Thursday, June 27, 2019
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तहसील कार्यालय के पास बना अवैध खनन का गढ़, खरसिया के खनन माफियाओं के सामने अधिकारी बन गए बौने

खरसिया से तारेन्द्र डनसेना की मुनादी

जिले में कई स्थानों पर अवैध खनन का कारोबार खूब फल फूल रहा है। भले ही लगातार पर्यावरण को क्षति पहुंचती हो अलग बात पर्यावरणीय का जहां तक बात है उसका विभाग तो भगवान ही मालिक है। खैर हम बात कर रहे है। खरसिया क्षेत्र में खुले आम अवैध उत्खनन का ।

राजस्व विभाग व खनिज विभाग कि मिली भगत से क्रेशर पत्थर के अवैध खनन का कारोबार पिछले कई वर्षो से जारी है । जिस कारण रायल्टी के माध्यम से सरकार को करोड़ो रूपये का नुकसान लगातार पहुंचाया जा रहा है । 
                रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील कार्यालय से 5 किमी कि दूरी व नेशनल हाईवे रोड़ से लगा हुआ ग्राम पंचायत बानीपाथर के शासकीय व निजी जमीनों मे पिछले 15 वर्षो से उच्च क्वालिटी के लाईम स्टोन( क्रेशर पत्थर ) का अवैध खनन किया जा रहा है । जबकि इस खनन से खनिज विभाग व राजस्व विभाग वाकिफ है । उसके बावजूद भी खनन माफियाओ के खिलाफ कार्यवाही करना जबाबदार अधिकारि जरूरी नही समझ रहे हैं । जिस कारण खनन माफियाओ के द्वारा खदान के पास ही क्रेशरों को स्थापित कर लगातार क्रेशर पत्थर का अवैध खनन किया जा रहा है । या पत्थर को निकाल कर दूसरे जगह में संचालित क्रेशरों मे पहुंचाया जा रहा है । और जबाबदार अधिकारियो की मेहरबानी से सरकार को रायल्टी के माध्यम से करोड़ो रूपये का नुकसान हो चुका है । 


वही दुसरी ओर खरसिया विकासखंड के दांतार पुलिया के पास भी इसी तरह का एक अवैध खदान करीब चार-पांच सालों से अवैध रूप से चलाई जा रही हैं । जिसका किसी भी प्रकार का माइनिंग विभाग का लीज नहीं है । इनके द्वारा भोले भाले आदिवासी व्यक्ति को दारू बोकरा भात खिलाकर उसे उसकी जमीन से किमती पत्थर निकालने का अनुबंध कर अवैध रूप से ब्लास्टिग कर उक्त आदिवासी की जमीन से पत्थर निकाल कर अपने क्रेशरों में ले जा रहा है । और उसे क्रश पत्थर का क्रशर कर अवैध रूप से बाजार में बेचा जा रहा है । जबकि  ना तो खदान मालिक के पास ना तो डंपिंग पास है नहीं बिजली का कनेक्शन है ।

0  क्वालिटी के नाम से हो रहा है खनन

             क्रेशर पत्थर के अवैध खनन मे खनिज विभाग के अधिकारियो की मिली भगत से लगातार खनन किया जा रहा है । सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत बानीपाथर मे निकलने वाले पत्थर उच्च क्वालिटी के लाईम स्टोन  है । लेकिन जिला माइनिंग के अधिकारी खनन माफियाओ से लाखो रूपये लेकर उच्च क्वालिटी के लाईन स्टोन को निम्न स्तर के क्वालिटी बता देते है । और रायल्टी कि चोरी कर सरकार को चूना लगाया जा रहा है । जबकि इस पत्थर के गुणवत्ता की जांच बिलासपुर मे किया जाता है । यदि ईमानदारी के साथ गुणवत्ता की जांच किया जाता है, तो अवैध खनन पर रोक लगाई जा सकती है । 

0   ग्रामीणो मे बना हुआ है भय 

                   
ग्राम पंचायत बानीपाथर मे अवैध खनन का कारोबार पिछले कई वर्षो से जारी है । इस गांव मे दर्जनो खदान से अवैध खनन किया जा रहा है । लगातार खनन के लिए होने वाले विस्फोट की धुन व दर्जनो गहरी खदानो से घिरे रहने के कारण ग्रामीणो मे हमेशा भय बना हुआ है , कि कहि कोई बड़ी दुर्घटना ना हो जाए । खनन माफियाओ के द्वारा खदान मे उच्च क्वालिटी के विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है । जो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित कर सकता है । ज्ञात हो कि  मध्य प्रदेश के पेटलावाद मे बड़ी मात्रा मे विस्फोटक सामग्री रखने के कारण ब्लास्ट हो गया था, जिसमे कई लोगो कि मौत हो गई थी । 

0 कृषि भूमि व जलस्तर हो गया है प्रभावित 

                    पत्थर खदान मे लगातार ब्लास्ट करने से गांव के खेती जमीन व भूमिगत जल पर काफी प्रभावित हो रहा है । जिस कारण ग्रामीणो को मेहनताना से कम फसल मिल रही है । वही दुसरी ओर ग्रामीणो को बोर खनन मे भी बहुत गहरा करना पड़ता है । तभी पानी निकलता है । लगातार हो रहे ब्लास्ट से जल स्तर काफी नीचे चला गया है । 

0  नियमो के विपरित किया गया है खनन 

               क्रेशर पत्थर निकालने वाले खनन माफियाओ  द्वारा माइनिंग के नियम कानून को रद्दी टोकरी मे डाल कर बेधड़क पत्थर निकालने मे लगे हुए है । प्रशासनिक सूत्रो की माने तो खदान को 30 फिट गहरा तक किया जाना है । उसके बाद गहरा करने के लिए बहुत सारे नियम कानून बनाए गए है जिसका पालन करना मुश्किल होता है । सबसे महत्वपूर्ण खदान को खुला नही करना है, और पूर्ण सुरक्षा के व्यवस्था करना है । लेकिन बानीपाथर कि खदानो को खुला 100 से 150 फिट गहरा तक बिना सुरक्षा किए मजदूरो के द्वारा खनन करवाया जा रहा है । जिसमे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है । जबकि कुछ माह पहले एक स्थानीय ग्रामीण की गहरे खदान मे ट्रैक्टर सहित डूबने से मौत हो गई थी । और लाश को निकालने के लिए जिला प्रशासन की ओर से गोताखोर व पानी को खाली करा कर बहुत मुश्किल से निकाला गया था । उसके बावजूद भी शासकीय व निजी भूमि पर अवैध खनन करने वालो के खिलाफ राजस्व विभाग व खनिज विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही कि जा रही है । 

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