Sunday, July 5, 2020
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Munaadi Breaking:- केंद्रीय शक्कर बिक्री कोटे के खिलाफ उच्च न्यायालय का अहम फैसला, 25 करोड़ राशि की शक्कर बिक्री कर किसानों को भुगतान करने का निर्देश, किसानों को बड़ी राहत

सूरजपुर मुनादी ब्यूरो ।।

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मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता में किसानों के गन्ने की बकाया राशि का भुगतान करने के लिए उच्च न्यायालय बिलासपुर ने आज महत्त्वपूर्ण फैसला देते हुए 25 करोड़ रुपये की राशि की शक्कर बिक्री कर 15 दिन के अंदर किसानों को भुगतान करने का आदेश जारी किया है। यह प्रदेश का पहला आदेश है, जिसमें उच्च न्यायालय ने किसान हित को देखते हुए आदेश पारित कर कारखाना प्रबंधन को निर्देश दिया है। मंत्री जिला प्रतिनिधि कुमार सिंहदेव ने बताया कि सहकारिता व शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह के लगातार निर्देश से यह महत्त्वपूर्ण निर्णय किसान हित में आया है, अब जल्द ही इसपर भुगतान की कार्रवाई आरंभ करा दी जाएगी। उच्च न्यायालय में यह याचिका कारखाना के उपाध्यक्ष जितेंद्र दुबे की ओर से लगाई गई थी।

मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता पूरे सरगुजा संभाग में किसान हित से जुड़ा एकमात्र सहकारी उद्योग है, जिससे सरगुजा, सूरजपुर व बलरामपुर जिले के 19 विकासखण्ड के लगभग 400 गांव के 13469 किसान प्रत्यक्ष तौर पर जुड़े हुए है। सत्र 2019-20 में कारखाना के शुरुआती चरण से ही लगातार बारिश व बाद में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर कारखाना का पेराई कार्य प्रभावित रहा। इस सत्र के लिए प्रबंधन ने लगभग 3 लाख 50 हजार टन गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा था, लेकिन लगातार परेशानी के बाद अंततः 2 लाख 81हजार टन गन्ने की ही पेराई हो पाई थी। इसमें भी प्रदेश के शिक्षा व सहकारिता मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह के निर्देश पर कोरोना संकट से खेतों में फंसे 31 करोड़ के गन्ने की भी खरीदी कारखाना प्रबंधन ने करते हुए किसानों को बड़ी राहत पहुंचाई थी। इस राहत के बाद प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा संकट किसानों के गन्ने का भुगतान को लेकर भी था, जिसमें केंद्र से शक्कर बिक्री का कोटा इस भुगतान के लिए बड़ा रोड़ा बनकर सामने आ खड़ा हुआ था। जिसका कोई उपाय प्रबंधन के सामने नही था। इस समस्या के बीच किसानों को क्षेत्र के विधायक डॉ प्रेमसाय सिंह से भी काफी उम्मीद थी, क्योंकि वे वर्तमान में सहकारिता विभाग के मंत्री पद पर भी है। किसानों की बकाया राशि के जल्द भुगतान को लेकर भी वे लगातार कारखाना के बीओडी सदस्य व अपने प्रतिनिधि कुमार सिंहदेव को निर्देश देते रहे, अंततः उनके निर्देश पर बीओडी ने किसान हित को देखते हुए केंद्र के शक्कर बिक्री कोटे को चुनौती देते हुए कारखाना के उपाध्यक्ष जितेंद्र दुबे को अधिकृत किया गया, जिसके बाद उनकी ओर से उच्च न्यायालय की शरण ली गई, जिसका परिणाम यह निकला कि आज उच्च न्यायालय बिलासपुर ने अहम फैसला देते हुए कारखाना को तत्काल 25 करोड़ की शक्कर बिक्री करते हुए 15 दिन के अंदर किसानों को गन्ने का भुगतान करने का निर्देश जारी कर दिया है। यह पूरे प्रदेश का पहला महत्त्वपूर्ण निर्णय है जिसमे उच्च न्यायालय ने इस प्रकार का निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के बाद किसानों को उनके गन्ने का पूरा भुगतान किया जा सकेगा।

