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Breaking jashpur 325 बोरी धान का हेर फेर ! प्रबंधक का आया सीधा नाम ! लेकिन यहाँ हो गया केमिकल लोचा !! पढ़िये हेर फेर के खेल में कौन कौन शामिल

जशपुर मुनादी।।जशपुर के नागलोक कहे जाने वाले फरसाबहार में धान का खेल बदस्तूर जारी है । खाश बात यह है कि इस खेल में उपर से नीचे तक के लोगो की संलिप्तता सामने आ रही है ।

जानकारी के मूताबिक फरसाबहार के झारमुंडा में धान में अफरा तफरी की मिली सूचना के आधार पर फरसाबहार एसडीएम शबाब खान पूरे दल बल के साथ झारमुंडा पहुँच गए ।वहाँ पहुंचकर उन्होंने शिवचरण नामक किसान के टोकन का सत्यापन करना शुरू किया तो पता चला कि शिवचरण के पास 425 बोरी धान का टोकन है जबकि उसके पास कूल 100 बोरी मात्र धान है । टोकन के अनुसार धान की बोरियों में कमी पाए जाने पर एसडीएम ने बाकी 325 बोरियों के बारे में किसान से जानकारी मांगी तो किसान ने सबसे पहले एसडीएम को गुमराह करते हुए यह बता दिया कि बाकी धान की 325 बोरी कहीं दूसरे जगह रखा है । एसडीएम ने उसे 325 बोरियों के ठिकाने पर चलने को कहा तो किसान एसडीएम के साथ हो गया और कथित रूप से रखी गयी 325 बोरियों के ठिकाने पर एसडीएम को ले जाने लगा ।लेकिन आगे कुछ दूर जाने पर किसान ने सच उगलते हुए बताया कि उसके पास केवल 100 बोरी ही धान है बाकी 325 बोरी धान को सोसाइटी के प्रबंधक जयप्रकाश साहू ने एडजस्ट करने का भरोसा दिया है । किसान के कबूलनामे के बाद एसडीएम वापस लौट आये और किसान के पास रखे धान की 100 बोरियों को जप्त कर लिया ।

इस पूरे मामले में जब हमने एसडीएम शबाब खान से बात की तो उन्होंने बताया कि किसान ने किसी साहू का नाम लिया और बताया कि उसके द्वारा उसे 325 बोरी धान एडजस्ट करने का भरोसा दिया है । यह पूछने पर कि क्या इस संबंध में उनके द्वारा साहू से कोई पूछ ताछ की गई तो उन्होंने बताया कि साहू से इस बारे में कोई पूछ ताछ नहीं की गई ।

यह बताना जरूरी है कि एसडीएम के द्वारा कार्रवाई 5 बजे सुबह की गई थी और मुनादी डॉट कॉम के द्वारा लगभग साढ़े 3 बजे एसडीएम से फोन पर सम्पर्क किया गया । याने कार्रवाई के 10 घण्टे बाद भी एसडीएम के द्वारा 325 बोरी धान एडजस्ट करने का भरोसा देने वाले साहू का कोई बयान नहीं लिया गया ।साहू से यह भी पूछने की हरूरत महशूस नहीं की गई कि किसान सच बोल रहा है या झूठ ?

इधर इस मामले में जब मुनादी डॉट कॉम ने प्रबंधक जय प्रकाश साहू से सम्पर्क किया गया तो उसने बताया कि उसने किसान शिवचरण को 325 बोरी धान को देख लेने का भरोसा दिया था यह सच है लेकिन इसके पीछे की बात यह है कि वह उंक्त किसान का रकबा समर्पण कराना चाहता था ।मतलब ये कि किसान जब 100 बोरी धान लेकर धान खरीदी केंद्र आता तो उसे समझा बुझाकर रकबा समर्पण करा दिया जाता । जय प्रकाश साहू से जब हमने पूछा कि एसडीएम द्वारा उसका बयान लिया गया या नहीं तो उसने भी बताया कि एसडीएम के द्वारा उससे किसी तरह की कोई पूछ ताछ नहीं की गई है ।

जयप्रकाश साहू सही है या गलत ,उसने 325 बोरी धान एडजस्ट करने का भरोसा किस बिला पर दिया या उसकी मंशा किसान का रकबा समर्पण कराने की थी या नहीं इन सबसे बड़ा सवाल यह है कि 325 बोरी धान के बड़े मामले सोसाइटी प्रबंधक का सीधा नाम आने के बाद भी आखिर सोसाईटी प्रबंधन का बयान क्यों नहीं लिया गया ? इस बारे में उससे पूछ ताछ करने की जुर्रत क्यों नहीं महसूस की गई ? या प्रशासन ने यह मान लिया कि ऐसा होते ही रहता है या फिर कोई और कारण रहा होगा कि इतने गम्भीर मामले में सोसाईटी के ही प्रबंधक का नाम सामने आने के बाद भी उससे किसी तरह की कोई इंक्वायरी नहीं की गयी?

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