Wednesday, July 18, 2018
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शाबास !हिन्देश 24 की उम्र में 80 हजार लोगों को बनाया साक्षर ….

जांजगीर मुनादी

 

आधुनिक भाग दौड के समय मे अधिकांश लोगो के पास अपने परिजनो एंव सम्बंधितो  के लिए सोचने तक का फुर्सत नही है।वही छत्तीसगढ राज्य के जांजगीर-चाम्पा जिला का मालखरौदा विकासखण्ड के ग्राम पोता निवासी 24 वर्षीय एक ऐसा युवक के बारे मे बताने जा रहे है।जो अनजान गरीब बच्चो को गुणवत्तायुक्त शिक्षा दिलाने एंव अनपढ नागरिको को शिक्षा से जोडकर शिक्षित बनाने रात दिन एक कर विगत करीब तीन वर्षो से अधिक समय होने को है।जो निरंतर प्रयास कर रहा है।नागरिको को विभिन्न बीमारियो से सुरक्षित रखने एंव अपमानित होने से बचाने के लिए खुले मे शौच करने की प्रथा को बन्द करवाने के लिए लगातार नागरिको को जागरूक कर शौचालय निर्माण करवाने के लिए प्रेरित कर रहा है।जी!हम हिन्देश कुमार यादव को लेकर बात कर रहे है।जो शिक्षा के प्रति नि:स्वार्थ समर्पित भाव से लगातार कार्य कर जागरूकता लाने प्रयासरत् है।जांजगीर-चाम्पा जिला के लगभग सभी विकासखण्ड का दौरा कर शिक्षा के प्रति लोगो को जागरूक कर चूके है।वही जिला के बाहर बालौदा बाजार रायगढ महासमुन्द एंव कोरबा जिला के अन्दरूनी कुछ पिछडे जगहो का दौरा कर शिक्षा का महत्व बताकर शिक्षा से जुडने एंव पढने लिखने प्रेरित कर चूके है।उन्होने अब तक लगभग 80 हजार से भी अधिक बच्चे युवा एंव बुजुर्गो को शिक्षा के प्रति जागरूक कर चूके है।वही करीब 10 हजार से अधिक बच्चो को प्रेरित कर शिक्षा से जोडते हुए भिन्न-भिन्न स्कूलो मे नाम दाखिला करवाया है।ऐसे ही करीब 15 हजार से अधिक निरक्षर जो हाथ मे पेन रखने से कांपते थे।उनको शिक्षा का महत्व बताकर उत्साहवर्धन कर प्रारंभिक दौर मे नाम लिखने योग्य तैयार करने के पश्चात् पढने लिखने योग्य बनाने लगातार प्रयास कर रहे है।वे आंगनबाडी प्राथमिक शाला से लेकर उच्चतर माध्यमिक विधालय के बच्चो को  किताबी ज्ञान के साथ ही सामान्य ज्ञान , अनुशासन,संस्कार,स्वच्छता,शिष्टाचार,पौधारोपण,नशामुक्ति,यातायात नियम के साथ ही कानूनी आवश्यक महत्वपूर्ण जानकारियां देते आ रहे है।वही शिक्षा का नीव आंगनबाडी एंव प्राथमिक शाला को माना जाता है।इसलिए आंगनबाडी एंव प्राथमिक शाला को मजबूत बनाने बच्चो को तेज तर्रार बनाने की मंशा से लगातार प्रयास कर रहे है।वे नियमित गांव-गांव दौरा कर शिक्षा का महत्व बताकर जागरूक कर रहे है।उनके निरंतर अथक प्रयास से पिछडे ईलाका के गरीब बच्चो को सबसे अत्यधिक लाभ मिल पा रहा है।जहां विशेष तौर पर हिन्देश अपना अधिक से अधिक समय देकर उन बच्चो को पढने लिखने मे तेज तर्रार बनाने लगातार प्रयास कर रहे है।जिसका परिणाम स्वरूप बच्चो मे पूर्व के तुलना मे बदलाव नजर आने लगा है।उन गरीब बच्चो के लिए हिन्देश एक मसीहा के तरह बन गये है।जो लगातार उन बच्चो का स्तर मे सुधार लाने काम कर रहा है।वही हिन्देश के आने का इंतजार सभी पिछडे ईलाको के बच्चे करते रहते है।क्योकि उन ईलाका मे लोगो का आना जाना बहुंत कम होता है।जहां पहुंचकर हिन्देश समय समय पर दौरा कर बच्चो का उत्साहवर्धन करने के साथ ही ज्ञानवर्धक जानकारियां देते रहते है।हिन्देश का पिता देवारी लाल यादव सरकारी विधालय का शिक्षक है।अपने शिक्षा पिता से प्रेरित होकर हिन्देश शिक्षा महाभियान को लगातार चला रहे है।इस शिक्षा महाभियान को लेकर हिन्देश का कहना है कि जितने भी मुख्य समस्याएं हमारे देश मे व्याप्त है।उन सभी समस्याओ का मुख्य जड शिक्षा का अभाव है।अगर सभी शिक्षित हो जाते है।तब हमारे देश भारत देश को दुनिया नम्बर एक देश बनने से कोई नही रोक सकता है।इसलिए मैने सोचा की बच्चो को गुणवत्तायुक्त शिक्षा दिलाने एंव निरक्षरो को शिक्षा से जोडकर शिक्षित बनाने एक अभियान शुरू करू।वही अभियान का शुभारंभ तीन वर्ष पूर्व किया था।जो वर्तमान मे महाभियान का रूप ले लिया है।जिसमे लगातार बच्चे युवा व बुजुर्ग जुडते जा रहे है।जो शिक्षा को लेकर कार्य करने ईच्छुक है।मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम सब मिलकर बच्चो को गुणवत्तायुक्त शिक्षा दिलाने एंव हमारे देश से निरक्षरता का खात्मा कर शिक्षित देश भारत बनाने मे सफल होंगे।

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