Tuesday, January 16, 2018
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लड़के की हत्या की फिर गांव से भी निकाल दिया, और पुलिस ? उसे तो बस…..

 

रायगढ़ मुनादी ।।

 

जिले के सिहा में हुये तिहरे हत्याकांड में भले ही अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर किसने-किसे और क्यों मारा मगर गांववालों ने इस मामले में मृतक कार्तिक साव के विरूद्ध अपना फैसला सुना दिया है. जी हां.. इस हत्याकांड में दिवंगत मृतक कार्तिक के घरवालों को गांववालों ने पंचायत के सामने निर्णय सुनाते हुये गांव से बहिष्कृत कर दिया है. पिछले दो महीने से मृतक कार्तिक का परिवार अपने रिश्तेदारों के लिए शरणार्थी के रूप में जीवन व्यतीत कर रहे हैं.
पुसौर थाना क्षेत्र के सिहा गांव में जुलाई माह में हुये तिहरे हत्याकाण्ड की गुत्थी अब तक अनसुलझी ही है. हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने केस को साल्व कर लिया है मगर हकीकत कुछ और ही है. इस वारदात में तीन लोगों की जान गई थी. पहला कार्तिक साव, दूसरा पुस्तम प्रधान की पत्नी और तीसरा उसके बेटे की. पुलिस की स्टोरी पर नजर डालें तो उनके अनुसार कार्तिक ने महिला व उसके बेटे पर हमला किया जिससे उनकी मौत हो गई और इसी खुनी संषर्ष में कार्तिक की भी मौत हो गई. हत्या के कुछ दिनों बाद पुलिस ने इस मामले में एक और स्टोरी तैयारी की और गांव के सुलभ साव को इस पूरे मामले का मास्टर माइंड बताते हुये उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार पुस्तम प्रधान और गांव के ही सुलभ साव के बीच करीब तीन साल पहले वर्ष 2014 में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी पुरानी रंजिश के चलते सुलभ साव पिता गोवर्धन 26 साल द्वारा अपनी दुश्मनी का बदला लेने के लिए घटना की रात कार्तिक राम को भेजा था और उसने प्रेमशीला और अंकित पर टांगी से हमला कर मार दिया था। जबकि किसने किसी हत्या की उसका खुलासा आज तक नहीं हुआ है. इसके बाद मृतक कार्तिक के परिजनों को सिर्फ इस लिये गांव छोड़ कर जाने के लिये मजबूर कर दिया गया कि उन्होंने घटना की रिपोर्ट पहले क्यों नहीं की. घायल पुस्तम कोमा से बाहर आने के बद उन्होंने गांव वालों के साथ मिल कर पंचायत बुलवाई और मृतक कार्तिक के परिजनों को गांव छोड़ने का फरमान जारी कर दिया. जिसके कारण कार्तिक का पूरा परिवार देवलसुर्रा व उड़ीसा के गिरूलपाली में रहने के लिये मजबूर हो गये हैं.
दूसरों के घरों में ली है शरण
गांव से बहिष्कृत होने के बाद मृतक कार्तिक के माता-पिता अपनी बेटी गुरूबारी के यहां उड़ीसा के बेलरिया के पास स्थित गिरूलपाली में रह रहे हैं जबकि मृतक कार्तिक का चाचा संतोष साव अपनी बीवी व दो बच्चों के साथ अपने ससुराल देवलसुर्रा में रह रहा है.
क्या है मामला-
12 जुलाई की दरमियानी रात को युवक कार्तिक की क्षतविक्षत लाश गांव के ही पुस्तम के यहां आधी रात को अर्धनग्न अवस्था में मिली थी। पास में एक टांगी भी रखी हुई थी। दूसरी ओर पुस्तम के यहां पुस्तम को मिलाकर तीन लोग गंभीर स्थिति में मिले जिसमें से दो की मौत अस्पताल में हो गई जबकि पुस्तम की हालत काफी गंभीर होने से वह कोमा में चला गया।

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