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जशपुर में अनकंट्रोल हुए कांग्रेसी! उन्हें संभालने में नेताओं के भी छूट रहे पसीने, नेताजी बोले-कोई समझने को तैयार नहीं, हम क्या करें, पढ़िए पूरी खबर

जशपुर मुनादी।। जिले में कांग्रेस पार्टी में जारी अंतर्कलह थमने का नाम नही ले रहा। पार्टी के अंदर की बात अब न केवल सोशल मीडिया में आनी शुरू हो गयी है बल्कि पार्टी के नेता अब खुलकर बैठकें करके भड़ास भी निकालने लगे हैं। बगीचा से कुछ ऐसी ही खबर आ रही है। संगठन द्वारा बगीचा ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में रामेश्वर गुप्ता को चुने जाने के बाद से ही बगीचा में पार्टी के अंदर बवाल मचा हुआ है। कुछ दिनों तक विवाद पार्टी के अंदर ही रहा लेकिन अब लोग खुलकर संगठन के निर्णय की खिलाफत पर उतर आए हैं।

बगीचा के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता स्वयं ऐसा मानते है कि रामेश्वद गुप्ता को ब्लॉक अध्यक्ष बनाये जाने से पार्टी के कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश है। उन्होंने औपचारिक चर्चा में बताया कि कांग्रेस एक अनुशासित पार्टी है और संगठन द्वारा लिए गए निर्णय का सभी कार्यकर्ताओं को सम्मान करना चाहिए। लेकिन कार्यकर्ता इस बात को समझने को तैयार नहीं हैं।

बगीचा के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आनंद लाल कुनूर ने बताया कि आज पूरे ब्लॉक के पुराने और वरिष्ठ नेताओं की आज बैठक हुई थी। बैठक में एकस्वर में नए ब्लॉक अध्यक्ष को हटाए जाने के मुद्दे पर सभी कार्यकर्ताओं ने समर्थन किया। बाद में यह फैसला लिया गया कि सभी कार्यकर्ता अपनी बात लेकर मुख्य्मंत्री और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम के पास जाएंगे। बैठक में पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता के भी मौजूद होने की बात आ रही है। हांलाकि उन्होंने कहा कि वह आज के बैठक में मौजूद नहीं थे लेकिन कार्यकर्ता लगातार उनके पास आ रहे हैं और नए ब्लॉक अध्यक्ष को लेकर अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं। उनके द्वारा कार्यकर्ताओ से संगठन के निर्णय को मानने का आग्रह भी किया जा रहा है। लेकिन कार्यकर्ता उनकी समझाइश से सहमत होते नहीं दिख रहे हैं।

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आपको बता दें कि बगीचा में नए ब्लॉक अध्यक्ष की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस नेताओं का विरोध सोशल मीडिया में फूटने लगा था। सबसे पहले पहाड़ी कोरवा समुदाय के कांग्रेस नेता रामप्रसाद साय ने मीडिया में अपना विरोध दर्ज कराते हुए कांग्रेसियों को चुल्लू भर पानी मे डूब मरने की नसीहत तक दे डाली थी। हालांकि इस मामले में पार्टी के किसी भी बड़े जिम्मेदार नेता की ओर से अबतक कोई बयान नहीं आया है।

विधायक भगत के माने जाते हैं करीबी

इस मामले में स्थानीय विधायक विनय भगत व पार्टी जिलाध्यक्ष सागर यादव से भी सम्पर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। पार्टी के अंदर शुरू इस विवाद को सत्ता और संगठन की लड़ाई से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि जिस ब्लॉक अध्यक्ष को लेकर इतना विवाद बढ़ा है उनको लेकर कहा जा रहा है कि वह विधायक विनय भगत के काफी करीबी हैं और उन्हें विधायक के करीबी होने का सीधा लाभ मिल गया। उनकी नियुक्ति से पूर्व कार्यकर्ताओं से चर्चा करने तक कि जरूरत नहीं समझी गई। संगठन के लोगो की इच्छा को किनारे रखकर एकतरफा नियुक्ति कर दी गयी।

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