लगभग 34 करोड़ की राशि बकाया है किसानों की

मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता में इस सत्र कुल 2 लाख 81 हजार टन गन्ने की पेराई हुई थी। जिसमें किसानों को कुल 73 करोड़ 56 लाख रुपये का भुगतान करना था। इसमें कारखाना की ओर से 39 करोड़ 68 लाख का भुगतान कर दिया गया था, लेकिन बकाया 33 करोड़ 88 लाख का भुगतान शक्कर बिक्री के कारण नहीं हो पा रहा था। इस बकाया भुगतान से लगभग 4761 किसान सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे थे। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा था। केंद्र से शक्कर बिक्री के लिए निर्धारित कोटे के कारण शक्कर कारखाना के गोदाम में लगभग 80 करोड़ का शक्कर आज पूरी तरह से जाम पड़ा हुआ है, इसका समाधान नहीं निकलने पर कारखाना ने अपेक्स बैंक से लगभग 10 करोड़ का लोन भी लिया, लेकिन पूरी तरह से समाधान नहीं निकल सका। आज तक किसानों को 11 दिसम्बर 2019 से कारखाना आरंभ होने के बाद 28 फरवरी तक का भुगतान तो दिया गया, परंतु मार्च, अप्रैल व मई माह का भुगतान लगभग 34 करोड़ रुपये अभी बाकी है, लेकिन अब उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद किसानों के गन्ना की पूरी राशि का भुगतान किया जा सकेगा। यह क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है।

किसान हित में लगातार प्रयास का परिणाम है यह निर्णय

मंत्री जिला प्रतिनिधि कुमार सिंहदेव ने बताया कि किसानों के गन्ना की राशि की चिंता स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह लगातार कर रहे थे। इसके लिए हमलोगों ने अपेक्स बैंक से 10 करोड़ का लोन भी लिया, ताकि किसानों को राहत पहुंचाई जा सके, लेकिन यह राशि भी पर्याप्त नहीं थी, अंततः मंत्रीजी के निर्देश पर ही बीओडी की बैठक में उच्च न्यायालय जाने का निर्णय लिया गया। आज उच्च न्यायालय के निर्देश पर 25 करोड़ राशि की शक्कर बिक्री कर सभी किसानों के बकाया का पूरा भुगतान किया जा सकेगा। जिससे कोरोना संकटकाल में किसानों को काफी राहत मिल जाएगी। यह सही समय में किसान हित में आया हुआ निर्णय है। इससे किसानों को खरीफ फसल में आर्थिक तौर पर काफी मदद भी मिल जाएगी।आने वाले दिनों में हमलोग किसान हित में अन्य कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाने जा रहे है, जिस पर तेजी से प्रयास जारी है।

किसानों को बड़ी राहत देने वाली है यह खबर

शक्कर कारखाना के अध्यक्ष विद्यासागर सिंह आयाम ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसान हित में बेहतर बताया। उन्होनें कहा कि हम सभी के सामने किसान के गन्ने का बकाया भुगतान को लेकर बड़ी चिंता थी, क्योंकि कोरोना संकट काल में किसानों को आर्थिक तौर पर मदद देना जरूरी था। हमलोग इसके लिए लगातार प्रयास कर रहे थे, परंतु सम्पूर्ण भुगतान की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। इसके लिए क्षेत्र के विधायक व प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह के निर्देश पर यह महत्त्वपूर्ण निर्णय आया है, जिसके लिए हम सभी मंत्रीजी के प्रयास के लिए उनका आभार व्यक्त करते है। हम सभी आने वाले दिनों में कारखाना व किसान हित में लगातार प्रयास करते रहेंगे।

यह निर्णय प्रदेश में किसान हित के मद्देनजर काफी अहम

शक्कर कारखाना के उपाध्यक्ष जितेंद्र दुबे ने बताया कि शक्कर कारखाना से जुड़े किसान हित के बीच सबसे बड़ी बाधा केंद्र से मिलने वाला शक्कर बिक्री का कोटा है। आज किसानों का भुगतान सिर्फ शक्कर की बिक्री नहीं हो पाना प्रमुख कारण है। माननीय उच्च न्यायालय का फैसला न केवल प्रदेश बल्कि किसान हित से जुड़ा एक महत्त्वपूर्ण फैसला है। यह निर्णय सभी शक्कर कारखाना के लिए एक अहम निर्णय है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिल सकेगी। इसके लिए सहकारिता मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह का प्रयास अहम है। इस निर्देश के बाद अब किसानों के गन्ने का सम्पूर्ण भुगतान कर दिया जाएगा। आने वाले दिनों में भी हम सभी का प्रयास है कि कारखाना में आय के अन्य स्रोत को विकसित कर सके, ताकि कारखाना सक्षमता के साथ किसान हित में बेहतर कार्य कर सके।

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Devendra Singh
Cluster Editor Surguja Region

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