Saturday, September 22, 2018
Home > Slider > वन्यप्राणी संरक्षण का नारा और पशुओं के खाल की प्रदर्शनी, जब होश आया तब तक हो चुकी थी देर

वन्यप्राणी संरक्षण का नारा और पशुओं के खाल की प्रदर्शनी, जब होश आया तब तक हो चुकी थी देर

रायगढ़ मुनादी ।।

वन विभाग इन दिनों वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह मना रहा है ऐसे में उत्साहवश विभाग के अधिकारियों सारंगढ़ पैलेस से जंगली जानवरों का खाल (ट्राफी) मंगा लिया ताकि उसे प्रदर्शनी के रुप में रखा जा सके। लेकिन जब अधिकारियों को अपनी गलती का भान हुआ तो उस ट्राफी को वापस पैलेस भेजा गया। ऐसे में डीएफओ की कार्यकुशलता के कारण वन्य प्राणी संरक्षण का नारा टूटते-टूटते बच गया।
वन विभाग में 2 से 8 अक्टूबर तक वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें जंगलों में रहने वाले जानवरों, जीव जंतु को बचाने की अपील की जा रही है। इसके लिए वन्य प्राणी संरक्षण रथ को रवाना किया गया तो वन विभाग के कर्मचारियों ने विशाल रैली का आयोजन किया। इसके पश्चात वन्य जीवों को संरक्षण देने के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता और प्रदर्शनी का आयोजन किया जाना था। वन विभाग में यह प्रर्दशनी शुक्रवार को लगनी है। ऐसे में अपने आयोजन को चार चांद करने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने सारंगढ पैलेस में वर्षो से रखी गई वन्य जीवों के खाल और सींग जिसे विभाग ट्राफी कहता है उसे मंगाया गया था। आला अधिकारियों के निर्देश पर सारंगढ़ वन परिक्षेत्र के कर्मचारी योगेंद्र ठाकुर एक पिकअप में 5 नग बारह सिंघा के ट्राफी को पैलेस से ले आया। जिस तरह से पूरे शहर में घूमाते हुए बारसिंघा के ट्राफी को लाया गया वह लोगों के लिए भी कौतुहल का विषय रहा। लोग यह समझ रहे थे कि वन विभाग ने अवैध शिकार पकड़ा है। चूंकि इस ट्राफी को ठीक तरीके से ढंका भी नहीं गया था। ऐसे में लोग कौतुहल वश वन विभाग के कार्यालय भी इसे देखने के लिए पहुंच गए। शाम तकरीबन 5 बजे जब डिविजन कार्यालय में इस ट्राफी को लेकर कर्मचारी पहुंचा तब ट्राफी को देख अधिकारियों को अकल आई कि इसकी प्रदर्शनी लगाने से विभाग ही गैर कानूनी प्रक्रिया में उलझ जाएगा। इस बात की जानकारी मिलते ही वनमंडलाधिकारी विजया रात्रे ने इस पर नाराजगी जताते हुए तत्काल इस ट्राफी को वापस सारंगढ़ पैलेस रवाना करने का आदेश दिया। बहरहाल डीएफओ की कार्यकुशलता के कारण ही आज वन्य प्राणी संरक्षण का नारा टूटते-टूटते बचा।
DFO उवाच
मिस अंडरस्टैंडिंग की वजह से ऐसा हुआ कर्मचारी समझ नहीं पाए। जैसे ही पता चला ट्राफी को वापस भेज दिया गया है।
विजया रात्रे, डीएफओ रायगढ़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *