Press "Enter" to skip to content

दिव्यांग दामिनी ने पैरों से पत्र लिखकर पाया शीर्ष स्थान कहा किस्मत तो उनके भी होते है ………….

रायगढ़ मुनादी।

*दिव्यांग दामिनी ने पैरों से पत्र लिखकर पाया शीर्ष स्थान
कहा किस्मत तो उनके भी होते है जिनके हाथ नही होते
राजधानी रायपुर में पत्र लेखन के विजेता प्रतिभागियों के सम्मान

अखिल भारतीय पत्र लेखन प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को प्रदेश की राजधानी रायपुर स्थित मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल छ.ग. परिमंडल के सभा कक्ष में 13 मार्च 2019 बुधवार को प्रशस्ती पत्र एवं पुरुस्कार राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया । एक सादगीपूर्ण एवं गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डॉ.अभिनव बालिया के कुशल निर्देशन में डाक विभाग के निदेशक एम.बी.गजभिये के विशिष्ट उपस्थिति में सम्मान समारोह आयोजित किया गया ।

इस अवसर पर निदेशक श्री गजभिये ने पत्र लेखन के उद्देश्य एवं डाक विभाग द्वारा चलाए गए ढाई आखर पत्र लेखन कैंपेन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पत्रों के माध्यम से हम अपनी भावनाओं को बेहतर ढंग से व्यक्त कर सकते हैं जबकि वर्तमान दौर में लोग मोबाइल, कंप्यूटर एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि के कारण पत्र लेखन से दूर होते जा रहे हैं इस बात को अनुभव करते हुए डाक विभाग ने अखिल भारतीय पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसमें छ. ग. रायपुर परिमंडल से ही दस हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए , आप लोग इसमें से चयनित विजेता हैं । रायपुर परिमंडल स्तर पर पत्रों के मूल्यांकन पश्चात चयनित उत्कृष्ट पत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर भी भेजा गया है। हमारी शुभकामनाएं है कि आप राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ रायपुर परिमंडल का नाम रोशन करें । इस अवसर पर डाक विभाग के सहायक निदेशक (फिलाटेलि) यू.एस.सिंह, सहायक निदेशक (स्टाफ) एच.के.महावर, सहायक निदेशक-2 बी.आर.यादव, प्रवर अधीक्षक रायपुर बी.एल.जांगड़े, रायगढ़ से श्रीमती धनमती पटेल, विजेता प्रतिभागियों के परिजन, छात्र-छात्राओं के माता-पिता सहित भारी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डाक विभाग के भक्ति माला पालीवाल द्वारा किया गया।

पैरों से पत्र लिख कर शीर्ष स्थान पाई दामिनी :

पत्र लेखन प्रतियोगिता विजेता प्रतिभागियों को भी अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अवसर दिया गया जिसमें लिफाफा पत्र लेखन में अपने पैरों से पत्र लिखकर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली दिव्यांग प्रतियोगी कुमारी दामिनी सेन ने कहा कि मैं डाक विभाग को विशेष रुप से धन्यवाद देती हूं कि हमें अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अवसर दिया, कुमारी दामिनी ने लोगों का हौसला बढ़ाते वे कहा कि हमें कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए मेरे दोनों हाथ जन्म से नहीं है लेकिन मैंने अपने पैरों से पत्र लिखकर इस मुकाम को हासिल किया है,किसी ने कहा है हाथों की लकीर पर विश्वास मत करना तकदीर उनकी भी होती है जिनके हाथ नहीं होते, यह मेरे लिए सत्य साबित हुआ है। कु. दामिनी ने पैरों में लिखने का अभ्यास कराने के लिए अपनी माँ एवं बहन के विशेष सहयोग का भी उल्लेख किया।

भाव अभिव्यक्ति हेतु पत्र श्रेष्ठ माध्यम :भोजराम
रायगढ़ से अंतर्देशीय पत्र श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले व्याख्याता भोजराम पटेल ने कहा कि अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति के लिए पत्र लेखन सर्वश्रेष्ठ माध्यम है । डाक विभाग द्वारा प्रतियोगिता के माध्यम से हमें लेखन विधा की ओर प्रेरित किया जाता है जिस के लिये हम विशेष रूप से आभारी है ।

ये रहे छ.ग.रायपुर परिमंडल के विजेता प्रतिभागी :
पूरे प्रदेश रायपुर पर मंडल अंतर्गत 18 वर्ष तक आयु वर्ग में अंतर्देशीय पत्र लेखन में श्री अंशिका कोसरिया रायपुर, द्वितीय स्थान कुमारी ज्योति बघेल सक्ती बिलासपुर तृतीय स्थान मनीष पटेल रायगढ़ विजेता रहे वहीं लिफाफा श्रेणी में प्रथम कुमारी मिताली जैन द्वितीय राशी घोरपड़े रायपुर, तृतीय कुमारी शिवानी पांडेय कोरबा बिलासपुर ,रहे। इसी प्रकार 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में अंतरदेशीय पत्र लेखन के तहत बिलासपुर के गुंजन साहू प्रथम रायगढ़ के भोजराम पटेल द्वितीय एवं रायपुर संभाग के मेघा आप्टे तृतीय स्थान के लिए सम्मानित की गई ।18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में लिफाफा प्रतियोगिता के अंतर्गत रायपुर संभाग से दिव्यांग प्रतिभागी कुमारी दामिनी सेन प्रथम बिलासपुर संभाग के दिलीप सिंह राजपूत द्वितीय एवम बिलासपुर संभाग कोरबा से रामेश्वर सिंह कंवर तृतीय स्थान पर रहे ।

Munaadi Ad
Munaadi Ad Munaadi Ad Munaadi Chhattisgarh Govt Ad

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *