Monday, December 10, 2018
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पंचायतों से जबरदस्ती ली जा रही है राशि, संचार क्रांति के नाम पर गांवों के धन का दोहन, नेता प्रतिपक्ष ने लिखी चिट्ठी

 

रायपुर मुनादी । 

 

 

ग्रामीण विकास के लिए 14वें वित्त आयोग से मिलने वाली राशि को संचार क्रांति योजना पर खर्च करने के फैसले पर नेताप्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने आपत्ति जताई है। सिंहदेव ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को पत्र लिखा है जिसमे उन्होंने पंचायतों की मूल राशि लेने पर रोक लगाने और पंचायतों को राशि वापस दिलाने की मांग की है।

ज्ञात हो कि मुनादी डॉट कॉम ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया था कि छत्तीसगढ़ सरकार प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को उपकृत करने 14वें वित्त आयोग से मिलने वाली राशि को संचार क्रांति योजना में लगाए जाने का फैसला किया था। संचार क्रांति की योजना 14 सौ करोड़ की है।

सरकार ने 14वें वित्त आयोग से पंचायतों को मूल अनुदान के रूप में मिलने वाली राशि का 70% को इस योजना में लगाने का फैसला लिया है, जबकि यह राशि मूलत: गांवों के विकास पर खर्च होनी चाहिए। नेता-प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने पत्र लिखा है कि सरकार गांवों के विकास में रोड़ा बन रही है।

नेता-प्रतिपक्ष सिंहदेव का आरोप है कि सरपंचों पर जबरदस्त दबाव बनाया जा रहा है। पंचायत सीईओ सरपंचों को बैंक ले जाकर हस्ताक्षर करा रहे हैं, जिसका कांग्रेस विरोध कर रही है। जैसे कि चारामा में बुधवार को जनपद पंचायत की बैठक में 14वें वित्त आयोग से मिलने वाली राशि को संचार क्रांति योजना में देने का विरोध किया गया।
सिंहदेव ने आगे कहा कि ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय स्वायत्तशासी हैं। इनके पोषण के लिए संविधान में आयोग की व्यवस्था की गई है। वित्त आयोग राज्य सरकारों को प्रस्ताव बनाकर देता है कि वह ग्राम पंचायतों और निकायों को कितनी राशि दें। राज्य सरकार संवैधानिक व्यवस्था को भंग कर रही है। 14 साल में भाजपा सरकार ने यही सीखा है। उसे संविधान और नियमों की जानकारी नहीं है।

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