Thursday, January 18, 2018
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हाथियों के आतंक से बच्चों ने स्कूल छोड़ा, घर तक बच्चों को छोड़ने जा रहे हैं शिक्षक

 

रायगढ़ से शेषचरण गुप्ता की मुनादी ।।

जामगांव क्षेत्र में हाथियों के आतंक से बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है । जो बच्चे स्कूल जा रहे हैं वह अपने अभिभावकों के साथ स्कूल जाते हैं और छुट्टी के बाद उनको घर छोड़ने शिक्षक जाते हैं वहां के बच्चे हाथी से इतने भयाक्रांत हैं कि वह स्कूल जाना ही नहीं चाहते हैं।
जामगांव के अड़बहाल माध्यमिक और प्राथमिक शाला में हाथियों ने जो तबाही मचाई उससे न सिर्फ छात्र बल्कि उनके अभिभावक भी डर गए हैं । वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते उनको लगता है कि हाथी कभी भी स्कूल पर हमला बोल देंगे और बच्चों को नुकसान पहुंचा देंगे। लगभग सत्तर प्रतिशत बच्चों ने स्कूल आना छोड़ दिया है। अड़बहाल माध्यमिक शाला और प्रथमिकशाला में कुल 87 बच्चे है लेकिन अभी मात्र 15 से 20 बच्चे ही स्कूल पहुंच पा रहे हैं। प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक प्रेम नारायण पटेल के अनुसार इक्का-दुक्का जो बच्चे स्कूल आ रहे हैं इतना डरे हुए हैं कि उनको घर छोड़ने शिक्षकों को उनके घर तक जाना पड़ रहा है। यही नहीं स्कूल खुलने के समय उनके अभिभा वक अपनी उंगली पकड़कर उनको स्कूल लेकर आते हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है । इसे देखते हुए वहां के प्रधान पाठक ने डीईओ को आवेदन दिया था कि यहां के स्कूल के समय में परिवर्तन कर दिया जाए लेकिन डीईओ ने यह कह कर इस मांग को खारिज कर दिया कि इसके लिए सिर्फ शासन ही सक्षम है।

इस इलाके के 3 स्कूलों पर हाथियों का खतरा मंडरा रहा है जामगांव भगोरा और संबलपुरी में बच्चों ने स्कूल आना लगभग बंद कर दिया है । 1 सप्ताह पहले जामगांव के प्राथमिक शाला और माध्यमिक शाला में हाथियों ने धावा बोलकर न सिर्फ तोड़फोड़ की थी बल्कि मिड डे मील बनने के लिए रखा हुआ राशन भी खा गए थे। 2 दिन बाद ही हाथी फिर आ धमके थे और फिर से दरवाजा और भवन को काफी नुकसान पहुंचाया। हाथियों का आतंक यह है कि सभी लोगों ने घरों से निकलना तक बंद कर दिया है। वे अपने जरूरी सामानों के लिए रायगढ़ भी नहीं आ पा रहे हैं बच्चों का निकलना तो बिल्कुल बंद है बच्चे स्कूल तो छोड़िए खेलने के लिए गांव के मैदान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं ऐसे में उनकी पढ़ाई के साथ उनका सर्वांगीण विकास भी चौपट हो रहा है।

वन विभाग का खानापूर्ती

यह गांव जामगांव वन परिक्षेत्र में आता है, हाथी आने की सूचना दिए जाने के बाद भी अभिबताक यहां न तो कोई वनकर्मी पहुंचा है और न ही हाथियों को गांव से भागने की कोई व्यवस्था हुई है। वन विभाग के लोगों ने कहा है कि स्कूल का मुआवजा मिल जाएगा। ऐसे में स्कूली बच्चों जे साथ साथ स्थानीय लोगों के जीवनपर भी खतरा बना हुआ है।

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