Thursday, April 2, 2020
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बच्चे इतने सारे लेकिन इन्हें देखने वाला कोई नही…शिक्षक छुट्टी में और मैडम सब्जी लाने….पढ़िये पूरी खबर

Munaadi News

फरसाबहार विकाशखण्ड के ग्राम पंचायत पेटामारा प्राथमिक शाला में बच्चे गुरुवार दोपहर 12 बजे बिना शिक्षक शिक्षिका के अध्यापन कार्य छोड़ खेलते हुये मिले बच्चों को जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि मैडम बाजार अपने घर के लिये सब्जी लेने गई हैं।


बताया जा रहा है कि इस प्राथमिक शाला में यीशु चरण लकड़ा,और सहायक शिक्षिका श्रीमती सरस्वती सिंह की पदस्थापना किया गया हैं, तबियत खराब होने के कारण प्रधान पाठक श्री लकड़ा अनुपस्थित थे और कक्षा 1ली से 5वी तक के बच्चों का जिम्मेदारी शिक्षिका सरस्वती सिंह का था लेकिन बिडंबना है कि एकल शिक्षिका होने के बावजूद वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन कितनी लापरवाही पूर्वक बरतते हुये बच्चों को अकेले छोड़कर मुख्याल से बाहर अपने निजी कार्य के लिये चली गई उन्हें बच्चों के सुरक्षा की थोड़ी भी चिंता नही रही अगर इस दौरान बच्चें किसी अपघटित घटना के शिकार होते तो यह उन पालको के सपनों को चकनाचूर करते जिन्होंने अपने बच्चों इन लापरवाही बरतने वाले समाज निर्माता के हाथों जिंदगी संवारने और शिक्षित बनने का सपना संजोया हैं,लेकिन इन शासकीय कर्मचारियों को दो दर्जन से भी अधिक उपस्थित बच्चों की जरा सी भी चिंता नही हुई और वह अपने निजी कार्य करने बच्चों को बेसहारा छोड़कर चली जाती हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले भर में शिक्षाविभाग की लचर व्यवस्था सुर्खियां बनी हुई हैं,कहीं शिक्षकों की कमी है तो कही भवन का अभाव है,वहीं जहां शिक्षक है वहाँ वे अपने दायित्वों का निर्वहन लापरवाही पूर्वक करते है,कहीं छात्रावास में रहने वाले बच्चे देर रात घूमते बाहर दिखाई दे रहे है तो कहीं शिक्षक चपरासी उपस्थिति पंजी में दर्ज करके नदारद रहने की घटना सामने आ चुकी हैं।
शिक्षाविभाग के शीर्ष अधिकारियों लापरवाही
शिक्षा विभाग में दिनों दिन लापरवाही बरतने और अपने कर्तव्य निर्वहन में जान बुझकर भगवान भरोसे बच्चों को स्कूल में छोड़कर चले जाना शीर्ष अधिकारियों नियंत्रण नहीं करने और इस पर ठोस कार्यवाही नही करने को लेकर उजागर हो रहा हैं जिले भर में इन दिनों शिक्षा विभाग का विवादों से भरा रहा है,विदित हो कि अभी तक जिले भर में एक दर्जन शराबी शिक्षकों को अध्यापन के दौरान शराब पीकर बच्चो से मारपीट और ड्यूटी के समय मे सड़क में पड़े रहे मामले सामने आए हैं, जिसमें सभी मामलों को मीडिया के उजागर और दखल के बाद ही उन शराबी शिक्षकों पर कार्यवाही किया है,अब इसी बात से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले भर में जिलाशिक्षाधिकारी के द्वारा और उनके गठित ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदारी सौपने के बाद विभाग की ओर से कोई बड़ी कार्यवाही नही किया गया हैं अब सवाल उठता हैं कि क्या गठित टीम और जिलाशिक्षाधिकारी जैसे बड़े अधिकारियों को उनके निरीक्षण के दौरान ऐसे लापरवाही बरतने वाले शिक्षक नजर नहीं पड़ते या पता होने के बाद नजर अंदाज कर दिया जाता हैं यह सोंच का विषय हैं,लेकिन एक बात तो साफ हैं कि अधिकारियों के सतत निरीक्षण नहीं करने को लेकर भी सवाल उठते रहे है।
अव्यवस्था का आलम
प्राथमिक शाला पेटामारा में जहां शिक्षिका बच्चों को भगवान भरोसे छोड़कर अपने निजी कार्य मे चली गई थी उस स्कूल के कैंपस में चारो ओर घास फूस और झाड़ियां भरी हुई है अगर बच्चें उधर खेलते खेलते चले जाते तो कहीं सांप,बिछु जैसे जहरीले के शिकार की घटनाएं हो सकती थी,यहां कक्षा पहली से 3री तक एक कमरे में बैठाकर पढ़ाया जाता है वहीं 4थी और 5वी को एक कमरे में बैठाकर अध्यापन कराया जा रहा है अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां अध्यनरत छात्र छात्राओं में शिक्षा का स्तर क्या होगा।
वर्शन बीईओ बरसाय पैंकरा फरसाबहार:-मामले को लेकर ब्लॉक शिक्षाधिकारी बताया कि इसकी जानकारी उन्हें मिली हैं बच्चों को इस तरह भगवान भरोसे छोड़कर अपने निजी कार्य में जाना गलत है मामलें की तहकीकात कर उचित कार्यवाही की जायेगी।

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