Friday, September 21, 2018
Home > Slider > खरसिया को भेदने भाजपा की व्यूह रचना, संघ ने भी झोंकी ताक़त

खरसिया को भेदने भाजपा की व्यूह रचना, संघ ने भी झोंकी ताक़त

Advt
Advt

सत्ता के चालों की मुनादी ।।

 

इस चुनावी वर्ष में हालांकि भाजपा उन सभी सीटों पर फोकस कर रही है जिसे कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है लेकिन उसका सबसे ज्यादा फोकस खरसिया पर है। खरसिया के किला को भेदने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। RSS और भाजपा के दर्जनों कार्यकर्ता महीनों से यहां डेरा डाले हुए हैं। डोर टू डोर संपर्क से लेकर हर तरह की रणनीति अपनाई जा रही है। ऐसे में भाजपा के मंत्रियों का भी यहां लगातार आना जाना शुरु हो गया है।

छत्तीसगढ़ के चुनावी इतिहास में खरसिया रायगढ़ का वह अभेद्य दुर्ग हो गया है जिसको जितना किसी मित्र के लिए काफी मुश्किल है पिछले 3 दिन से लगातार सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा कांग्रेस को हराने की बात तो दूर उससे हार जीत के अंतर को कम भी नहीं कर पाई है इस बार जब कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 60 प्लस का एक टारगेट दिया है।

इनका सबसे ज्यादा निशाना और बड़ी घेराबंदी खरसिया को लेकर ही है 1989 में जब तत्कालीन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह यहां से चुनाव लड़े थे तब भाजपा के कद्दावर उम्मीदवार दिलीप सिंह जूदेव ने उन्हें बड़ी टक्कर दी थी । कहा जाता है कि खरसिया के इतिहास में यह भाजपा की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे पहले या इसके बाद भाजपा उस स्थिति में नहीं आ सकती है। भारतीय जनता पार्टी इस मिथक को तोड़ने में जुटी हुई है। इसमें वह कितना कामयाब हो पाती है यह तो वक्त ही बताएगा।

शुक्रवार को रायगढ़ के प्रभारी मंत्री रमशीला साहू ने भी खरसिया में कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की उन्होंने कहा कि जब तक हम खरसिया में अपनी जीत दर्ज नहीं कर लेते क्षेत्र का विकास संभव नहीं है । उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि यह सीट हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण और चुनौतियों से भरा हुआ है, ऐसे में इस बार किसी भी तरह से जीत दर्ज करना हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग जीत के इस मुकाम को हासिल करने के लिए , लक्ष्य तक पहुंचने के लिए तैयार रहें और तैयार हो जाए। संघ से लेकर भाजपा तक के कार्यकर्ताओं को यहां पर अपना शत प्रतिशत देने के लिए कहा गया है।

अभिमन्यु के लिए चक्रव्यूह

जैसे महाभारत में अभिमन्यु को मारने कौरवों ने चक्रव्यूह की रचना की थी उसी तरह खरसिया को जितने और उमेश पटेल को हराने भाजपा ने यहां भी व्यूह रचना करने में लगी है। हो सकता है आने वाले दिनों में भाजपा या जोगी कांग्रेस से उमेश पटेल या शहीद नंदकुमार पटेल के किसी खास को टिकट मिल जाय ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *