Monday, October 14, 2019
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एक वृद्ध पिता की मार्मिक कहानी बेटे तो है पर रखना नहीं चाहते, उन्हें सिर्फ दौलत से है प्यार, बेटी न होती तो पता नहीं क्या होता …. आप भी हो जायेंगे हैरान

Munaadi News

रायगढ़ मुनादी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

फाथर्स डे मदर डे ये सब महज कागजो में ही शोभा देता है। आज एक बुजुर्ग पिता जिसकी बनाई हुई घर द्वार सब कुछ है लेकिन बेटे है कि अपने साथ रखने को तैयार नहीं है। जिस तरह से दर दर भटकने को मजबूर एक पिता ने कहानी बताया इससे साफ होता है कि मोहनराम के दोनो बेटों को सिर्फ पिता की संपत्ति से मतलब् है पिता से नहीं।
बुजुर्ग ने यह भी बताया कि उसका एक छोटा बेटा और है जिसे भी उसके भाई ने घर से निकाल दिया हैंलेकिन अब वह कहा है पता नहीं।
शहर के पुत्री शाला के सामने रहने वाले करीब 70 वर्षिय मोहनराम देवांगन को उसके बेटो ने अपने साथ घर में रखने से मना कर दिया है। एक बेटे ने घर पर कब्ज़ा जमा लिया तो एक बेटे द्वारा पुरखों के समय की सोने चांदी के जेवर लगभग 30 लाख से अधिक को अपने कब्जे में ले लिया है।
अब पिता मोहन राम देवांगन इस उम्र में दर दर की ठोकर खाने को मज बुर है। भला हो उस बेटी का जो उसकी देख भाल कर देती है लेकिन बेटी के ससुराल में भी कब तक रहे ये भी दिल गवारा नहीं करता है।
बुजुर्ग मोहन राम देवांगन ने बताया कि वह कलेक्टर के जन दर्शन में 3 बार आवेदन दे कर अपने बेटों से न्याय दिलाने की मदद की गुहार लगाई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
बुजुर्ग मोहन राम ने बताया कि उसका एक बेटा छबिलाल रायगढ़ फारेस्ट में काम करता हैंऔर फारेस्ट के आवास में ही रहता है वह भी अपने पास रखने से इंकार करता है, सन्तराम दूसरा बेटा भी रखने से इंकार करता है घर जाने पर अंदर घुसने से भी मना किया जाता है। बुजुर्ग मोहन ने बताया कि उसके दो घर है एक पुत्री शाला के सामने और एक दुर्गा मंदिर चक्रधर नगर के पास हैंलेकिन आज वह दर दर भटकने को मजबूर है।
आज अपनी बेटी के घर टारपाली से आकर फिर कलेक्ट्रेट जा कर क्लेक्टर से मुलाकात किया।

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