Sunday, January 26, 2020
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भड़के फेडरेशन के नेता,पूछा-तुम किस लेबल के नेता हो ,चुप चाप…..

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बिलासपुर मुनादी ।।

छग सहायक शिक्षक फेडरेशन के जिलाध्यक्ष डी. एल.पटेल ने छग पँचायत/ननि शिक्षक संघ के बिना पद वाले कर्मचारी नेता आलोक पाण्डेय के बयान पर कड़ा आपत्ति जताया है श्री पटेल ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा है कि श्री आलोक पांडेय ऐसे संघ के बिना पद वाले नेता है जो हमेशा अपने प्रांताध्यक्ष के पक्ष में पालतू तोता के समान रटे रटाये अभिकथन कहते है इन्होंने जो हमारे प्रान्तीय संयोजक और शीर्ष नेतृत्व को 2013 में हड़ताल के समय स्कूल जाने के जवाब में कहा है कि जो शिक्षक सालभर अपने स्कूलों से गायब रहकर बीइओ सीईओ ऑफिस के चक्कर में दिन गुजर देता है और मासूम बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए लाखो रुपये का वेतन मुफ्त में लेता हो उसे किसी पर आरोप लगाना शोभा नही देता।जिला अध्यक्ष श्री पटेल ने आगे कहा है कि ये वही संग़ठन के कर्ता धर्ता है जो 1998 से शिक्षाकर्मीयो का शोषण करते आये है और शिक्षको को हड़ताल के नाम पर हर साल करोड़ो का चन्दा इकठ्ठा कर घर भरते रहे है,और जिन्होंने हड़ताल के समय येन निर्णायक मोड़ पर जबकि माँग पूरा होना होता था सरकार से साठगांठ कर हड़ताल वापस ले लेते थे साथ ही अपने संकुल से लेकर ब्लाक जिला और प्रान्त स्तर के नेताओ को विभिन्न कार्यालय में अटैच कराकर आम शिक्षाकर्मीयो से किसी न किसी बहाने रुपये ऐठने वाले किस मुहँ से बात करते है समझ से परे है।

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फेडरेशन के जिला अध्यक्ष ने तीव्र प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए लिखा है कि श्री आलोक और उनके सयम्भू नेता लोगो को प्रधान पाठक भर्ती के नाम पर लाखो करोड़ो का वारा न्यारा करने वाले सदा दिन शिक्षाकर्मीयो का खून चूसने वाले नैतिकता की बाते करते है।ये वही संघ है जब 2011 में फेडरेशन के बैनर तले सभी शिक्षाकर्मी आर पार की लड़ाई लड़ रहे थे तो इनका संघ और ये नेता अपने मुखिया सहित अपने स्कूल भी नही घरों मैं बैठ कर तमाशा देख रहे थे जबकि हजारो हजार शिक्षाकर्मी जेल के सलाखों में बन्द थे और एस्मा की मार झेल रहे थे ऐसे धोखे बाज नेता हमे सीखा रहे है पहले अपने अंदर झांके,न जाने इनके संघ के सैकड़ो पदाधिकारी आज तक स्कूल का मुख नही देखे है सभी कार्यलयों में अटैच और प्रतिनियुक्ति के आड़ में कुर्सी तोड़ रहे है और मलाई उड़ा रहे है और बात करते है माँग पूरा करने की जबकि ये संघ अपने दम पर आज तक 5%10% वेतन बढोतरी के अलावा कुछ नही करा पाए और दम भरते है मातृ पितृ संगठन की ।आगे इन्होंने सवाल किया है कि ये आलोक पाण्डेय किस लेबल का नेता है संकुल,ब्लाक,या जिला,प्रान्त सभी को बताए जरूर वरना चुपचाप स्कूल में बच्चों को पढ़ाई लिखाई करावे।

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