Friday, December 14, 2018
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जशपुर कलेक्टर को राष्ट्रीय जनजातीय आयोग ने फिर थमाया नोटिस और कहा -“अगर नही मिला जवाब तो ……

पांच वर्षों से आर ई एस विभाग Hजशपुर ने
आदिवासी मजदूरो कि हजारों रुपये नही दी मजदूरी

राष्ट्रीय जन जाति आयोग ने लिया संज्ञान, जशपुर कलेक्टर को लिखा पत्र मंगाया
पूरी रिपोर्ट

 

जशपुर मुनादी

 

 

ग्रामीण यांत्रिकी विभाग जशपुर द्वारा
पत्थलगांव मे चार वर्ष पूर्व कराये गये चबूतरा निर्माण कार्य मे लगे गरीब
आदिवासी मजदूरों से काम कराने के बाद मजदूरो से मास्टर रोल मे यह बोलकर
हस्ताक्षर करा लिया कि हस्ताक्षर होने के बाद जशपुर जायेगा फिर वहा से पैसा
आयेगा इसके बाद मजदूरी की राशि मिलेगा, भोले भाले आदिवासी गरीब मजदूरो मे अनेक मजदूरो ने मास्टर रोल मे  यह सोच कर हस्ताक्षर कर दिया कि पहले जो काम किये थे
उसका पैसा जशपुर से पैसा आने के बाद उन्हें मिल गया था किंतु दूसरे माह का
मजदूरी उन्हें नही मिला जिसके लिये उन मजदूरो ने अनेको बार आर ई एस कार्यालय के एस डी ओ एवं उपयंत्री के कार्यालय सहित टी एस एस कार्यालय का चक्कर चक्कर
काटते रहे। मजदूरो को उनके परिश्रम की राशि दिलवाने टी एस एस के उपाध्यक्ष भी
प्रयास मे लगे रहे जिसके परिणाम स्वरूप वर्ष 2017 मे एक मास्टर रोल गोदाम
निर्माण मे कार्य करने वाले मजदूरों कि मजदूरी का तो उन मजदूरो को चार वर्ष
बाद मजदूरी दिया गया किन्तु चबूतरा निर्माण में कार्य करने वाले मजदूरो को उनकी मजदूरी अब तक नही मिला है। अब मजदूरो के साथ यह समस्या है कि वे
अपनी रोजी  रोटी छोड़ कर बार बार दफ्तर का चक्कर लगा नही सकते और तो और इस चार पांच साल के
अन्तराल मे पत्थलगांव से लेकर जशपुर तक अनेक अधिकारी कर्मचारियों का तबादला हो
चुका है, यहा तक कि एक लिपिक रिटायर भी हो चुके है ऐसी स्थिति मे मजदूरो का
कोई सुनता भी नही जबकि मजदूरो ने अनेको बार अधिकारीयो से लेकर लोक सुराज, जनदर्शन तक मेहनत की मजदूरी दिलाने गुहार लगा चुके किन्तु अभी तक उन गरीब
आदिवासी मजदूरो कि पूरा मजदूरी उन्हे दिलाने वाला कोई नही मिला, अन्ततः टी एस एस के सदस्य विजय त्रिपाठी के माध्यम से मजदूरो ने राष्ट्रीय जन जाति आयोग
भारत सरकार का दरवाजा खटखटाया है और राष्ट्रीय जन जाति आयोग ने जशपुर कलेक्टर
को जिला का मालिक होने के नाते पत्र भेज कर मजदूरो को अब तक नही मिलि मजदूरी
के बारे मे पूरी जानकारी कारण सहित मंगाया है। अब देखना यह है कि जन जाति आयोग
भी उन चार पांच वर्षों से अपनी मेहनत की मजदूरी पाने दौड़ रहे है उन्हें उनकी
मेहनत की मजदूरी दिला पाती है या नही।

 

राशि हड़प कर जाने कि सुग बुगाहट—?

 

 

उपरोक्त कार्य मे कार्यरत मजदूरो के मजदूरी राशि के बारे में हमने जानने की
कोशिश की तो अधिकारियों ने अपने नये पदस्थ होने का हवाला देकर सम्बन्धित यादव
नामक लिपिक से जानकारी कर लेने की बात कहि गयी जिसपर लिपिक यादव ने रायपुर से
आन लाईन चेक नही कट पाया है और जैसे ही चेक कट जायेगा मजदूरो की राशि एस डी ओ
आर ई एस कार्यालय पत्थलगांव भेज दिया जावेगा कि बाते कहि किन्तु जानकारी के
अनुसार उक्त बातें उक्त लिपिक एक वर्ष से बोल रहा है। वही सूत्रों कि माने तो
सूत्रों का कहना है कि मजदूरो कि उक्त मजदूरी राशि को आहरण कर बन्दर बाट कर
लिया गया होगा जो जाच कराये जाने पर ही सचाई का पता लग सकता है।

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