Wednesday, November 13, 2019
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4साल पहले अपहृत बच्ची का नही कोई सुराग, मां को अब पुलिस से नहीं भगवान से है उम्मीद, घर के पास से उठा ले ……

आशिया की माँ ने नहीं छोड़ी है उसकी आश…मां को अब पुलिस नही बल्कि भगवान से है उम्मीद.. चार साल पहले अपहृत बच्ची का अब तक सुराग नहीं…

कोरिया से अनूप बड़ेरिया की मुनादी

कोरिया से अनूप बड़ेरिया की मुनादी

आशिया को अपहृत हुए चार बरस बीत चुके हैं, लेकिन अपहृत बच्ची का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। समय के साथ-साथ पुलिस ने भले ही इस मामले को भुला दिया हो, लेकिन जिसके कलेजे का टुकड़ा चार साल पहले अचानक उससे जुदा हो गया हो, वह भला उसे कैसे भुला सकती है। आज भी अपनी मासूम बच्ची के लिए उसकी माँ का दिल धड़कता है और पसीजता है कि न जाने किस हाल में होगी मेरी बच्ची…

विदित हो कि चार साल पहले 20 अगस्त 2015 को उस दिन गुरूवार था और शाम के करीब 7 बजे थे कि कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ थानान्तर्गत मौहारपारा इलाके में सनाउल्लाह की 6 वर्षीया पुत्री कु. आशिया बानो अपने घर के पास खेल रही
थी, तभी अचानक दो व्यक्ति बाइक पर आए और उसे उठाकर अपने साथ ले गए। सूचना मिलने पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बीएस ध्रुव रात्रि में ही घटना स्थल पहुँचे और पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। दूसरे दिन शुक्रवार को भी पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस द्वारा बच्ची की बरामदगी के लिए आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू की गई।

बच्ची की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीम द्वारा छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सर्चिंग की गई, लेकिन अपहृत बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका। इस बीच आशिया की माँ कई बार अपनी बच्ची के विषय में जानकारी लेने पुलिस थाने का चक्कर काट चुकी है, लेकिन उसे हर बार निराशा ही हाथ लगी है। आज भी वह बच्ची की कुशलता और उसकी बरामदगी के लिए जहां दुआएं मांगती है वहीं वह हर नामुमकिन को मुमकिन बना देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। आशिया के लिए उसकी माँ आज भी इसी आश से जी रहे है कि एक न एक दिन उसकी बच्ची उसे अवश्य मिलकर रहेगी। इसके
लिए उसने सोशल मीडिया से भी मदद की गुहार लगायी है।

माँ आज भी इसी आश से जी रहे है कि एक न एक दिन उसकी बच्ची उसे अवश्य मिलकर रहेगी। इसके लिए उसने सोशल मीडिया से भी मदद की गुहार लगायी है।

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