Thursday, January 18, 2018
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नए साल में नए तरीके से शिक्षाकर्मी होंगे लामबंद, लोक सुराज में संविलियन के लिए दिलवाएंगे आवेदन

 

जशपुर मुनादी

छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ की जिला स्तरीय प्रथम बैठक का आगाज शनिवार को प्रांतीय संगठन मंत्री लीलाधर बंजारा की उपस्थिति एवं जिला अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में फरसाबहार के कोतेबिरा में आयोजित की गई थी।

प्रांतीय संगठन महामंत्री लीलाधर बंजारा जी ने बताया कि हमारा पिछला आंदोलन हमारे लिए दिशा देकर गया और अब हमें अपने भविष्य की राह के नवनिर्माण की आवश्यकता है। आने वाले समय में यदि सरकार द्वारा हमारे पक्ष में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो शिक्षक पंचायत संवर्ग समझदार हैं और वो अपने अच्छे भविष्य के लिए किसी भी प्रकार का निर्णय लेने में पूर्ण रूप से सक्षम है। इसके लिए पूरे पंचायत संवर्ग के शिक्षक सजग रहेंगे। हमारे लिए निरंतर नकारात्मक आदेश निकाला जाना हमारे जीवन की को निरुत्साहित और हताश कर रहा है जिसे पूरा संवर्ग आक्रोशित है।

तत्पश्चात जिला अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि संगठन बदलते समय के साथ युवावस्था को प्राप्त कर रहा है. सभी नए उर्जावान साथियों को संगठन की तत्परता के लिए आगे आना ही होगा। श्रीवास्तव ने विगत दिनों छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर हुए आंदोलन की समाप्ति एवं उसके कारणों को स्पष्ट करते हुए प्रांतीय संचालकों एवं सहसंचालकों की धोखाधड़ी पूर्ण गिरफ्तारी,तथा मीडिया द्वारा प्राप्त अभूतपूर्व सकारात्मक सहयोग के प्रति जिलाध्यक्ष ने सभी वर्गों के मीडिया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जानकारी दी तथा शून्य पर हुए आंदोलन की समाप्ति के बारे में कहा कि साथियों ये शून्य हमारी ताकत है आप सभी इस शून्य को स्मरण रखें ।

जिला मिडिया प्रभारी मो.अफरोज खान ने बताया कि इस बार सरकार ने लोक सुराज में आवेदन को वर्गीकृत करने के प्रपत्र में शिक्षाकर्मीयों के संविलियन का भी कालम दिया गया है, जिसपर जिले सहित प्रदेश भर के शिक्षाकर्मी अपने मित्रों और परिवार के लोगों के नाम से संविलियन हेतु लोक सुराज में बड़ी संख्या में ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प यह होगा कि यदि सरकार शिक्षाकर्मीयों के संविलियन पर कोई निर्णय नहीं लेती है तो फिर संविलियन के नाम पर हजारों की संख्या में आए आवेदनों का क्या होगा? क्या ये लोक सुराज अभियान महज एक औपचारिकता बन कर तो नहीं रह जायेगी?

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