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जीते जी दवाई नहीं और मरने के बाद अंतिम विदाई नहीं! कोरोना के हाहाकार में मुश्किल हुआ अंतिम संस्कार

डेस्क मुनादी।। कोरोना के हाहाकार में लोगों को अस्पताल से लेकर शमशान तक लाइन लगना पड़ रहा है। चारों तरफ मौत का तांडव मचा हुआ है। यही वजह है कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की मौत होने के बाद उन्हें दाह संस्कार के लिए भी लंबी लाइन्स लग रही हैं।

यही हाल बनारस के श्मशान हरिश्चंद्र घाट का भी है। जहां लोगों को अपने परिजनों को जलाने के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। जहां व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए यहां पर मनमानी कीमत ली जा रही है। जानकारी के मुताबिक व्यक्ति के शव को जलाने के लिए 8000 से 30000 तक लिए जा रहे हैे।

अंतिम संस्कार के लिए की जा रही वसूली

ऐसा भी नहीं है कि अगर आप भारी-भरकम पैसे दें, तो आपके स्वजनों का अंतिम संस्कार जल्दी हो जाएगा। इसके लिए भी आपको घंटों तक लाइन लगानी ही होगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक लहरतारा में दुकान चलाने वाले राजेश सिंह के चाचा की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हो गई थी। राजेश जब अपने चाचा को लेकर हरिश्चंद्र घाट पहुंचे तो उन्हें कई घंटो तक इंतजार करना पड़ा और जब उनकी बारी आई तो अंतिम संस्कार करने वाले ने उनसे 10 हजार की मांग की।

खर्च से दुगनी रकम वसूल रहे श्मशान घाट

जब राजेश ने कहा कि उनके पास इतने पैसे देने को नहीं है, तो श्मशान वालों ने शव को वापस ले जाने को कह दिया। बता दें कि लकड़ी और दूसरी सामग्री को मिलाकर खर्च 5000 से ज्यादा नहीं होता, लेकिन इस बार कोरोना के चलते श्मशान घाट का रेट भी बढ़ा दिया गया है।

ऐसे ही कई मामले घाट से सामने आ रहे हैं। जहां किसी से 25 हजार तो किसी से 30 हजार रूपए मांगे जा रहे हैं। ऐसे में अब अपनों का अंतिम संस्कार करना भी लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। एक तो भी दूसरा इतना बड़ा हुआ रेट ऐसे में परिजन जाएं तो जाएं कहां?

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