Wednesday, December 19, 2018
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स्कूल हो तो ऐसा, बिना सरकारी सहयोग के बना दिया ऐसा स्कूल जिसकी तारीफ करते हैं सभी अधिकारी 

 

 

रायगढ़ मुनादी

 

जब पुरे देश में शिक्षा और स्कूलों की हालत खस्ता हो चली है उस समय यदि हमें कोई ऐसा स्कूल दिखे जहाँ पूरा स्कूल ही शिक्षा का मंदिर दिखे तब हैरत तो होगी ही. जी हाँ ! रायगढ़ जिले के कछार गांव का प्राथमिक शाला ऐसा ही है. स्कूल के दिवार पर सामान्य ज्ञान से लेकर वर्णमाला  तक लिखा हुआ है. यह काम सरकारी  पैसे  या किसी सरकारी मद से नहीं करवाया गया है यह काम यहाँ के प्रधान पाठक ने स्वयं के खर्च और जन सहयोग से किया है .

पुसौर विकास खंड के छोटे से गांव कछार में जब प्रधान पाठक के तौर पर पदस्थापना हुयी थी तब यह स्कूल आम स्कूल्स की तरह  ही जीर्ण शीर्ण था. उन्होंने सरकारी पैसे के लिए कई  बार  अधिकारिओं  को पत्र लिखा लेकिन सरकारी काम तो अपने हिसाब से ही होता है लिहाजा थक हारकर उन्होंने यह तय किया की वे ही स्कूल का जीर्णोद्धार  करेंगे. इसके बाद उन्होंने गांव वालों को बुलाया उनसे बात की एक बैठक कराई इसके बाद यह स्कूल सरकारी सहयोग के बिना ही बेहतरीन बन गया. पिछले सप्ताह जब रायगढ़ के कलेक्टर शमी आबिदी दौरे पर स्कूल देखा तो न सिर्फ वहां के प्रधान पाठक बल्कि ग्रामीणों की भी काफी तारीफ की.

खनिज न्यास मद से मिला सहयोग

इस स्कूल के लिए खनिज न्यास मद से इस स्कूल का सौंदर्यीकरण और बेहतर बनाने का प्रयास किया गया. जिले में खनिज न्यास मद के ज्यादातर राशि का उपयोग शिक्षा और विद्यालयों को बेहतर करने के लिए किया जा रहा है.

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