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बेवा को मृत बताकर कूट रचना कर जमीन हड़पने के मामले में पुलिस पर आरोपियों को बचाने का लग रहा आरोप

रायगढ़ मुनादी।

करीब 5 माह पूर्व कूट रचना कर बेवा की जमीन हड़पने के मामले में हुई FIR पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इस मामले में पीड़ित द्वारा लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही है । FIR के बाद कार्यवाही न होने से पीड़ित पक्ष बेहद परेशान है। पीड़ित पक्ष द्वारा इस मामले में सूचना का अधिकार के तहत भी जानकारी मांगी गई थी लेकिन इस मामले में पीड़ित पक्ष को सूचना के अधिकार के तहत भी सही जानकारी नहीं दी जा रही है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस इस मामले में उन लोगों को गुमराह कर रही है और आरोपी पक्ष को बचाने में जुटी हुई है।

वहीं दूसरी ओर इस मामले में थाना प्रभारी बरमकेला का कहना है कि इस मामले की जांच बिलासपुर आईजी के द्वारा गठित टीम द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। इसके केस से जुड़ी सभी दस्तावेज आईजी को भेजी गई है। अब इस मामले में बिलासपुर आईजी की टीम द्वारा जांच के बाद ही कोई कार्यवाही संभव है। आपको बता दें कि बेवा को मृत बताकर उसकी जमीन को हड़पने के मामले में तहसीलदार पटवारी सहित छह लोगों पर 420 का अपराध दर्ज हुआ था लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्यवाही न होने से पीड़ित पक्ष पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगा रही है।

दरअसल पूरा मामला इस प्रकार है मार्च 2018 को एक बेवा की जमीन को कूट रचना कर रचना कर कर बेचे जाने के मामले में SP को हुए शिकायत पर थाना बरमकेला द्वारा तत्कालीन हल्का पटवारी रंगलाल निराला तत्कालीन तहसीलदार श्री भोय, जयदेव, राधाचरण, कैरी बाई, ईश्वरी बाई के खिलाफ धारा 420 467 471, 477, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था लेकिन आज तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।
दरअसल पूरा मामला बेवा मंदोदरी बाई एवं शकुंतला के नाम पर ग्राम खैरगढ़ी एवं पंडरीपानी में  स्थिति भूमि जिसे 15 मार्च 2013 को राजस्व नामांतरण पंजी में नामांतरण कर दिया गया। 15- 3- 2013 को आवेदिका मंदोदरी को 30 वर्ष पूर्व मृत्यु होना बताया गया। जिसके गवाह राधाचरण एवं जयदेव जयदेव एवं जयदेव द्वारा हस्ताक्षर किया गया। जिसमें पटवारी रंगलाल निराला द्वारा लेख दर्ज की गई तथा तत्कालीन तहसीलदार द्वारा ईसे प्रमाणित किया गया।

इसके बाद इस जमीन को फर्जी तरीके से बेच दी गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर मंदोदरी बेवा माधव प्रसाद द्वारा SP को इस मामले में शिकायत किया था। SP के निर्देश पर थाना बरमकेला द्वारा मामले में जब राजस्व पंजिका निरीक्षण किया तब चौंकाने वाला मामला सामने आया । राजस्व अभिलेखों में मंदोदरी बेवा माधव प्रसाद को 30 वर्ष पूर्व मृत्यु होना बताकर फर्जीवाड़ा किया गया था।

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