Monday, January 21, 2019
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नदी के पानी का अवैध उपयोग, विभाग मौन, सत्ता बदलते ही ठेकेदार ने बदल दी पार्टी, पढिये अजब कहानी

 

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रायगढ़ मुनादी।।

 

 

शहर के उर्दना सर्किट हाउस बाईपास सड़क निर्माण विवादों में घिर चुका है । सड़क का निर्माण जहां गुणवत्ता विहीन तो किया ही जा रहा है । साथ ही सड़क पर पिछले 2 महीने से जो पानी डाला जा रहा है वह अवैध तरीके से नदी के पानी का दोहन कर उपयोग में लाया जा रहा है। इस सवाल को लेकर जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी गोलमोल जवाब दे रहे हैं।

हालांकि अधिकारी इस बात को स्वीकार तो कर रहे हैं कि यदि नदी में पानी का पर्याप्त बहाव हो और घाट चौड़ा हो जहां पानी पर्याप्त मात्रा में बह रहा हो वहां से पानी तो लिया जा सकता है लेकिन यदि घाट सकरी हो और वहां पानी का बहाव नहीं हो ऐसी स्थिति में नदी से पानी लेने के नियम है, लेकिन इतनी पेचिदगियों पर कोई ध्यान नहीं देता। हालांकि यह गलत है लेकिन किन-किन गलत बातों पर ध्यान दें।जब इस तरह का जवाब मिले तो क्या …?

इस मुद्दे को लेकर अधिकारी भी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं कभी इस पर तो कभी उस पर नदी से पानी लेने की जिम्मेदारी और अनुमति की बात को थोप रहे हैं। ऐसे में सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार अशोक केजरीवाल के द्वारा जिस तरह से बहाव विहीन नदी से पानी लगातार दोहन किया जा रहा जल संसाधन विभाग के अधिकारियो के हाथ ठेकेदार पर कार्रवाई करने से कांप क्यो रहे हैं। जिस तरह से करोड़ो रूपये की लागत से बनने वाला सड़क निर्माण भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ ही रहा है बिना किसी अनुमति के नदी का पानी दोहन मामले में कोई करवाई न होना भी मिली भगत की आशंका को बलवती करता है।
ऐसे में कांग्रेस की सरकार पर अभी से सवालिया निशान उठने लगे हैं जबकि उन्हें अभी सरकार में आए महीने भर भी नहीं हुए हैं और ठेकेदार मनमर्जी करते हुए घटिया निर्माण कर रहे हैं और इस मामले में न सरकार के नुमाइंदे कुछ बोल पा रहे हैं और न ही इस ओर ध्यान दिया जा रहा है और तो और नदी से ऐसी जगह से पानी ले रहे हैं जहां पानी का बहाव तो है ही नहीं, जो पानी है वह भी गंदा पानी है और उसे भी ठेकेदार अपने सड़क निर्माण का उपयोग कर रहे हैं।

खास बात ये है कि केलो नदी पहले ही अपने अस्तिव को लेकर जद्दोजहद कर रही है शहर के तमाम लोग इसे बचाने के लिए तमाम जतन कर रहे है। वही केलो नदी के अस्तिव को बचाने और लोगो मे जन जागरूकता लाने की मंशा से केलो मैया की महा आरती का भव्य कार्यक्रम की तैयारी जोर शोर से चल रही है। वही दूसरी ओर एक राजनैतिक रसूखदार ठेकेदार केलो नदी से बकायदा पम्प लगाकर पानी का दोहन किया जा रहा है उस खामोशी समझ से परे है। जबकि सड़क निर्माण कार्य एक व्यवसायिक प्रयोजन है इसके लिए नियम है।

 

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