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तो क्या यहां के जनप्रतिनिधि नकारे हैं ? सीएम के बयान के बाद लोगों की प्रतिक्रिया, पढिये क्या है पूरा मामला

 

 

Munaadi Chhattisgarh Govt Ad

जशपुर मुनादी ।।

 

 

जशपुर तेजी से बदल रहा है । यहां के लोग न केवल तेजी से जागरूक हो रहे हैं बल्कि तरक्की की राह में निरन्तर आगे भी बढ़ रहे हैं। शिक्षा,स्वास्थ,रोजगार और निर्माण का काम यहां सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य को या तो छू रहे हैं या लक्ष्य से भी आगे बढ़ रहे है। आदिवासी और जिले के दूरस्थ गांवों में प्रदेश और केंद्र की सभी लाभप्रद योजनाओं के बेहतर क्रियान्वन यह प्रमाणित करता है कि जशपुर तेजी से बदल रहा है और जशपुर को बदलने में सबसे अहम भूमिका जशपुर कलेक्टर डॉ प्रियंका शुक्ला की है ।यह हम नही कह रहे बल्कि यह कहना है प्रदेश के मुखिया डॉ रमन सिंह का वह भी एक बार नही कई बार । अगर सीएम की बातों पर गौर करें तो सीएम का कहना काफी हद्द तक राजनीति से परे और 100 प्रतिशत सही भी है ।इस सच के अलावे एक सच यह भी है कि जशपुर को बदलने में अब तक यहां के जनप्रतिनिधियो के द्वारा अब तक ईमानदार प्रयास नही किये गए नही तो जशपुर आज से 3 साल पहले ही बदल चुका होता । पूरे प्रदेश और देश मे जशपुर एक ऐसा इकलौता जिला है जो सत्ता के शीर्ष पर बैठे जनप्रतिनिधियो से भरा पड़ा है । कोई जनप्रतिनिधि प्रदेश तो कोई देश के सबसे बड़े पंचायत संसद में बैठे है ।किसी को बड़ा सियासी ओहदा दिया गया तो किसी को लालबत्ती लेकिन आज से 3 पहले तक जशपुर की सूरत बदलने में यहां के सारे सियासी सूरमाओं की भूमिका नही के बराबर रही ।यही वजह है कि सिवाय स्व दिलीप सिंह जूदेव के अलावे अब तक सीएम ने न तो किसी बिधायक की प्रशंसा की न किसी सांसद और न ही उनकी पार्टी से जुड़े किसी जनप्रतिनिधि की । कायदे से सरकार की योजनाओं को जनजन तक पहुचाने और जशपुर के चहुमुखी विकास में पार्टी के नेता ,बिधायक ,सांसद और ऊंचे ओहदे पर बैठे जनप्रतिनिधियो को निभानी थी लेकिन इतने वर्षों में ऐसा कुछ भी नही हुआ ।शायद सीएम को इस बात का अंदाजा भी लग गया होगा कि इनके सहयोगी जनप्रतिनिधियो से कुछ नही होने वाला और जशपुर के पिछड़ेपन की ठीकरा कही सरकार पर न फुट जाय इसलिए उन्होंने तेज तर्रार आई ए एस का चयन कर जशपुर भेजा ।इस बात को केंद्र में बैठे केंद्रीय मंत्री भी कबूल कर चुके हैं कि मुख्यमंत्री ने कलेक्टर प्रियंका का चयन जशपुर के लिए काफी सोंच समझकर किया है ।मुख्यमंत्री का जशपुर पर ध्यान केंद्रित करना लाजमी इसलिए भी है क्योंकि पूरे प्रदेश में भाजपा के लिए जशपुर जिला ही ऐसा जिला है जहां की 3 सीट भाजपा के लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित है।परिसीमन से पूर्व पत्थलगांव को छोड़कर ,तपकरा,बगीचा और जशपुर विधानसभा में भाजपा का एकाधिकार रहा और परिसीमन के बाद भी भाजपा यहां के सभी 3 सीट पर कब्जा जमाए हुए है । भाजपा के दिवगंत नेता स्व जूदेव के जाने के बाद तीनों सीट पर खतरे को भांपते हुए सीएम ने इस जिले को तेजी से विकास से जोड़ने की योजनाबनाई और कहि न कही सीएम की सोंच को आज मजबूती भी मिल रही है । यह भी गौर करने वाली बात है कि स्व जूदेव के चले जाने के बाद से जशपुर में सीएम का लगातार दौरा जारी है । और इनका हर दौरा विकास के नजरिये से महत्वपूर्ण है ।हर दौरे में सीएम ने जिले को करोड़ो की सौगात दी ।

इन सभी तथ्यों पर बारीकी से गौर करें तो विपक्ष का मुह बन्द करने के लिए विकास को सामने लाना कम से कम जशपुर में बहुत जरूरी हो गया था ।अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार द्वारा जशपुर में विकास गढ़ने से लेकर जशपुर को आगे बढ़ने में मजबूत भूमिका निभा रही कलेक्टर प्रियंका का प्रयास पार्टी को चुनाव में कितना लाभ दे पाता है ?

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