Thursday, September 20, 2018
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कई ग्राहक सेवा केंद्रों की सेवा ब्लॉक, परेशान हो रहे हैं ग्रामीण, जानिए इसकी वजह

 

रायपुर मुनादी

 

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प्रदेश के भारतीय स्टेट बैंक के 100 से भी अधिक ग्राहक सेवा केंद्रों की आइडी ब्लॉक हो गई है। एस बी आई के रीजनल आफिस से जब हमने इसकी जानकारी लेनी चाही तो पता चला पूरे प्रदेश में यही हाल है। इस वजह से लाखों ग्राहक न तो अपने खाते में पैसा जमा कर पा रहे हैं और न ही निकाल पा रहे हैं।वित्तीय समावेशन नीति के तहत छत्तीसगढ़ के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों मे भारतीय स्टेट बैंक ने 2010 में बैंकिंग सुविधाओं को विस्तार देने के उद्देश्य से उन जगहों पर व्यक्तिगत तौर पर संचालित ग्राहक सेवा केंद्रों की स्थापना की, जहा बैंक की शाखाएं नहीं थीं और उपभोक्ताओं को बैंकिंग सुविधा के लिए तीन से पाच किलोमीटर तक जाना पड़ता था। इस वजह से बहुत सारे लोग, खासकर छोटी आय वर्ग के लोग बैंक से नहीं जुड़ पा रहे थे। ग्राहक सेवा केंद्रों ने ऐसे उपभोक्ताओं को बैंकिंग से जोड़ा।प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत जशपुर एवं रायगढ़ जिले मेइन ग्राहक सेवा केंद्र के संचालको ने लाखों खाते खोले थे।
अब बैंक इन संचालकों को नीजी कंपनियों मे शामिल करना चाहती है
ग्राहक सेवा केंद्रों का एग्रीमेंट बैंक एक साल के लिए करता रहा है। 2017 तक इस एग्रीमेंट का नवीनीकरण होता रहा, लेकिन अगस्त 2017 में बैंक ने ग्राहक सेवा केंद्रों को नोटिस जारी कर कहा कि अब वे नेशनल बीसी (बिजनेस करेस्पाडेंट) के साथ जुड़कर कार्य करें, जिस पर रायगढ़ एवं जशपुर के सभी संचालकों ने बैंक के विरुद्ध छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट मे पीटीसन दायर कर बैंक के फैसले के विरुद्ध स्थगन लिया गया थाअब बैंक नयी रणनीति के तहत मार्च सेअब ऐसे सेवा केंद्रों के एग्रीमेंट का नवीनीकरण नहीं करना चाह रही है बैंक ने .रायगढ़ रीजन आफिस के अंतर्गत सैकड़ो ग्राहक सेवा केंद्र बंद कर दिए है जिससे उनकी आइडी ब्लाक हो गई। इन सेवा केंद्रों से जुड़े ग्राहक पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं। अब ग्राहक सेवा केंद्रों से कोई ट्राजेक्शन नहीं हो पा रहा है।जिसकी वजह से पेशन धारी.मजदूर. किसान.आवास हितग्राही सहित तमाम ऐसे ग्रामीण जिनके खाते ग्राहक सेवा केंद्र मे है अपनी राशि पाने के लिए दर दर भटक रहे है

क्या है नेशनल बीसी

भारतीय स्टेट बैंक सोसाइटी या ट्रस्ट के अंतर्गत रजिस्टर्ड कंपनियों को बैंकिंग सुविधा देने के लिए आमंत्रित करता है। उनसे वह बैंकिंग सुविधाओं को विस्तार देने के लिए टाइअप करता है। उन्हें ही नेशनल बीसी (बिजनेस करेस्पाडेंट) कहते हैं। ये नेशनल बीसी अपने ग्राहक सेवा केंद्र खोलते हैं और उनसे बैंकिंग कार्य कराते हैं। ये ग्राहक सेवा केंद्र वहीं खोले जाते हैं जहा बैंक की शाखाएं न हों। प्रत्येक खोले जाने वाले खाते पर मिलने वाला कमीशन नेशनल बीसी को जाता है और वह उसमें से कुछ हिस्सा ग्राहक सेवा केंद्रों को प्रदान करता है।

