Saturday, September 21, 2019
Home > Top News > बस्तर के बच्चे कंप्यूटर सीखेंगे तो नक्सलियों के झांसे में नहीं आएंगे

बस्तर के बच्चे कंप्यूटर सीखेंगे तो नक्सलियों के झांसे में नहीं आएंगे

Munaadi News

बस्तर से धर्मेन्द्र की मुनादी ।।

 

 

 

सरकार बस्तर के दूरस्थ इलाकों में बच्चों को मुख्य धारा में लाने मोबाइल वैन के सहारे कंप्यूटर की शिक्षा देने की जुगत में लगी है। उन्हें लगता है कि बच्चे जितना ज्यादा शिक्षित होंगे वे उतने तेजी से मुख्यधारा के प्रवाह इन सम्मिलित होंगे और नक्सलियों के झांसे में नहीं आएंगे।

सुकमा जिले के ऐसे गांवों में जहाँ बच्चों ने कभी टीवी नही देखी आज कम्प्यूटर की कीबोर्ड पे अपनी उंगलिया चला रहे है। हम बात कर रहे है नक्सली प्रभावित इलाकों के स्कूलो में जहाँ लाइट भी नही है वहाँ अब बच्चे बच्चे वेन में बैठ कर कम्प्यूटर चला रहे है । अपने कम्प्यूटर सेन्टर में बच्चों को कम्प्यूटर चलाते बहुत देखा होगा लेकिन यहां के मिडिल स्कूल के बच्चे बस के अंदर कम्प्यूटर चलाकर उसे सीखने की कोशिश कर रहे हैं। जिले में मोबाइल वैन से 6 स्कूलों में मिडल स्कूल के बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा दी जा रही है। जिसमें ड्राईग, पेटिंग, एमएस वर्ड, एक्सल, पेज मेकर, फोटो शॉप सहित अन्य जरूरी बातें बताई जा रही हैं। इसके साथ बच्चों को इंटरनेट एक्सेस करने के बारे में भी बताया जा रहा है। जिसका उपयोग कर वे कई जानकारी ले सकते है। सुकमा ब्लाॅक के रामाराम, बोरगुडा, एवं छिंदगढ़ ब्लाॅक में रोकेल, पीटेपारा, बकुलाघाट, कांजीपानी में कम्प्यूटर मोबाईल वैन के द्वारा 277 बच्चों को इस सत्र में कम्प्यूटर शिक्षा दिया जा रहा है। एक बैच तीन महिनों तक चलात है, जिसमें चयनित स्कूलों में सप्ताह में एक दिन प्रत्येक स्कूलों में मोबाईल वैन द्वारा बच्चों को 13 दिन की कम्प्यूटर शिक्षा दी जाती है।

munaadi ad munaadi ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *