Sunday, December 15, 2019
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धारा 370 और 35 ए बन गया गले की हड्डी ……उगले या निगले समझ से परे …..इनके अब तक नही कर पा रहे तय …..

कॉंग्रेस तय नहीं कर पा रही कि उसे जम्मू से धारा 370 व 35 A हटाने का समर्थन करना है या विरोध-पूर्व विधायक श्याम बिहारी

धारा 370 और 35A को लेकर भाजपा की प्रेस वार्ता

अनूप बड़ेरिया की मुनादी

जम्मू कश्मीर से धारा 370 35 A हटाने के संबंध में मंगलवार को भाजपा कार्यालय में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया इसमें मुख्य रूप से भाजपा जिला अध्यक्ष तीरथ गुप्ता, मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक श्यामबिहारी जायसवाल व भरतपुर- पूर्व विधायक श्रीमती चंपादेवी पावले उपस्थित रहे।

इस दौरान पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35 A हटाकर एक ऐतिहासिक कार्य किया है। पूर्व की केंद्र की कांग्रेस सरकार की गलतियों को मोदी सरकार ने सुधार दिया है। हैरानी की बात नहीं कि कांग्रेस धारा 370 हटाने के संबंध में असमंजस की स्थिति में है कि उसे उसका समर्थन करना है कि विरोध करना है। जहां पार्टी धारा 370 का विरोध कर रही है। वही ज्योतिरादित्य सिंधिया, जनार्दन रेड्डी, सचिन पायलट, कर्ण सिंह जैसे अनेक बड़े नेता पार्टी लाइन से हटकर इसका समर्थन कर रहे हैं।

श्याम बिहारी ने कहा कि यह विधेयक अनुच्छेद 370 एक ऐसा लेख था जो जम्मू और कश्मीर को स्वायत्तता का दर्जा देता था। संविधान के भाग XXI में लेख का मसौदा तैयार किया गया है अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष प्रावधान। जम्मू और कश्मीर की संविधान सभा को, इसकी स्थापना के बाद, भारतीय संविधान के उन लेखों की सिफारिश करने का अधिकार दिया गया था जिन्हें राज्य में लागू किया जाना चाहिए या अनुच्छेद 370 को पूरी तरह से निरस्त करना चाहिए। बाद में जम्मू-कश्मीर संविधान सभा ने राज्य के संविधान का निर्माण किया और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की सिफारिश किए बिना खुद को भंग कर दिया, इस लेख को भारतीय संविधान की एक स्थायी विशेषता माना गया।

पूर्व विधायक ने कहा कि मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को राज्यसभा में एक ऐतिहासिक संकल्प पेश किया। जिसमें जम्मू कश्मीर राज्य से संविधान का अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य का विभाजन जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में करने का प्रस्ताव किया गया । जम्मू कश्मीर केंद्र शासित क्षेत्र में अपनी विधायिका होगी जबकि लद्दाख बिना विधायी वाली केंद्रशासित क्षेत्र होगा।

श्यामबिहारी ने कहा कि इसे खत्म करने की बात इसलिए हो रही है क्योंकि इस अनुच्छेद को संसद के जरिए लागू नहीं किया गया था, दूसरा कारण ये है कि इस अनुच्छेद के ही कारण पाकिस्तान से आए शरणार्थी आज भी राज्य के मौलिक अधिकार और अपनी पहचान से वंचित हैं।

इस दौरान पूर्व जिला महामंत्री कृष्ण बिहारी जायसवाल, नपा अध्यक्ष शैलेष शिवहरे, रामधनी गुप्ता, मनोज गुप्ता, संजय अग्रवाल, पंकज गुप्ता, सुभाष साहू, बसंतराय, अरशद खान, लक्ष्मी गुप्ता सहित अनेक भाजपा नेता उपस्थित रहे।

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