Friday, May 24, 2019
Home > Top News > 8 माह से जनपद के चक्कर लगा रहा है हीतग्राही-निःसक्त पर नहीं आ रही है किसी को दया, मर चुकी है संवेदना …..

8 माह से जनपद के चक्कर लगा रहा है हीतग्राही-निःसक्त पर नहीं आ रही है किसी को दया, मर चुकी है संवेदना …..

— @क्या नहीं रही इंसानियत और संवेदना ?

(धरमजयगढ़ से असलम खान की मुनादी )–

ग्रामपंचायत सिसरिंगा के जगड़ा ग्राम निवासी युवराज मिंज राष्ट्रीय परिवार सहायता राशि के लिए जनपद पंचायत कार्यालय का दौड़ लगाते थक चूका है ,यहाँ पर बताना लाज़मी है की , युवराज मिंज जो एक पैरों से विकलांग भी है 8 माह से धरमजयगढ़ जनपद कार्यालय का चक्कर लगा रहा हैं.और अधिकारी कर्मचारी हैं की उन्हें कोई परवाह ही नहीं है उनके कान में जूँ तक नहीं रेंग रहा है ,जबकि राष्ट्रिय परिवार सहायता राशि योजना के तहत दुर्घटना पश्चात परिजन को  25 हजार रुपए मिलने है जो अब तक नहीं मिला है 8 माह से युवराज मिंज मिलने वाली सहायता राशि से वंचित है ,इस सम्बन्ध में हाल ही में कलेक्टर के धरमजयगढ़ दौरा में इस बात की शिकायत भी हो चुकी है.

मामला धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत सिसरिंगा ग्रामपंचायत के आश्रित ग्राम जगड़ा का है जहाँ के निःशक्त ग्रामीण युवराज मिंज राष्ट्रिय परिवार सहायता राशि के लिए 8 माह से भटक रहा है  ,बता दें 8 माह पहले पीड़ित के बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी उसके कुछ दिनों बाद बिमारी से बहु की भी मौत हो गई. इस तरह युवराज मिंज के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा ऐसे आलम में वह अपने नातिन के लिए अकेला देख रेख करने वाला रह गया , नातिन की जिम्मेदारी गरीब निःशक्त युवराज मिंज पर आ गया , बच्चे को अच्छी शिक्षा देने पैसे की जरुरत आन पड़ी,इसी उम्मीद में मिलने वाली राष्ट्रिय परिवार सहायता राशि पर वह निर्भर हो गया.जिसके लिए वह कइयो बार जनपद कार्यालय का चक्कर लगा चूका. लेकिन राशि नहीं मिल सका पीड़ित की माने तो अधिकारी कर्मचारी केवल उसे घुमाते रहे.खासकर पीड़ित ने यह आरोप लगाया है की ,धरमजयगढ़ जनपद कार्यालय के समाज कल्याण शाखा देखने वाले ग्रेड 3 के संतोष कुमार जांगड़े( बाबू )ने उन्हें बेवजह परेशान किया है ,आज कल बोलकर धोखे मे रखा रहा,अंततः मिडिया हस्तक्षेप बाद सम्बंधित बाबू ने हीतग्राही के चेक को रजिस्ट्री के माध्यम से तत्काल हीतग्राही के घर भेजने की बात कही है.ऐसे में यहाँ यह कहना गलत न होगा की कहीं न कहीं सम्बंधित कर्मचारी हीतग्राही से अपनी जेब गर्म करने के फिराक में राशि को लेकर टाल मटोल कर रहा था.अब देखने वाली बात होगी की हीतग्राही को कब तक उसके हक़ का राशि मिल पाता है , या फिर पहले की भाँती और आगे भी मुसद्दी लाल की तरह सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ेंगे  ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *