Wednesday, September 19, 2018
Home > Slider > ये इश्किया धर्मांतरण क्या है ?प्रबल ने क्यों कहा बन्द करो इश्किया धर्मांतरण ……

ये इश्किया धर्मांतरण क्या है ?प्रबल ने क्यों कहा बन्द करो इश्किया धर्मांतरण ……

 तरुण शर्मा

धर्मांतरण एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश है। भारत को चौतरफा घेरने के मकसद से यह तरीका विधर्मी अपना रहे हैं। ताकि बड़े पैमाने पर धर्मांतरण किया जा सके और हिन्दुस्तान से हिन्दुओं की आबादी कम होता जाए। 121 करोड़ की आबादी वाले इस देश में युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। इसलिए इश्किया धर्मांतरण का खेल शुरू कर युवाओं को अपना लक्ष्य बनाकर दूसरे धर्म के लोग अपना काम कर रहे हैं। उक्त बातें आॅपरेशन घर वापसी के प्रमुख कुमार प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कोरबा के रामपुर में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में कही। 

कोरबा के रामपुर में शनिवार को राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ के धर्मजागरण समन्वयक विभाग एवं धर्मसेना के बैनर तले विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संत बालक दास मुख्य वक्ता के रूप में थे। कार्यक्रम से पूर्व 17 किमी की रैली निकाली गई। बाइक रैली में हजारों युवा शामिल हुए। भगवा ध्वज थामे युवा रैली में जय श्री राम के नारे लगा रहे थे। समूृचा अंचल जय श्री राम के नारों से गूंज उठा था। रैली नोनबिरा गांव से शुरू हुई थी। करीब 17 किमी तक चलकर रैली रामपुर में आमसभा में तब्दील हो गई। कार्यक्रम को संबोधित करने हुए आॅपरेशन घर वापसी के प्रमुख प्रबल प्रताप ने इश्किया धर्मांतरण की नई बात उठाई। इस शब्द को सुनकर लोग चौंक उठे थे। मंच से जब प्रबल ने इश्किया धर्मांतरण कहा तो एक बार सन्नाटा पसर गया। सभी आपस में चर्चा करने लगे थे कि आखिर क्या है इश्किया धर्मांतरण। प्रबल ने इश्किया धर्मांतरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इश्किया धर्मांतरण युवाओं को दिग्भ्रमित करने का एक खेल है। जिसमें प्यार को माध्यम बनाकर युवक-युवतियों को फसाया जाता है। इश्क को इसमें हथियार के रूप में उपयोग किया जाता है। धर्मगुरू ऐसा करने के लिए अपने धर्म के युवाओं को प्रेरित करते हैं। एक दूसरे धर्म की लड़की हिन्दू धर्म की लड़की को अपने प्यार जाल में फांसती है और उससे विवाह कर लेती है। इकसे बाद लड़के को वह लड़की अपना धर्म अपनाने का दबाव बनाती है। सिर्फ लड़कियां ही नहीं लड़के भी ऐसा करते हैं। दूसरे धर्म के लड़के हिन्दू धर्म की लड़कियों को प्यार जाल में फंसाकर उससे विवाह कर लेते हैं और अपने धर्म में लड़कियों को ले जाते

सोसल मिडिया बना माध्यम

इश्किया धर्मांतरण के लिए सोशल मिडिया एक बड़ा माध्यम बनकर आया है। सोशल मिडिया की मदद से अब अनजान लोगों से दोस्ती करना आसान हो गया है। फेसबुक, ट्वीटर ऐसे कई सोशल साईड है जहां अंजान लोग मिलते हैं और दोस्त बन जाते हैं। इश्किया धर्मांतरण के खेल में शामिल लोग सोशल मिडिया को हथियार के रूप में उपयोग कर रहे हैं। हिन्दू लड़की अथवा लड़कों से ये सोशल मिडिया के जरिए दोस्ती कर लेते हैं फिर प्यार। प्यार के बाद शादी और साथ ही धर्मांतरण। प्रबल ने कहा कि टैक्नोलॉजी के इस दौर में धर्मांतरण से आने वाली पीढ़ि को बचाने के लिए हमें अभी से कमर कस लेनी होगी। हिन्दू परिवारों को जरूरत है कि अपने पारंपरिक संस्कारों को और अच्छे से बच्चों में डालें। साथ ही इश्किया धर्मांतरण के लिए प्रति युवाओं को जागरूक रहना होगा। अन्यथा वे कब खुद इसके शिकार हो जाएंगे कहा नहीं जा सकता

 ननकी राम कंवर के लिए प्रबल ने छोड़ी कुर्सी 

इस धार्मिक मंच पर भी अचानक राजनीति तब हो गई जब ननकीराम कंवर नीचे खड़े थे और प्रबल प्रताप ने उन्हें मंच पर बुलाकर अपनी कुर्सी पर बिठा दिया। लोगों ने इसके राजनैतिक मायने अलग निकाल लिया। जनचर्चा रही कि जूदेव परिवार के ननकी राम के साथ खड़े हो जाने के बाद इस चुनाव में उनका जीतना तय है।

—————————————

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *