Wednesday, December 19, 2018
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विश्वहिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष और “बूढ़ी माँ “का झगड़ा सड़क पर क्यों आया ?

 

विश्वहिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष और पानी के स्पर्श मात्र से बड़ी बड़ी ब्याधाओं को दूर करने वाली एक बूढ़ी माई के परिवार के बीच चल रहा अंदरूनी झगड़ा अब सड़क पर आ गया है । बूढ़ी माई के बेटे मनोहर पटेल और विश्वहिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष बजरंग शर्मा के बिच करोड़ों की जमीन को लेकर चल रहे विवाद हांलाकि कुछ महीने पहले ही सड़क पर आ चुका था जब मनोहर पटेल अपनी 75 वर्षीय बूढी माई और पूरे परिवार के साथ बजरंग शर्मा के विरुद्ध आमरण अनशन पर बैठ गया था । एक हप्ते तक चले अनशन को रोकने लिए प्रशासन ने एड़ी चोटी एक कर दिया था आखिर में पटेल के आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही का भरोसा देकर परिवार को अनशन से उठा दिया गया ।लेकिन महीनों बाद भी जब मनोहर पटेल के आवेदन पर कोई कार्यवाही नही हुई तो 8 दिन पहले उन्होंने फिर से उसी जगह पर आमरण अनशन पर बैठने का एलान कर दिया । एलान के मुताबिक आज याने 4 अक्टूबर को मनोहर पटेल अपनी बूढ़ी माई और परिवार के साथ आज उसी जगह पर आमरण अनशन पर बैठने वाले थे लेकिन कल पथलगांव प्रशासन ने मनोहर पटेल के उस टेंट को उखड़वा दिया जिसमें वह आमरण अनशन पर बैठने का फैसला लिया था। तहसीलदार पथलगांव ने बताया कि मनोहर पटेल से उनकी बात हुई है और उन्हें कार्यवाही के लिए आश्वश्त किया गया है ।उनकी समझाईस पर आमरण अनशन स्थगित कर दिया गया है । पुलिस एसडीओपी पथलगांव से जो जानकारी मिली उसके मुताबिक पुलिस अधीक्षक जशपुर ने आज मनोहर पटेल और उनके प्रतिनिधि मंडल को चर्चा हेतु बुलाया है । चर्चा के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

क्या कहा मनोहर पटेल ने ?

हम आपको बता दें कि पूरा मामला आखिर है क्या इसके लिए सबसे पहले हमने मनोहर पटेल से सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि पथलगांव स्थित जेपी लॉज सरकारी जमीन पर काबिज है जिसकी शिकायत उन्होंने की थी ।उनकी शिकायत के बाद कुवहः दिनों तक मामला चला उसके बाद जब जांच हुई तो जांच में करीब 2700 वर्ग फ़ीट पर बेजा कब्जा होना पाया गया बावजूद इसके अब तक प्रशासन ने कोई कार्यवाही नही की ।विश्वहिन्दू परिषद् के जिलाध्यक्ष बजरंग शर्मा का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि जेपी लाज दरसअल इनके भाई का लॉज है और इनकी रासूखदारी के आगे शासन प्रशासन के सारे नियम और क़ानून नतमस्तक है ।पेशेवर वकील होने के चलते इलाके में इनका खौफ है ।प्रशासन भी इन्हें बचाने में लगा है । उन्होंने मुनादी डॉट कॉम को बताया कि प्रशासन और पुलिस उनपर लगातार दबाव बना रही है और उन्हें न्याय देने के बजाय फजूल के मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है । रात रात को पुलिस के लोग घर में नोटिस देने आ रहे है । उन्होंने बताया कि पथलगांव प्रशासन न्र उनके संबैधानिक अधिकार का हनन करते हुए उनके टेंट को कल ही उखाड़ दिया । आज से शुरू होने वाले आमरण अनशन के बारे में उन्होंने बताया कि आज उन्हें पुलिस अधीक्षक जशपुर ने बुलाया है ।उनसे मिलने उनका प्रतिनिधि मंडल जशपुर जा रहा है ।2 दिनों में कार्यवाही का भरोसा आज फिर दिया गया है कार्यवाही नही हुई तो दो दिन फिर से आमरण अनशन पर बैठेंगे।

क्या कहते हैं जिलाध्यक्ष ?

इधर इस मामले में हमने वुश्व्हिन्दु परिषद के जिलाध्यक्ष बजरंग शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि दरअसल मनोहर पटेल के विरुद्ध जाति बदलकर करोडो की जमीन हथियाने का एक मामला था ।चूँकि वह पेशे से वकील हैं इसलिए उन्होंने मनोहर पटेल के विरुद्ध पैरवी की थी ।हमारी पैरवी से मनोहर पटेल केस हार गया और हेराफेरी करके हथियाने की कोशिश की जाने वाली करोड़ों की जमीन उसके हाथ से निकल गयी जिसकी खुन्नस में मनोहर पटेल उन्हें बदनाम कर उन्हें बेवजह के मामले में उलझाने में लगा हुआ है उसके किसी भी आरोप का सच्चाई से कोई वास्ता नही है ।

कौन हैं बूढ़ी माँ
हम आपको बता दें कि मनोहर पटेल की 75 वर्षीय माँ को बूढ़ी माई के रूप में लोग जानते है ।बताया जाता है कि कोई भी शारीरिक या शैतानी बाधा हो उसे बूढ़ी माँ दूर कर देती है । पुराने और असाध्य बीमारियों का इलाज केवल पानी के स्पर्श से ठीक हो जाते हैं ।

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