क्या है व्यक्तिगत ग्राहक सेवा केंद्र

नेशनल बीसी का कासेप्ट आने के पूर्व भारतीय स्टेट बैंक ने दूर-दराज क्षेत्रों में जहा बैंक की शाखाएं नहीं थीं, वहा निजी लोगों को ग्राहक सेवा केंद्र का आवंटन किया था। इन लोगों ने बैंक के ना‌र्म्स के अनुसार सारी औपचारिकताएं पूरी की। कंप्यूटर व फर्नीचर आदि खरीद कर आफिस बनाया। इन्हें भी प्रत्येक खोले जाने वाले खाते पर बैंक कमीशन देता है। यह कमीशन सीधे इन्हीं को मिलता

कया है वित्तीय समावेश नीति

वित्तीय समावेशन नीति के तहत सरकार ने पिछड़े एवं कम आय वाले लोगों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए यह योजना प्रारंभ की थी 70 फ़ीसदीआबादी आज तक बैंकिंग कार्य से नहीं जुड़ पाया ऐसे लोगों को बैंक से जोड़ने के लिए कांग्रेस शासनकाल में यह योजनालाया गयाका जिसके तहत गांव गांव में बैंक के द्वारा किए ग्राहकसेवा केंद्र की स्थापना की गई इसमेंमजदूर पेंशनधारी ग्रामीण आदि का खाता खोला गया देश के बैंकों एवं खासकरस्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ऐसे हजारों ग्राहक सेवा केंद्रसेंटर एग्रीमेंट के तहत बिज़नेस रेस्पोंडेंट नियुक्त किए गए जिन्हें कमीशन सैलरी दी जाने लगी इस बीचमोदी सरकार ने जन धन योजना लागू कर ग्रामीणों का खाता खोलने की योजना बनाई जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के इन संचालकों ने लगभग 25000 करोड़ खाता खोल दिया गया जो कि एकवर्ल्ड रिकॉर्ड बना एवं मोदी सरकार की जमकर तारीफ हुई बैंकों में खाता खुलवाने के अलावा आधार कार्ड इनिंग ग्राहकों की राशि जमा निकासी प्रधानमंत्री बीमा योजना पेंशन योजना बीमा योजना कार्य कराया गयाअब देश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में संचालन कर रहे इन संचालकोंको अब बैंक अपने मुनाफे के कारण निजी हाथों में एक बहुत बड़ी सोच साजिश के तहत हजारों के संचालकों को हटाकर निजी कंपनी दी जा रही है पिछले दिनों जुलाई-अगस्त 2017 बैंक ने को इस आशय का एक फरमान जारी करते हुए निजी कंपनियों में जुड़कर कार्य करने का हवाला देते हुए बंद करने की बात कही थी जिसकेपश्चात विभिन्न प्रदेशोंके हाईकोर्ट पंजाब यूपी राजस्थान गुजरात मध्यप्रदेश संचालकों ने मामला हाईकोर्ट में लगाया था जहां से सभी हाई कोर्ट नेबैंक के उस आदेश के विरुद्ध अगर स्थगनऑर्डर जारी किया था अपने उस अब बैंक फिर से एक नई रणनीति के तहत यह फरमान जारी कर रही है कि अब ग्राहक सेवा केंद्र का एग्रीमेंट नहीं करना चाहती इसके पीछे अभी तक ठोस कारण बैंक नहीं बता रही है पिछले कुछ दिनों में बैंक ने हजारों सेवा केंद्रों का एग्रीमेंट निरस्त करते हुए उन संचालक को ओ ऐसी परिस्थिति मैं ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए लाखों खाताधारकों क्या होगा यह बैंक अब तक स्पष्ट नहीं कर पा रही है सबसे खास बात यह है कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए समस्त खातों में न अंगुलियों के निशान से खाते खोले गए हैं ऐसे में ग्राहक सेवा केंद्र बंद होते हैं तो इन ग्रामीण खाता धारकों की राशि का आहरण कैसे किया जाएगा यह स्पष्ट नहीं है साथी साथ पिछले 10 वर्षों से ग्राहक सेवा केंद्रों मैं कार्य कर रहे इन संचालकों का भविष्य क्या होगा यह भी स्पष्ट नहीं है

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