Saturday, September 21, 2019
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इन दिनों लोगों में छाया सिनेमैटिक शॉर्ट फिल्मों का क्रेज ..गांव का हरीश कला नगरी में गढ़ रहा इतिहास

रायगढ़ मुनादी।

यूं तो छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण का सिलसिला बहुत पहले से चला आ रहा है। वर्तमान मे यू-ट्यूब विडियो के इस दौर मे शॉर्ट फिल्मों का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ रहा है। आज के दौर में समय के अभाव में शॉर्ट फिल्में मनोरंजन का बहुत ही अच्छा साधन है।

हरीश कुमार पटेल रायगढ़ पॉलिटेक्निक में लेक्चरर के पद पर कार्यरत है, सिनेमैटिक शॉर्ट फिल्मों का निर्माण रायगढ़ में ही कर रहे हैं और स्थानीय प्रतिभाओं को मौका दे रहे हैं। इनकी शॉर्ट फिल्मों में न सिर्फ मनोरंजन होता है बल्कि हर फिल्मों मे कुछ न कुछ सामाजिक संदेश देने का प्रयास होता है। इसलिए इनकी हर फिल्मे लोगों का मनोरंजन करने के साथ-साथ लोगों को विभिन्न विषयों के प्रति जागरूक बना रही है। इनकी कुछ सिनेमैटिक शॉर्ट फिल्में हैं- जिसमे पहली फ़िल्म हमारी बेटी, दूसरा हॉरर फिल्म और आयरा , शहीद ऑफ पुलवामा ,ऑनलाइन लब ,ऑनलाइन लब -2 ,आई नेवर मिस यू ,इत्यादि। आप इनकी शॉर्ट फिल्में www.youtube.com/harishkumarpatel पर जाकर देख सकते हैं।

आज राज्य एवं देश के विभिन्न हिस्सों से लोग इनकी फिल्में देखकर सराहना कर रहे है। हरीश कुमार पटेल जो कि इन फिल्मों के स्वयं लेखक निर्देषक एवं निर्माता हैं, इन्होने स्वंय द्वारा हॉलीवुड तर्ज पर बनी हॉरर शॉर्ट फिल्म मे अभिनय कर अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके हैं। हमारी बेटी जो शॉट फ़िल्म है वह बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ के थीम पर है और रायगढ़ जिला को इसके लिए सम्मानता लाने के लिए चिन्हांकित भी किया गया था । वहीं आयरा और शहीद ऑफ पुलवामा प्रेरणा दाई फ़िल्म है पुलवामा शहीद और उनके परिवार को समर्पित है इस तरह उनकी एक कोशिश लोगों को भा रही है । रायगढ़ जो पूर्व में छत्तीसगढ़ की संस्कृति का केन्द्र रही है, आज इन जैसे कलाकारों के माध्यम से पुनः जीवंत हो रही है। गांव का हरीश कला नगरी रायगढ़ में इतिहास गढ़ रहा है ।हरीश कुमार पटेल कोसीर अंचल के ग्राम पासिद से तालुक रखते है ।हरीश के पिता का नाम दिनेश पटेल और माता का नाम श्रीमती जयंती पटेल है इनका जन्म 14 मार्च 1992 में पासिद गांव में हुई और प्रारम्भिक शिक्षा गांव और कोसीर में हुई वही रायपुर आर आई टी में एम टेक कर वर्तमान में रायगढ़ पॉलिटेक्निक में लेक्चरर हैं । उन्होंने फोन वार्ता में कहा कि यह मेरा एक कोशिश है और आने वाले समय में स्थानीय मुद्दों को लेकर आम लोगों तक पहुंचने की कोशिश करूंगा और बेहतर करने की चाह है ।

अंत मे उनकी कोशिश और लगन को बधाई एवं शुभकामनाएं …
लक्ष्मी नारायण लहरे “साहिल”
युवा साहित्यकार ,पत्रकार कोसीर सारंगढ

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