Tuesday, December 11, 2018
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रामपुकार के लिए आसान नही है राह ! पत्थलगांव से 7 बार विधायक रहे रामपुकार की राह में इतने रोड़े…. पढिये खाश रिपोर्ट

राजेश पांडेय//जशपुर जिले का पत्थलगांव सीट कांग्रेस के लिए किसी हॉट सीट से कम नही है क्योंकि यहां से चुनाव कोई ऐसे वैसे नही यहाँ से 7 बार लगातार विधायक और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे रामपुकार सिंह चुनाव लड़ रहे हैं । रामपुकार सिंह कांग्रेस परिवार के ऐसे सख्शियत हैं जो निर्विवाद और मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी हैं। इन्हें कांग्रेस का निर्विवाद और स्पष्ट छवि का नेता माना जाता है । रामपुकार की यही छवि रामपुकार के लिए संकट पैदा करता दिख रहा है । आज से एक साल पहले का इतिहास पर गौर करें तो बेदाग छवि के इस वरिष्ठ नेता को लगभग किनारे करने की सारी कोशिशें कर ली गयी थी । कांग्रेस के मतदाता सूची से इनके नाम तक हटा दिए गए इसके अलावे कई बड़े कार्यक्रमो में इनकी भारी उपेक्षा की खबरें आईं आखिरी में इन्हें खुद से जुबान खोलनी पड़ी। ये खुद से सामने आए तब जाकर ताल मेल स्थापित हुआ। इसी क्रम में जब टिकट बंटने की बारी आयी तो इसमें भी इन्हें काटने की कवायद शुरू कर दी गयी इनकी उम्र का हवाला देकर इनके पैरलर में महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रत्ना पैंकरा को इनके पैरलर में खड़ा कर दिया गया । रत्ना पैंकरा जिला पंचायत सदस्य भी हैं और कंवर समाज से भी हैं इसलिए इनकी दावेदारी भारी पड़ती चली गयी और टिकट के लिए आखिरी तक संघर्ष चला । हांलाकि इन्हें और इनके समर्थकों को टिकट मिलने की 100 फीसदी उम्मीद थी लेकिन सवाल यह नही है सवाल यह है कि आखिर इतनी घेराबंदी क्यों और इतने प्रपंच के बाद चुनाव में इनके साथ ईमानदारी बरती जाएगी यह भला कैसे उम्मीद लगा लें। वह भी तब जब चर्चा इनके सीएम बनने की शुरू हो गयी हो । आपको बता दें कि कांग्रेस में सीएम की लड़ाई काफी पहले से शुरू हो गयी है और इस दौड़ में खुद छग कांग्रेस के एम्पायर टीएस बाबा सबसे आगे माने जा रहे हैं  इनके बाद भी और कई लाइन में हैं ।अगर पूर्व का सर्वे सटीक बैठा और कांग्रेस बहुमत में आई तो सीएम के लिए घमासान का मचना भी करीब करीब तय है ऐसे में अगर रामपुकार चुनाव जीत जाते हैं तो  सीएम के दावेदारों के बीच एक और बड़ा दावेदार खड़ा हो जाएगा।

     सियासत  में सत्ता के लिए संघर्ष और दांव पेंच की यह कोई नयी कहानी नही है ऐसा हर बार होता रहा है जाहिर है इस बार भी हो रहा है ।देखना ये है कि पत्थलगांव में रामपुकार व्यूह को भेदने में कितना सफल हो पाते हैं ।

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