Friday, June 5, 2020
Home > Surguja News > Munaadi Breaking:-श्रम कानूनों में किये गए संशोधन व कोल इंडिया को निजीकरण करने की साजिश को लेकर कोयला जगत में आज देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

Munaadi Breaking:-श्रम कानूनों में किये गए संशोधन व कोल इंडिया को निजीकरण करने की साजिश को लेकर कोयला जगत में आज देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

सरगुजा संभागीय ब्यूरो।।

कमर्शियल माइनिंग एवं खदानों का लीज स्थानांतरण का आदेश वापस लेने समेत अन्य मुद्दों को लेकर हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) ने विरोध जताया। संघ ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा श्रमिक एवं सीआईएल विरोधी गतिविधियों को वापस लेने की मांग रखी।

Munaadi Ad

एसईसीएल भटगांव क्षेत्र स्थित मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष ज्ञापन सौंपते हुए एचएमएस ने केंद्र की नीतियों पर आपत्ति जताया है एचएमएस के क्षेत्रीय महामंत्री तेज बहादुर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार मजदूर विरोधी काम कर रही है पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की मंशा से कोल इंडिया को निजीकरण करने की साजिश रची जा रही है। वही देश के 3 राज्य मध्य प्रदेश गुजरात व उत्तर प्रदेश में श्रम कानूनों में संशोधन कर 3 वर्षों के लिए शिथिल कर दिया गया है।

जिससे इस राज्य में 3 वर्ष तक श्रम कानूनों का कोई भी पालन नहीं किया जाएगा। जिसको लेकर श्रमिक संघ एवं संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कई दफा श्रम मंत्री को प्रतिवेदन सौंपा गया है। परंतु नियमों में बदलाव करने के बजाए लगातार मौजूदा सरकार के द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन कर मजदूरों को लाचार करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि निजीकरण होते ही उद्योगपति मनमाने ढंग से मजदूरों का शोषण करेंगे। अगर कोई मजदूर इस दौरान कोई विरोध भी करता है। तो उसे बिना कोई कारण बाहर का रास्ता दिखाने से भी उद्योगपति नहीं चुकेंगे।

जिससे उन मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या निर्मित हो उठेगी। वही कोल इंडिया की ओर ध्यान आकर्षित करते हो बताया कि कोल इंडिया की सहायक उपक्रम में से एक सीएमपीडीआई भी है। परंतु केंद्र सीएमपीडीआई को अपने अधीन रखने की इच्छुक है। जिसे कोल इंडिया के साथ रखना न्यायोचित है। इतना ही नहीं देखने वैश्विक महामारी के फैलने के उपरांत लगातार मजदूरों की व्यथा देखने को मिल रही है। अचानक से देश में लागू करने के कारण कल कारखाने बंद हो जाने से मजदूरों के बीच गरीबी, भुखमरी एवं लाचारी का वातावरण निर्मित हो गया है।

जिसके कारण प्रवासी मजदूर लगातार अपने घर की ओर पलायन कर रहे हैं। लेकिन लॉक डाउन होने की वजह से परिवहन सेवा ठप हो जाने के कारण लोगों को हजारों किलोमीटर तक परिवार समेत पैदल चलना पड़ रहा है। जिसे देशभर में लगातार सड़क रेलवे समेत अन्य स्थानों पर मजदूरों की साँसे थमने की खबर भी सामने आ रही है।

जिसका मुख्य कारण केंद्र व राज्य के बीच आपसी समन्वय की कमी देखने को मिल रही है। जिसका खामियाजा मजदूर वर्ग के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। केंद्र को अपने आदेशों का पुनः विचार करने की आवश्यकता है। अगर इसके बावजूद मौजूदा सरकार अपने आदेशों को वापस नहीं लेता है तो आने वाले वक्त में हम मजदूर साथी एकजुट होकर अपने और कोल इंडिया के हक में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। जिसका जिम्मेदार केंद्र सरकार होगा।

प्रमुख मांगे

0 कमर्शियल मीनिंग व खदानों की लीज स्थानांतरण करने का फैसला वापस लिया जाए।

0 नेशनल कॉल वेज एग्रीमेंट की धारा 9.4.0 के तहत जो श्रमिक सारी रूप से कार्य करने हेतु सक्षम है उन्हें डॉक्टरी इलाज के उपरांत अनफिट करार कर उनके आश्रितों को नौकरी दिलाई जाए।


0 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अधिकारी वर्ग की भांति ₹40 हजार रुपये में 25 लाख तक का इलाज मुक्त कराए जाए।


0 सीएमपीडीआई के साथ एमईसीएल के विलय और कोल इंडिया लिमिटेड से सीएमपीडीआई को डीलिंग करने का प्रस्ताव तो त्याग किया जाए।


0 अधिकारी वर्ग के भांति कोयला कर्मचारी को भी अपकीप एलाउंस पर आयकर का भुगतान कोल कंपनी द्वारा किया जाए।


0 कोयला श्रमिकों की आयु संबंधित समस्त विवादों को निपटाया जाए।


0 कोल इंडिया में प्रचलित मेडिकल एलाउंस रूल को स्पष्ट बनाए जाए।


0 कॉल उद्योग में समूह ग्रेजुएटी बीमा योजना का कवरेज लाख रुपए तक है। उसे 10 लाख से 20 लाख रुपए तक बढ़ाई जाए और ठेकेदार के श्रमिकों के लिए इसे उपरोक्त अनुसार लागू किया जाए।


0 जिन ठेका श्रमिकों को कोयला उद्योग में काम मुहैया कराया गया है। उन्हें हाई पावर कमेटी द्वारा कुशल अर्थ कुशल अकुशल श्रेणी के मजदूरों को निर्धारित दर से मजदूरी का भुगतान कराई जावे।


0 सेवानिवृत्त कोयला कामगार की बढ़ी हुई ग्रेच्युटी भुगतान 1.7.2016 से की जाए।


0 कोयला उद्योग के कैडर स्कीम में उल्लेखित प्रवधान के अनुसार पदोन्नति तय समय पर की जाए।


0 कोलियरी डिस्पेंसरी का न्यूनतम मानक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए

इनके अतिरिक्त अन्य मांगों को लेकर देर शाम की मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन कर मुख्य महाप्रबंधक को देश के प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

Munaadi Ad
Devendra Singh
Cluster Editor Surguja Region

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *