसाला के लिए उसे 19 लाख की स्वीकृति हुई थी जिसका 25% राशि सब्सिडी के तहत मिलता है। सब्सिडी की राशि 2 महीने के अंदर आवेदक के खाते में टीडीआर के रूप में जमा हो जाता है लेकिन अनिरुद्ध के साथ नही हुवा। लंबी जद्दोजहद के 4 साल के बाद अनुदान की राशि दी गई लेकिन तब तक उसके हिस्से में बैंक करीब साढ़े 7 लाख का ब्याज चढ़ा चुका था।


अब इसे वसूलने बैंक लगातार दबाव बना रहा है वही दूसरी तरफ पीड़ित परिवार अपना लिए लोन की किश्त जमा करने में लगा हुवा है उसके मुताबिक उसे करीब डेढ़ से पौने दो लाख रुपये ही जमा करना शेष है लेकिन लैलूंगा एसबीआई द्वारा सब्सिडी के ब्याज जो करीब साढ़े 7 लाख का है उसे जमा करने का दबाव बना रही है। जबकि यह सम्बन्धीत बैंक की लापरवाही और गंभीर गलती का नतीजा है । जबकि इस मामले में बैंक को गलती मानते हुए सब्सिडी के ब्याज के माफी की पहल स्वयं करनी चाहिए थी लेकिन ऐसा न कर एक आम नागरिक को परेशान किया गया है ऐसा नही है कि पीड़ित स्वरोजगार योजना का हितग्राही इसके लिए स्वयं अधिकारियों बैंक प्रबंधन सब के चक्कर काट चुका हैं बावजूद इसके इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। सब के सब सिर्फ और सिर्फ कागजी कार्रवाई भी ठीक से करना जरूरी नही समझा। ऐसे में यदि कोई परिवार जिला प्रशासन की शरण मे बैठता है तो कोई अतिशयोक्ति नही होगा।

बैंक लगातार आवेदक पर दबाव डाल रही इसका नतीजा यह हुआ कि परेशान होकर कलेक्टर के समक्ष भी गुहार लगाया और कलेक्टर को भेजे पत्र के अनुसार आज से कलेक्टर जिला मुख्यालय के सामने परिवार के साथ अनशन पर बैठ गया है।
कलेक्टर को पत्र प्रेषित कर 15 तारीख तक समस्या का समाधान नहीं होने पर 15 अप्रैल से उनकी शरण में अनशन पर बैठने की बात कही थी जिसके फलस्वरूप परिवार अनिरुद्ध अपनी पत्नी व बच्चों के साथ अनशन पर बैठ गया है।

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